बैंक कर्मियों की देशव्यापी हड़ताल, कामकाज प्रभावित

दिन भर परेशान रहे लोग

22 AUG PAGE8 FINAL

४पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। देश के राष्ट्रीयकृत बैंक और ग्रामीण बैंक आज हड़ताल पर रहे। बैंकों में तालाबंदी रही और कोई काम-काज नहीं हो सका। युनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर देशव्यापी हड़ताल में एक लाख ग्रामीण बैंक कर्मियों के शामिल होने का दावा किया गया है। आर्यावर्त अधिकारी एसोसिएशन भी राष्ट्रीयकृत बैंकों के साथ हड़ताल में शामिल होने का फैसला लिया था।
राजधानी लखनऊ में भी विभिन्न बैंकों के कर्मचारियों ने हड़ताल की। कर्मचारियों ने बैंकों में शुल्क वृद्धि समेत विभिन्न मुद्दों पर प्रदर्शन किया और सरकार से मांगों को पूरा करने की मांग की। इस दौरान बैंकों का कामकाज पूरी तरह प्रभावित रहा। बैंकों के बंद रहने से लोग परेशान रहे।

नौकरशाही पर काबू पाना ही होगा योगी सरकार को: संजय शर्मा

प्राइम चैनल में योगी सरकार के पांच महीने के कामकाज की समीक्षा में बोले ४पीएम के संपादक
कहा, तमाम दावों के बाद भी अभी तक नहीं दिखी कोई खास उपलब्धि, बिजली का हाल भी बेहाल
चर्चा में भाजपा नेता ने दी सफाई, सपा और कांग्रेस ने सरकार की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

४पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। प्राइम चैनल पर सोमवार को प्रदेश की योगी सरकार के पांच महीने के कामकाज पर चर्चा का आयोजन किया गया। इस चर्चा में कांग्रेस के सुरेंद्र राजपूत, भाजपा के नरेंद्र सिंह राणा, सपा से डॉ. अब्दुल हफीज गांधी और ४पीएम के संपादक संजय शर्मा ने शिरकत की। भाजपा ने जहां योगी सरकार के पांच महीने के कामकाज पर सफाई पेश की वहीं कांग्रेस व सपा ने विभिन्न मुद्दों पर योगी सरकार को कटघरे में खड़ा किया। चर्चा में ४पीएम के संपादक संजय शर्मा ने तथ्यों और अकाट्य तर्कों के जरिए योगी सरकार के कामकाज की बेबाकी से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पार्टी और सरकार के बीच अतंर-द्वंद की स्थिति है। यही वजह है कि गोरखपुर में हुई बच्चों की मौत पर संघ को कहना पड़ा कि भाजपा के नेताओं को अहंकार की भाषा छोड़ कर पश्चाताप करना चाहिए। सरकार को नौकरशाही अपने मकडज़ाल में फंसा रही है। उसे भ्रामक सूचनाएं दे रही है। अगर सरकार नौकरशाही के मकडज़ाल और आंकड़ों में फंसेगी तो प्रदेश को विकास के रास्ते पर दौड़ाया नहीं जा सकता।
बच्चों की मौत पर स्वास्थ्य मंत्री के बयान कि अगस्त में बच्चे मरते हैं पर ४पीएम के संपादक संजय शर्मा ने कहा कि यह बयान बेहद शर्मनाक है। इस बयान के बाद भी मंत्री कुर्सी पर है। बीआरडी कॉलेज ऑक्सीजन के लिए बजट मांगता रहा और लखनऊ में बैठे अफसर कमीशन की मांग करते रहे। स्वास्थ्य मंत्री के इस बयान ने सरकार के सारे प्रयासों पर पानी फेर दिया। तथ्यों का हवाला देते हुए संजय शर्मा ने कहा कि बिजली पर सरकार के दावों का हाल यह है कि आबकारी मंत्री को खत लिखना पड़ रहा है कि उसके क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से बिजली नहीं है। यही हाल एक काबीना मंत्री के क्षेत्र का है। नौकरशाही भ्रामक सूचनाएं दे रही है। यह पिछली सरकारों में जैसे काम कर रही थी वैसे ही आज भी कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा ठीक हो सकती है। वे लगातार १८ घंटे काम कर रहे हैं और इसका मैसेज भी वे जनता को दे रहे है इसके बावजूद नतीजा सामने नहीं आ रहा है। चिकित्सा, शिक्षा और सडक़ों को दुरुस्त करने का काम अभी सतह पर नहीं दिख रहा है। हालांकि इस व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए पांच महीने पर्याप्त नहीं है। प्रचंड बहुमत की बात करते हुए श्री शर्मा ने कहा कि जनता ने बड़े सपनों के साथ भाजपा को सत्ता सौंपी थी। उसने माना था कि भाजपा की सरकार चमत्कारिक परिवर्तन करेगी। जनता ने ऐसा इसलिए माना था क्योंकि भाजपा नेताओं ने ऐसा करने का दावा किया था, इसलिए योगी सरकार की तुलना सपा, बसपा और कांग्रेस सरकार से नहीं की जा सकती। अंत में श्री शर्मा ने कहा कि भाजपा समझने लगी है कि वह विकास और सुशासन से नहीं बल्कि भगवा, गाय और मंदिर से सत्ता तक पहुंच जाएगी। यदि ऐसा नहीं होता तो पांच महीने में प्रदेश में परिवर्तन जरूर दिखने लगता। कांग्रेस के सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि प्रदेश सरकार भोजन, चिंतन और विश्राम में व्यस्त है। सरकार जहां भी समीक्षा करती है वहां संहार हो रहा है। बीआडी कॉलेज की समीक्षा की तो यहां कई दर्जन बच्चों की मौत हो गई। मंत्रियों और अफसरों के पेंच कैसे कसे जा रहे हैं कि समीक्षा का कोई रिजल्ट नहीं आ रहा है।सपा से डॉ. अब्दुल हफीज गांधी ने कहा कि अमित शाह के दौरे के बाद भी सरकार चुस्त नहीं है। सीएम योगी का गड्ढा मुक्त सडक़ की योजना विफल रही। स्वास्थ्य शिक्षा और सडक़ वेंटिलेटर पर है। २४ घंटे बिजली का दावा असफल रहा। भाजपा के नरेंद्र सिंह राणा ने कहा कि सरकार काम कर रही है। ला एवं आर्डर पर सरकार पूरी तरह फोकस कर रही है। विद्युत चोरी रोकने के लिए उठाए गए कदम से ऐतिहासिक रिजल्ट मिले हैं। जनता की समस्याओं का समाधान किया जा रहा।

शिक्षामित्रों ने ठुकराया सरकार का प्रस्ताव, आंदोलन जारी

मुख्यमंत्री से आज होगी वार्ता, लक्ष्मण मेला मैदान में जुटे शिक्षामित्र

४पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बवाल कर रहे प्रदेश के लाखों शिक्षा मित्र सरकार की तरफ से कोई ठोस कार्रवाई न होने से अब आर या पार के मूड में हैं। शिक्षा मित्रों ने सरकार के फैसले को ठुकरा दिया, जिसके बाद आज मुख्यमंत्री के साथ बैठक होनी है। शिक्षा मित्रों का कहना है जब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाएगा तब तक वह आंदोलन जारी रखेंगे। हालांकि शिक्षामित्र एसोसिएशन के पदाधिकारी सुशील ने बताया कि आज दो बजे एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेगा और इस मामले पर वार्ता होगी।
शिक्षामित्रों का राजधानी में आना आज भी जारी है, लाखों शिक्षामित्र राजधानी में एकत्र हो गए हैं। फिलहाल करीब डेढ़ लाख शिक्षामित्र लक्ष्मण मेला मैदान में जुटे हैं। शिक्षामित्र संयुक्त संघर्ष मोर्चा की अगुआई में लक्ष्मण मेला मैदान में प्रदर्शन है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने शिक्षामित्र नेता से वार्ता का भेजा प्रस्ताव, शिक्षा मित्रों ने ठुकराया दिया है। प्रदेश के हर जिले में तमाम बंदिश लगाने के बाद भी लाखों शिक्षा मित्र लखनऊ पहुंचे है शिक्षा मित्रों ने इससे पहले १७, १८ व १९ अगस्त को जिलों में बीएसए दफ्तर पर प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

लखनऊ में एकत्र शिक्षा मित्रों का २५ अगस्त को नई दिल्ली के जंतर-मंतर में प्रदर्शन करने की योजना है। तब तक यदि सरकार ने मांगे नहीं मानी तो यहां पर आंदोलन जारी रहेगा
शिक्षामित्रों की मांग है कि सरकार संशोधित अध्यादेश लाकर उन्हें फिर से सहायक अध्यापक के पद पर समायोजित करे। तब तक समान कार्य के लिए समान वेतन के सिद्धांत पर उन्हें शिक्षकों के बराबर तनख्वाह दी जाए। इस आंदोलन में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ, उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ, कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति, भारतीय किसान यूनियन जैसे संगठनों ने समर्थन देने का ऐलान किया है। शिक्षामित्रों के सभी संगठनों का सामूहिक आंदोलन में शामिल होंगे। आज विधानसभा के सामने बड़ा शक्ति प्रदर्शन करने की सूचना को लेकर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
शिक्षा मित्रों के प्रदर्शन के चलते मुख्यमंत्री आवास, एनेक्सी, विधानभवन के आसपास भारी संख्या में पुलिस और पीएसी तैनात की गई है। प्रशासन को आशंका है कि शिक्षामित्र किसी भी वक्त अचानक सीएम आवास का घेरावकर सकते हैं। सभी जिलों की सीमा में शिक्षा मित्र रोके जा रहे हैं। विरोध में ये शिक्षामित्र सडक़ जामकर प्रदर्शन कर रहे हैं। जिससे शहर की यातायात व्यवस्था हलकान हो रही है।
गौरतलब है कि पूरे प्रदेश में शिक्षामित्र उच्चतम न्यायालय के फैसले का विरोध कर रहे हैं। इसी विरोध के रूप में शिक्षामित्रों का ये प्रदेशव्यापी प्रदर्शन है। इसके चलते आज उत्त्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में शिक्षामित्र प्रदर्शन और सरकार विरोधी नारेबाजी कर रहे हैं। जिससे १,७०,००० शिक्षामित्र व उनके परिवार पर रोजी रोटी का गहरा संकट उत्पन्न हो गया है। पिछले महीने उच्चतम न्यायालय द्वारा उत्त्तर प्रदेश में बेसिक स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षा मित्रों की नियुक्ति को गैरकानूनी करार देने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस फैसले से प्राथमिक शिक्षा पर भी गहरा संकट उत्पन्न हो गया है। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्णय के पैरा २६ के अंतिम पंक्ति में शिक्षामित्रों/समायोजित शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करने का अधिकार राज्य सरकार को दिया गया है।

राजकीय स्कूलों के छात्रों को अंग्रेजी सिखाने की कवायद शुरू

राजधानी के १९ स्कूलों में शुरू हुआ उन्नति ट्रेनिंग प्रोग्राम

४पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। अब राजधानी ही नहीं बल्कि प्रदेश के राजकीय स्कूलों के छात्र-छात्राएं भी अंग्रेजी बोलने में दक्ष होंगेे। प्राइवेट स्कूलों की तरह इन स्कूलों में पढऩे वाले ९वीं कक्षा के स्टूडेंट्स बोलचाल की भाषा में अंग्रेजी बोलते नजर आएंगे। इसके लिए राजधानी के १९ राजकीय स्कूलों में उन्नति ट्रेनिंग प्रोग्राम की शुरुआत कर दी गई है। जहां विशेषज्ञ बच्चों को अंग्रेजी बोलने के तरीके सिखाएंगे। इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने ट्रेनिंग प्रोग्राम समय से संचालित करने के निर्देश स्कूलों को जारी कर दिए हैं।
छात्र-छात्राओं को अंग्रेजी सिखाने की शुरुआत उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत उन्नति ट्रेनिंग प्रोग्राम के माध्यम से की गई है। यह अंग्रेजी प्रशिक्षण कार्यक्रम तीन महीने का होगा। प्रशिक्षण देने के लिए दो कंपनी के विशेषज्ञ भेजे गए हैं। चयनित प्रत्येक विद्यालय में एक-एक विशेषज्ञ ९वीं के छात्र-छात्राओं को बोलचाल की भाषा में अंग्रेजी बोलने की तरीके सिखा रहे हैं। हर विद्यालय में ९वीं क्लास की समय सारिणी में प्रशिक्षण के लिए ४५ मिनट का समय निर्धारित किया गया है। ट्रेनिंग की जिम्मेदारी निभाने वाले आईएल एंड एफएस एजूकेशन एंड टेक्नोलॉजी सर्विसेज लिमिटेड के प्रतिनिधि अभिषेक मोहन का कहना है कि उनके पास १५ स्कूलों के छात्रों को ट्रेनिंग देने के निर्देश दिए गए हैं, सभी जगह ट्रेनिंग शुरू कर दी गई है। छात्रों को बोलचाल की भाषा में अंग्रेजी कैसे बोलनी है, यह सरल तरीके से बताई जा रही है।

किसानों को लाभ पहुंचाना सरकार का एजेंडा: राणा

गन्ना भवन में आयोजित किया गया कार्यक्रम

४पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। गन्ना भवन में आयोजित गन्ना किसानों के कार्यक्रम में पहुंचे मंत्री सुरेश राणा ने कहा कि हमारा किसानों से पुराना जुड़ाव है। मैं भी एक गन्ना किसान हूं हम लोगों ने पिछली सरकारों में तमाम परेशानियों को झेला है। मैं किसानों के दर्द को अच्छी तरह समझता हूं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एजेंडा भी यही है कि अधिक से अधिक किसानों को लाभ पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों में ंपारदर्शिता की कमी होने के कारण आज यह नौबत आई है। भारत के साथ मां शब्द हटा दिया जाए तो यह महज एक मिट्टी की तरह रहेगी या न था मां कहने से इस मिट्टी का महत्व बहुत बढ़ जाता है गन्ना किसान को पोर्टल से जुडऩे के लिए हमारे विभाग के अधिकारियों ने भी काफी मेहनत की है जिसका परिणाम यह है कि हम लोगों ने २५००० नए सदस्य बनाए हैं
मुख्य सचिव राजीव कुमार ने कहा की गन्ना किसान इसलिए उगाते हैं कि आपस में मिठास बनी रहे। किसानों के संसाधन लगातार बढ़ रहे हैं। इनका इस्तेमाल कैसा हो इसे सीखने की जरूरत है।

खेतों में गन्ने की ऐसी प्रजातियां लगाई जाए जिसमें पानी की कम आवश्यकता हो क्योंकि प्रकृति का प्रकोप अनिश्चित हो रहा है इसके बाद भी किसानों के सामने बड़ी चुनौती यह है कि किस तरह से देश को आगे बढ़ाना है। प्रमुख सचिव चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास संजय भूस रेड्डी ने कहा कि यह सेमिनार २६ २७ जुलाई को किया जाना था लेकिन किन्हीं कारणों से नहीं किया जा सका गन्ना के क्षेत्र में नई प्रजातियां और तकनीकी जानकारी ना होने के कारण किसानों को लाभ नहीं मिल पा रहा है किसानों को अधिक से अधिक लाभ मिले इसके लिए हम सभी प्रयास कर रहे हैं।

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