बाढ़ प्रभावित इलाकों में कई तटबंधों को खतरा

अतिसंवेदनशील तटबंधों की दिन-रात निगरानी, बचाव कार्य जारी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। बदायूं एवं रामपुर में गंगा एवं कोसी नदी पर बना तटबंध सुरक्षित है, लेकिन वहां हालात संवेदनशील बने हुए हैं। कुशीनगर, बलिया, आजमगढ़ तथा महराजगंज में बड़ी गंडक, गंगा, घाघरा तथा रोहिन नदी पर बने तटबंधों पर बचाव कार्य कराये जा रहे हैं। अति संवेदनशील बंधों पर रात-दिन निगरानी की जा रही है। तटबंधों के रेनकट्स को भरा जा रहा है।
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारी ने बताया कि आवश्यकतानुसार बाढ़ से बचाव के कार्य किए जा रहे हैं। बाढ़ से क्षतिग्रस्त तटबंधों को मरम्मत कराकर स्थिति को सामान्य बनाया जा रहा है। जिन स्थानों पर कटान हो रहा था वहां पर बंधे को सुरक्षित कर लिया गया है। सिद्धार्थनगर, गोरखपुर तथा देवरिया में रोहिन, राप्ती तथा गुर्रा नदियों पर बने तटबंधों के क्षतिग्रस्त भागों को ठीक कराकर स्थिति को सामान्य बनाया जा रहा है। राप्ती के सभी तटबंधों पर अभी भी स्थिति अति संवेदनशील बनी हुई है। हार्वट बंधे की स्थिति अब सामान्य हो रही है। मुख्य अभियन्ता (शारदा सहायक, मुख्य अभियन्ता (गण्डक) गोरखपुर, मुख्य अभियन्ता (सरयू प्रथम) फैजाबाद तथा मुख्य अभियन्ता (शारदा) द्वारा दी गई सूचना के अनुसार गोंडा, बाराबंकी, बहराइच, बलरामपुर, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, सीतापुर में घाघरा, राप्ती, शारदा तथा गंगा नदी पर बने तटबंधों पर स्थिति सामान्य हो रही है। कुछ तटबंधों की स्थिति अति संवेदनशील है किन्तु सुरक्षित है।

Pin It