मदरसों को हाईटेक करने की कवायद शिक्षा गुणवत्ता पर भी सरकार की नजर

ऑनलाइन व्यवस्था से आएगी पारदर्शिता रोजगार सृजन पर बल
अनुदान व वेतन का भुगतान भी होगा डिजिटल, शिक्षकों के हितों की रक्षा पर जोर

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureलखनऊ। प्रदेश सरकार ने अब मदरसों को हाईटेक करने की कवायद शुरू कर दी है। मदरसों को डिजिटल कर सरकार ने इसकी पहल भी कर दी है। इसके पीछे सरकार की मंशा यहां की शिक्षा का आधुनिकीकरण करने के साथ-साथ उसकी गुणवत्ता को भी बढ़ाना है। इसके अलावा सरकार ने मदरसों में शिक्षा प्राप्त युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने पर जोर दिया है।
मदरसों की शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने पर सरकार ने जोर लगाना शुरू कर दिया है। प्रदेश में करीब 19 हजार मान्यता प्राप्त तथा 560 अनुदानित मदरसे संचालित हैं। इन मदरसों में भारी संख्या में बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। यहां वे विभिन्न विषयों का अध्ययन भी करते हैं। प्रदेश सरकार सभी शिक्षण पद्धति के विद्यालयों को ऑनलाइन कर रही है। इसी तर्ज पर सरकार ने इन मदरसों को भी डिजिटल करने की शुरूआत की है। मदरसों को आधुनिक तकनीक से लैस करने के लिए सरकार ने हाल ही में एक पोर्टल लांच किया है। यह ऑनलाइन पोर्टल मदरसा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने और इसके उन्नयन की दिशा में एक प्रभावी कदम साबित हो सकता है। इस मामले में राज्यमंत्री बलदेव ओलख का कहना है कि यह वेब पोर्टल मदरसा शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लायेगा। साथ ही शिक्षकों को जिम्मेदारी का अहसास भी कराएगा। मदरसा की समस्त प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए यह पोर्टल स्थापित किया गया है। यह शिक्षा की गुणवत्ता को भी बढ़ाएगा। इसका बच्चों की शिक्षा पर सकारात्मक असर पड़ेगा। दरअसल, मदरसा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने, इसकी प्रक्रियाओं का सरलीकरण करने, इसकी शिक्षा प्रणाली में उत्तरदायित्व एवं पारदर्शिता लाने के उद्देश्य की पूर्ति के लिए वेबपोर्टल स्थापित किया गया है। यह ऑनलाइन पोर्टल प्रदेश के समस्त मदरसों को एक यूनिफाइड इको सिस्टम से जोड़ देगा। इससे सरकार के सामने मदरसों की संपूर्ण शिक्षा पद्धति पूरी तरह उपलब्ध रहेगी और वह बच्चों के विकास के लिए कुछ नए सुझाव भी दे सकती है। यही नहीं सरकार ने मदरसे की व्यवस्था को सुधारने के लिए भी कदम उठाया है। अब मदरसों के शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का वेतन मानदेय आदि का भुगतान पीएफएमएस के जरिए करने का प्रावधान किया गया है। इससे शिक्षकों के हित की रक्षा हो सकेगी। यही नहीं अनुदान भी इस प्रणाली के तहत दिया जाएगा। इससे बाहर से आने वाले अनुदानों पर भी सरकार की नजर रहेगी। पोर्टल के जरिए नए मदरसों को मान्यता, अनुदान की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही 2018 की मदरसा शिक्षा परिषद की परीक्षा भी इसी पोर्टल के माध्यम से सम्पन्न होगी। मदरसा में शिक्षा प्राप्त करने वाले परीक्षार्थियों का परीक्षाफल भी ऑनलाइन किए जाने की व्यवस्था की गई है। बोर्ड के रजिस्ट्रार राहुल गुप्ता ने बताया कि सभी शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का विवरण, आधार डिटेल के साथ प्रबन्धक द्वारा पोर्टल पर अपलोड किया जायेगा। पोर्टल को छात्रवृत्ति पोर्टल से जोडक़र छात्रों की डुप्लीकेसी भी चेक की जाएगी जिससे फर्जी छात्र दिखाने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगेगा तथा सरकारी योजनाओं का लाभ अधिकाधिक लक्षित समूह को मिल जायेगा। इस तरह मदरसा शिक्षा के आधुनिकीकरण से यहां पढऩे वाले बच्चे अब तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे, जिसके कारण उन्हें रोजगार के अवसर मिलेंगे।

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