अरबों की संपत्ति पर भू-माफिया का कब्जा, जमीन बचाने में नाकाम निगम

अवैध कब्जों को लेकर विभाग में आ चुकीं हैं तमाम शिकायतें
जानकारी के बावजूद कार्रवाई से पीछे हट रहा नगर निगम
पुलिस का सहयोग न मिलने का बहाना बना कर पल्ला झाड़ रहे जिम्मेदार

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। नगर निगम की अरबों की जमीन पर भू-माफिया कब्जा जमाए हुए हैं। हैरत यह कि निगम के पास अपनी जमीनों तक का ब्यौरा तक नहीं है। यही नहीं कई बार कब्जा हटाने की कार्रवाई की जाती है लेकिन इन पर दोबारा कब्जा कर लिया जाता है। फिलहाल निगम की जमीनों पर कब्जा जारी है। जमीनों पर अवैध कब्जे की शिकायत होने के बावजूद निगम कार्रवाई नहीं कर पा रहा है। जिम्मेदार अधिकारी पुलिस का सहयोग न मिलने का बहाना बना कर मामले से पल्ला झाड़ रहे हैं।
विभाग की खाली पड़ी जमीनों के अलावा निगम की डिस्पेंसरी पर भी भू-माफिया की नजरें हंै। आलम यह है कि जिन संपत्तियों पर निगम के कर्मचारी और विभाग के लोग मौजूद हैं उन पर भी लोग कब्जा करने से नहीं चूक रहे हैं। ऐसे में विभाग की खाली पड़ी जमीनों पर हो रहे कब्जों का अंदाजा लगाया जा सकता है। नगर निगम में अवैध कब्जों को लेकर समय-समय पर जनता की ओर से शिकायतें आती रहती हैं। बीते दिनों नगर निगम में अवैध कब्जों को लेकर कुछ शिकायतें मिली, जिन पर विभाग द्वारा कार्रवाई की गई लेकिन कुछ पर दोबारा कब्जे हो गए और कुछ पर तो कब्जे हटे ही नहीं। मल्हपुर रिंग रोड स्थित पुलिस चौकी और जैसवाल मार्केट के बीच खसरा सख्या-236 पर अवैध कब्जे को लेकर नगर आयुक्त से कई बार शिकायत की गई है। न्यू हैदरगंज द्वितीय वार्ड-18 के लोगों ने स्थानीय पार्षद पलक रावत को अवैध कब्जे की सूचना दी थी। अवैध कब्जे को लेकर नगर निगम में पार्षद ने कई बार प्रार्थना पत्र भी दिए। लेकिन कुछ नहीं हुआ। स्थानीय लोगों का कहना है कि अभी भी कब्जा नहीं हटा है। बताया जा रहा है कि खसरा नम्बर-236 अभिलेखों में नहर के रूप में दर्ज है। वहीं ग्राम बरावंकला की बात करें तो यहां भी भू-माफिया निगम की जमीनें कब्जा रहे हैं। बीतें दिनों खसरा संख्या 1676 रकबा 0.0540 हेक्टेयर व खसरा संख्या 1710 रकबा 0.0930 हेक्टेयर जमीन पर अवैध कब्जा होने की शिकायत स्थानीय लोगों ने नगर आयुक्त से की है। लोगों का कहना है कि यह जमीन राजस्व अभिलेखों में नवीन परती में दर्ज है। कब्जे को लेकर 22 जुलाई को बरावंकला गांव के रामू, अमित कुमार, अंशु, रवीश, संतोष रावत, अशरफ, राम लखन, प्रेमलता, मुन्नी व प्रेम सिंह ने नगर आयुक्त को शिकायती पत्र भेजा था। इसी तरह तहसील सरोजनी नगर स्थित औरंगाबाद खालसा में खसरा संख्या- 1713 क्षेत्रफल 2.699 हेक्टेयर भूमि पर गौशाला के नाम पर बाउंड्रीवाल व टीन शेड रखकर अवैध किया गया, जिसकी शिकायत नगर निगम को मिली तो लेखपाल को भेज कर काम रूकवा दिया गया। लेकिन दोबारा काम शुरू हो गया। हालांकि कब्जे के संबंध में नगर निगम की ओर से प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करा दी है, लेकिन कब्जा नहीं हटा। निगम के जिम्मेदार भी इस बात को स्वीकार कर रहे हैं।

डिस्पेंसरी की जमीन पर भी कब्जा
अपनी जमीन बचाने के लिए नगर निगम कितना सुस्त है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिस डिस्पेंसरी पर नगर निगम के कर्मचारी व वैद्य रोजाना मौजूद रहते हैं उस जमीन पर भी लोगों ने कब्जा कर लिया है। डालीगंज स्थित नगर निगम डिस्पेंसरी की जमीन पर पक्के निर्माण बन गए हैं। लोग उसमें निवास भी करने लगे हैं। डिस्पेंसरी के कर्मचारी और वैद्य द्वारा इसकी लिखित शिकायत उच्च अधिकारियों से की गई है लेकिन निगम प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। डिस्पेंसरी पर तैनात एक कर्मचारी ने बताया कि जमीन कब्जा न हो इसके लिए कई बार कब्जेदारों से विवाद हो चुका है। डिस्पेंसरी पर तैनात वैद्य रामनरेश ने बताया कि विभाग की जमीन पर हो रहे कब्जे को देखते हुए नगर स्वास्थ्य अधिकारी पीके सिंह को पत्र लिखकर अवगत कराया गया है। पत्र में डिस्पेंसरी की जमीन को बाउंड्रीवाल से सुरक्षित कराने का सुझाव भी दिया गया है। वहीं नगर स्वास्थ्य अधिकारी पीके सिंह ने वैद्य रामनरेश के द्वारा भेजे गये पत्र की पुष्टि करते हुए बताया कि अवैध कब्जे के मामले को गंभीरता को देखते हुए मुख्य अभियंता को अवैध कब्जा हटाने व बाउंड्रीवाल कराने के लिए कई बार पत्र भेजा जा चुका है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी।

नगर निगम लगतार अपनी जमीनों को कब्जा मुक्त कराने का प्रयास कर रहा है। इसके लिए समय-समय पर अभियान चलाया जाता है। अभियान की तय तारीख पर पुलिस बल न मिलने के कारण हमारा अभियान नहीं चल पाता है। जहां भी नगर निगम की जमीनों पर कब्जे हैं जल्द ही उनको कब्जामुक्त कराया जाएगा। अगर विभाग की डिस्पेंसरी की जमीन पर कब्जा है तो उसकी जिम्मेदारी रेंट विभाग की है।
-देशदीपक सिंह तहसीलदार, नगर निगम

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