शिया वक्फ बोर्ड को मिली जमीन तो बनेगा राम मंदिर: वसीम रिजवी

मुस्लिम बाहुल्य इलाके पर बनाएंगे मस्जिद-ए-अमन

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी का कहना है कि विवादित स्थल को लेकर वक्फ बोर्ड का दावा सुप्रीम कोर्ट में स्वीकार कर लिया गया है। यदि कोर्ट शिया वक्फ बोर्ड के हक में करती है तो बोर्ड वह जमीन राम मंदिर के लिए दे देगा। उसकी जगह पर मुस्लिम बाहुल्य इलाके में एक दूसरी मस्जिद का निर्माण कराया जाएगा। जिसका नाम बाबर या फिर मीर बाकी के नाम पर नहीं होगा बल्कि वहां पर मस्जिदें अमन का निर्माण कराया जाएगा। 
वसीम रिजवी ने बताया कि इस मस्जिद का निर्माण मीर बाकी ने कराया था। 1944 से पहले ये मस्जिद शिया वक्फ बोर्ड में थी जबकि इसे बाद में सुन्नी वक्फ बोर्ड में दर्ज कर लिया गया। इसके बाद 1945 में शिया वक्फ बोर्ड ने आपत्ति दर्ज करते हुए अपना दावा भी कोर्ट में पेश किया। पैरवी न होने पर हाईकोर्ट ने इस दावे को खारिज कर दिया। 71 साल बाद दोबारा वक्फ बोर्ड ने अपना दावा पेश किया है। वसीम रिजवी ने बताया कि 1944 में सुन्नी वक्फ बोर्ड ने जो मस्जिद का रजिस्ट्रेशन अपने पक्ष में किया था। उसको 1959 में कोर्ट ने खारिज कर दिया था।

इसलिए अब सुन्नी वक्फ बोर्ड का विवादित स्थल पर बनी मस्जिद पर दावा गलत है। उन्होंने कहा कि बोर्ड देश में अमन चैन चाहता है। इसलिए विवादित स्थल पर शरई पहलू जानने के लिए बोर्ड ने ईरान व इराक के धर्मगुरुओं से राय मंगाई है। वरिष्ठ धर्मगुरु आयतउल्लाह मकारिम शिराजी ने अगर मस्जिद को लेकर कोई विवाद है तो उस पर आपस में समझौता करें या फिर जो कानूनी तरीका हो उसे अपनाए जबकि आयतउल्लाह अली फातिमी ने कहा कि आपस झगड़े से बचे हो सके तो विवादित स्थल से दूर दूसरी मस्जिद बना ली जाए।

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