लोकसभा उप चुनाव के लिए अंदरखाने गोटी सेट करने में जुटी कांगे्रस

गठबंधन को लेकर पार्टी ने शुरू कर दी है कवायद
बात बनी तो सपा-कांग्रेस मिलकर लड़ सकते हैं चुनाव

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के विधान परिषद में पहुंचने के बाद प्रदेश की दो लोकसभा सीटों और एक विधानसभा सीट पर होने वाले उप चुनाव में सभी दलों में सीट निकालने की होड़ मची हुई है। सभी दल रणनीति तैयार कर रहे हैं लेकिन इस चुनाव को लेकर बेहद खामोश कांग्रेस अन्दरखाने अपनी गोटी सेट करने में जुटी हुई है। इन सीटों पर चुनाव के लिए गठबंधन को लेकर भी कांग्रेस में चर्चाएं चल रही हैं, यदि बात बनती है तो सपा कांग्रेस इन सीटों पर मिलकर चुनाव लड़ सकती हैं। इसके अलावा इन सीटों पर अपना जनाधार मजबूत करने के लिए कांग्रेस ने अपने कार्यकर्ताओं को भी सक्रिय कर दिया है।
केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार के आने के बाद से कुछ राज्यों को छोडक़र देश के अधिकांश राज्यों में हुए चुनावों में भारतीय जनता पार्टी जीत दर्ज कर चुकी है। प्रदेश में भी पहली बार भाजपा ने अप्रत्याशित प्रदर्शन किया और सहयोगी दलों के साथ विधानसभा की कुल 403 में 325 सीटों पर कब्जा कर लिया। हालांकि प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के कमान संभालने के बाद भी कानून-व्यवस्था में कोई सुधार नहीं दिख रहा है। यही नहीं गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में हुई दर्जनों बच्चों की मौत ने भी सरकार की काफी किरकिरी करा दी है। इसके बावजूद प्रदेश सरकार कोई त्वरित कार्रवाई करती नहीं दिख रही। इस मुद्दे को कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों ने प्रमुखता से उठाया। इस मामले में कांग्रेस सबसे ज्यादा सक्रिय दिखी। जिस कानून-व्यवस्था को लेकर भाजपा पूर्ववर्ती सरकारों पर लगातार हमलावर रही वही आज खुद को बचाती दिख रही है। इस मामले में भाजपा नेता भी संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहे हैं। जाहिर है प्रदेश में होने वाले उप चुनाव में विपक्ष इस मुद्दे को भुनाएगी। लिहाजा केवल कानून-व्यवस्था और अस्पतालों में नौनिहालों की मौतें ही नहीं बल्कि देश की कर प्रणाली में आमूल-चूल परिवर्तन करने वाली कर व्यवस्था जीएसटी का आम जनता और छोटे व मझोले व्यापारियों पर पडऩे वाला असर चुनाव पर पड़ सकता है। कांग्रेस अंदरखाने उपचुनाव के लिए कमर कस रही है। पार्टी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के जन्मशती समारोहों के जरिये राष्ट्रभक्त बनाम देशभक्त का वातावरण बना कर भाजपा को घेरने का अभियान छेड़ दिया है। इसके लिए प्रदेश में दस स्थानों पर बड़े आयोजन किए जा रहे हैं, जिसमें इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्रित्व काल की नीतियों और उपलब्धियों को प्रचारित करने के साथ भाजपा सरकारों को जवाब देने की तैयारी शुरू की गई है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर का कहना है कि भाजपाई खुद को राष्ट्रभक्त होने का दावा करते रहे हैं लेकिन, उन्हें देशभक्ति कांग्रेसियों से सीखनी होगी। देशभक्त व राष्ट्रभक्त होने में मामूली अंतर है। देशभक्त अपने देश के लिए प्राण न्यौछावर करता है और राष्ट्रभक्त केवल नारे लगाकर सांस्कृतिक बदलाव की बातें करते हैं। भाजपाई बताएं कि उनके कितने लोगों के देश की खातिर कुर्बानी दीं। इंदिरा गांधी के जन्मशती समारोह के कार्यक्रम लखनऊ से शुरू होकर झांसी, वाराणसी, मेरठ, बरेली, अलीगढ़, गोरखपुर, रायबरेली, आगरा, इलाहाबाद तक होंगे। इसका समापन इलाहाबाद में 17 अक्टूबर को होगा। प्रत्येक कार्यक्रम मेंं आसपास के जिलों से भीड़ जुटायी जाएगी। प्रत्येक न्याय पंचायत व शहरी क्षेत्रों में वार्ड से एक कार्यकर्ता की उपस्थिति अनिवार्य की गई है। यह क्रियाकलाप कांग्रेस लोकसभा उप चुनाव की सीटों को कब्जे में करने के लिए कर रही है। सूत्रों के मुताबिक सपा से बातचीत चल रही है। यदि बात बन गई तो दोनों पार्टियां इन सीटों पर मिलकर चुनाव लड़ सकती है। गौरतलब है कि योगी आदित्यनाथ की गोरखपुर और केशव प्रसाद मौर्य की फुलपुर सीट खाली होनी है।

खाली हो रही लोकसभा सीटों पर कांग्रेस चुनाव लड़ेेगी या नहीं अभी इस बात का फैसला नहीं हो सका है। इस बारे में शीर्ष नेतृत्व निर्णय लेगा। ऊपर से निर्णय होने के बाद हम लोग चुनाव की तैयारियों में जुटेंगे।
-अजय कुमार लल्लू नेता विधायक दल, कांग्रेस

प्रियंका और राहुल भी होंगे शामिल

समारोह की श्रृंखला में कांग्रेस के सभी शीर्ष नेता अलग-अलग स्थानों पर भाग लेंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी के अलावा उपाध्यक्ष राहुल गांधी के साथ प्रियंका गांधी भी किसी एक कार्यक्रम में शामिल हो सकती हैं। माना जा रहा है कि रायबरेली अथवा इलाहाबाद में होने वाले कार्यक्रम में गांधी परिवार के सदस्य भी शामिल होंगे। प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर ने बताया कि अभी शीर्ष नेताओं के कार्यक्रमों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। राहुल गांधी का शामिल होना लगभग तय है।

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