यूपी दौरे में कई बड़े संदेश दिए राष्ट्रपति कोविंद ने

दो दिवसीय दौरे पर कल आए थे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद कानपुर पहुंचे
कोविंद, ईश्वरीगंज में किया ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान की शुरुआत

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राष्ट्रपति बनने के बाद पहली बार उत्तर प्रदेश के दौरे पर आए रामनाथ कोविंद ने लखनऊ प्रवास के दूसरे दिन आज पंडित दीन दयाल उपाध्याय को नमन किया। अपने यूपी दौरे में राष्टï्रपति ने कई बड़े संदेश दिए। दलितों के बीच सफाई को लेकर भी कोविंद ने बड़ा संदेश दिया। राष्ट्रपति आज पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति वाटिका पहुंचे और उनकी मूर्ति पर श्रद्धासुमन अर्पित किया। इस मौके पर राज्यपाल राम नाईक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी भी मौजूद थे।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अपने दो दिवसीय दौरे पर कल लखनऊ पहुंचे थे। अपने दो दिवसीय दौरे में उन्होंने सफाई अभियान को लेकर बड़ा संदेश दिया। आज लखनऊ प्रवास के दौरान वह चारबाग स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति वाटिका पहुंचे और वहां उनकी मूर्ति पर श्रद्धासुमन अर्पित किया। यहां से राष्ट्रपति कानपुर के लिए रवाना हो गए। कानपुर में श्री कोविंद ने ईश्वरीगंज में ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान की शुरुआत किया। इस मौके पर उन्होंने लोगों से सफाई अभियान में सहयोग की अपील की।
इससे पहले आज सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राजभवन में राष्ट्रपति से भेंट किए। डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा, केशव मौर्या समेत कई मंत्री मौजूद थे। आज शाम राष्ट्रपति लखनऊ से नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे।

राष्ट्रपति के दौरे से पहले ईश्वरीगंज में हुआ हंगामा
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद आज दोपहर बाद कानपुर पहुंचे। राष्ट्रपति कानपुर देहात के ईश्वरीगंज का निरीक्षण करेंगे, लेकिन उनके निरीक्षण के पूर्व क्षेत्रीय लोगों ने सफाई व्यवस्था को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। ईश्वरीगंज की जनता का आरोप है कि क्षेत्र में सफाई व्यवस्था, जल निकासी और सडक़ों का हाल बहुत ही बुरा है। जन प्रतिनिधि और सरकारी विभागों के अधिकारी जनता की समस्याओं का निस्तारण करने को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं हैं। इसलिए लोगों ने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर हंगामा और प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में चारों तरफ गंदगी फैले होने की वजह से बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। वहीं ईश्वरीगंज के लोगों के हंगामा करने की सूचना पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसी तरह लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया।
ङ्क्षहदी को बढ़ावा देने के लिए आगे आए न्यायमूर्ति शशिकांत

कल हिंदी दिवस के मौके पर हाईकोर्ट के जज शशिकांत तीन निर्णय हिंदी में देकर आए चर्चा में

जज ने लिया संकल्प कहा हर सप्ताह कम से कम एक आदेश या निर्णय देंगे हिंदी में
15 अगस्त को सरस्वती अपार्टमेंट में आयोजित कार्यक्रम में भी ङ्क्षहदी के अधिक से अधिक प्रयोग पर दिया था बल

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति शशिकांत ने गुरुवार को हिंदी दिवस के मौके पर हिंदी में तीन निर्णय देकर एक मिशाल पेश की। उनके हिंदी में निर्णय देने की खबर चर्चा में है। लोगों का कहना है कि न्यायमूर्ति की यह पहल सराहनीय है। उनके इस कदम से अन्य विभागों के लोग प्रेरणा लेंगे। इससे एक तो कामकाज में हिंदी का चलन बढ़ेगा दूसरे अधिकांश लोगों को समझने में सहूलियत होगी।
हिंदी दिवस (14 सितंबर) के मौके पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति शशिकांत ने तीन निर्णय हिंदी में देने के साथ संकल्प लिया कि सप्ताह में कम से कम एक आदेश या निर्णय वह हिंदी में लेंगे। उनके इस पहल का लोगों ने स्वागत किया है। न्यायमूर्ति शशिकांत सरकारी कामकाज में हिंदी भाषा के प्रयोग के हिमायती शुरु से रहे हैं। हिंदी के प्रयोग को लेकर वह सार्वजनिक मंच से भी अपील कर चुके हैं। गोमती नगर विस्तार स्थित सरस्वती अपार्टमेंट जहां जज शशिकांत रहते हैं, 15 अगस्त को आयोजित कार्यक्रम में वह मुख्य वक्ता के तौर पर शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने अपील की थी कि लोग हिंदी का प्रयोग अधिक से अधिक करें। न्यायमूर्ति शशिकांत का कहना है कि हिन्दी में निर्णय देने का विचार उनके मन में काफी समय से चल रहा था। उनका मानना है कि उच्च न्यायालय की भाषा भी आम लोगों की भाषा होनी चाहिए ताकि अंग्रेजी न जानने वाला व्यक्ति भी न्यायालय के निर्णय को पढ़ व समझ सके। इसीलिए उन्होंने इस वर्ष हिन्दी दिवस पर हिंदी भाषा में निर्णय करने का मन बना लिया था। उनका प्रयास था कि कल पहले आदेश से ही हिन्दी भाषा का प्रयोग करने लगें लेकिन हिन्दी के स्टेनो कम होने के कारण तीन मामलों में ही हिन्दी में निर्णय दे सके। उन्होंने संकल्प लिया कि अब प्रत्येक सप्ताह कम से कम एक निर्णय या आदेश हिंदी में करेंगे। आमतौर पर हाईकोर्ट के न्यायिक कामकाज में अंग्रेजी का ही अधिकारिक भाषा के तौर पर इस्तेमाल होता है। ऐसे में जज शशिकांत के इस पहल से हिंदी का प्रयोग होने से अंग्रेजी न समझ पाने वालों को काफी सहूलियत मिलेगी।
जस्टिस शशिकांत जी सोसाइटी में भी लोगों से देश को बेहतर और स्वाभिमान बढ़ाने की बात कहते है। पंद्रह अगस्त को अपने संबोधन में भी उन्होंने सफाई अभियान और हिंदी के प्रयोग की बातें कही थी। मैं सौभाग्यशाली हूं कि मैं उस सोसाइटी का सचिव हूं जहां शशिकांत जी जैसे सम्मानित न्यायमूर्ति रहते हैं ।
-संजय शर्मा, सचिव सरस्वती अपार्टमेंट

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