केजीएमयू के प्रोफेसर पर कार्रवाई की लटकी तलवार

ट्रामा सेंटर अग्निकांड को बताया था साजिश, नोटिस जारी
अस्पताल में कमीशन के खेल की बात कहने वाले अपर निदेशक स्वास्थ्य निलंबित

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureलखनऊ। स्वास्थ्य विभाग में कमीशनखोरी के वीडियो पर बयान देने वाले स्वास्थ्य विभाग के अपर निदेशक स्वास्थ्य को महंगी पड़ गई है। उन्हें स्वास्थ्य विभाग प्रशासन ने निलंबित कर दिया है, जबकि केजीएमयू के प्रोफेसर पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। उन्हें अभी केवल कारण बताओ नोटिस जारी कर उनका पक्ष पूछा गया है। माना यही जा रहा है कि प्रोफेसर पर भी कार्रवाई जल्द हो जाएगी। अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. ओपी शाही कैमरे पर साफ तौर पर कमीशन लेकर अस्पतालों में काम होने के आरोप लगाए थे। डॉ. शाही पर मिर्जापुर में तैनाती के दौरान भी दवाएं जलाने सहित कई अन्य आरोप लगे थे।
उसी वीडियो में केजीएमयू के एक वरिष्ठ प्रोफेसर डॉक्टर संजय खत्री को भी दिखाया गया है। प्रोफेसर ने केजीएमयू में दवाओं की खरीद में कमीशनखोरी की पोल खोली थी। ट्रॉमा सेंटर में आग लगने की घटना को साजिश का हिस्सा बताया था। चेहतों को टेंडर देने के लिए अफसरों की कैसे पैंतरेबाजी करते हैं। कैसे दबाव बनाते हैं? इसका खुलासा भी प्रोफेसर ने किया था। केजीएमयू प्रवक्ता डॉ. नरसिंह वर्मा ने कहा कि प्रोफेसर को नोटिस जारी की गई। तीन दिन के भीतर प्रोफेसर को नोटिस का जवाब देना होगा। उन्होंने बताया कि कुलपति डॉ. एमएलबी भट्ट की तरफ से नोटिस जारी की गई है। वहीं प्रोफेसर का कहना है कि वीडियो में जो भी दिखाया गया है वो सब पुरानी सरकार के कार्यकाल का हाल था। नई सरकार के आने के बाद स्थितियों में काफी सुधार आया है। दवाओं की गुणवत्ता में सुधार आया है। मरीजों को आसानी से इलाज मिल रहा है। प्रोफेसर को नोटिस दिए जाने का मामला केजीएमयू में चर्चा का विषय बन गया है और हर कोई यही बात कह रहा है कि प्रोफेसर साहब ने खुद ही अपनी गर्दन फंसाई है। वह जब संस्थान के प्रवक्ता नहीं है तो उन्हें बोलने की क्या जरूरत थी। हर कोई यह जान रहा है कि इस प्रकरण में उनके ऊपर कार्रवाई जरूर होगी चाहे उनका जवाब कुछ भी क्यों न हो।

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