किडनी चोरी मामले में कोर्ट सख्त, जांच के आदेश

लखनऊ। केजीएमयू में किडनी चोरी के मामले में डॉक्टरों की मुश्किल कम होती नहीं नजर आ रही हैं। पीजीआई से मिली क्लीनचिट के बाद कोर्ट ने किडनी चोरी मामले की जांच सीएमओ को सौप दी है। पिछले दिनों बाराबंकी निवासी पृथ्वीराज घायल हो गया था। उसे पेट में गंभीर चोटें आई थी। परिजन उसे लेकर केजीएमयू के ट्रामा सेंटर पहुंचे थे। जहां डॉक्टरों ने रात में ही पृथ्वीराज का ऑपरेशन किया। काफी दिनों बाद पृथ्वीराज को दोबारा पेट में दिक्कत हुई तो अल्ट्रासाउंड कराया। जिसमें एक किडनी नहीं दिखी। इस पर पृथ्वीराज ने केजीएमयू के डॉक्टरों पर किडनी चोरी का आरोप लगाया। मामले पर शासन ने पीजीआई के डॉक्टरों की टीम गठित कर जांच कराई। इसमें चिकित्सकों को क्लीन चिट दे दी गई थी। पृथ्वीराज ने पीजीआई जांच पर सवाल उठाते हुए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने जांच के लिए सीएमओ की अध्यक्षता में बोर्ड का गठन किया है। इसमें लोहिया संस्थान के नेफ्रोलॉजिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट व बलरामपुर अस्पताल के सर्जन शामिल हैं।
मेडिकल कॉलेजों से मांगा लाशों का ब्योरा
लखनऊ। जीसीआरजी मेडिकल कॉलेज के बाद अब राजधानी के सभी मेडिकल कॉलेजों पर जांच की तलवार लटक रही है। राजधानी के सभी मेडिकल कॉलेज से लाशों का ब्योरा मांगा गया है। बीकेटी स्थित जीसीआरजी मेडिकल कॉलेज में 14 शव डेरा सच्चा-सौदा से मंगवाए गए थे। सिरसा से लखनऊ तक आए शवों पर हजारों रुपये खर्च हुए थे। निजी मेडिकल कॉलेजों व डेरा-सच्चा सौदा का कनेक्शन खंगालने के लिए अब जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। सीएमओ डॉ. जीएस बाजपेयी के मुताबिक जनपद के सभी मेडिकल कॉलेजों से शवों का ब्योरा मांगा गया है। उन्होंने बताया कि जीसीआरजी के साथ-साथ एरा मेडिकल कॉलेज, सरदार पटेल डेंटल कॉलेज, करियर मेडिकल कॉलेज व इंटीग्रल यूनीवर्सिटी से शवों लेकर रिपोर्ट तलब की गई। ये मेडिकल कॉलेज कब और कहां से कितने शव लाए इसकी रिपोर्ट देनी होगी। राज्य में 15 सरकारी व 16 निजी मेडिकल कॉलेज हैं। वहीं 23 के करीब डेंटल कॉलेज हैं। गौरतलब है कि निजी कॉलेजों को शव के लिए जुगाड़ लगाना पड़ता है। एनॉटमी की पढ़ाई के लिए अनिवार्य शवों के लिए मेडिकल कॉलेज को भारी जद्दोजहद करनी पड़ती थी। ऐसे में डेरा सच्चा सौदा इनके लिए सहारा बन गया था। अधिकतर मेडिकल कॉलेज सिरसा से ही शव लेते थे। वहीं डेरा प्रमुख राम रहीम की गिरफ्तारी के बाद हरियाणा सरकार ने उप्र में भेजे गए शवों की जानकारी मांगी है।

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