सीएमओ के आदेश के बाद भी नहीं खुले अस्पताल, भटकते रहे मरीज

छुट्टी में भी ओपीडी खोलने का दावा हुआ फेल
स्वाइन फ्लू के मरीजों को इलाज मिलने में हुई परेशानी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
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लखनऊ। जिले में स्वाइन फ्लू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए सीएमओ जीएस बाजपेई ने छुट्टी के दिन भी सरकारी अस्पतालों की ओपीडी खोलने का दावा किया था। उनका यह दावा आज सुबह ही फेल हो गया, जब स्वाइन फ्लू, बुखार व अन्य सीजनल बीमारियों से परेशान मरीज अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां मौजूद स्टाफ ने मरीजों को ओपीडी बंद होने का हवाला देकर लौटा दिया। इसलिए मरीज और तीमारदार भटकते नजर आये।
प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं का हाल बुरा है। यहां सरकारी आदेशों और निर्देशों का डॉक्टरों और कर्मचारियों पर कोई असर होता नहीं दिख रहा है। राजधानी में तेजी से फैल रहा स्वाइन फ्लू लोगों में दहशत का पर्याय बना हुआ है। इस बीमारी से पीडि़त मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। आंकड़ों की मानें तो अब तक स्वाइन फ्लू के 351 मरीज मिले हैं। इसलिए सीएमओ ने रविवार को अवकाश के बावजूद सभी सरकारी अस्पतालों को ओपीडी खोलने का आदेश दिया था। इस आदेश के बावजूद आज किसी भी अस्पताल में ओपीडी नहीं खुली। सरकारी अस्पतालों में मरीज तो पहुंच रहे हैं, लेकिन ओपीडी में सन्नाटा पसरा हुआ है।

अगस्त के बाद आधी आबादी आ सकती है इसकी चपेट में

राजधानी में स्वाइन फ्लू लगातार बढ़ रहा है। इस बीमारी के बिना मौसम फैलने की वजह से चिकित्सकों के सामने भी चुनौती आ गई है। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जल्द ही स्वाइन फ्लू पर नियंत्रण नहीं लगाया गया तो अगस्त खत्म होते ही इस वायरस के लिए अनुकुल मौसम आ जायेगा। तब जिले की आधी से अधिक आबादी स्वाइन फ्लू की चपेट में आ जायेगी। उस वक्त स्थिति और भी भयावह होगी।

बरेली के काजी ने मदरसों से कहा 15 अगस्त को राष्ट्रगान न गाएं

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद की तरफ से जारी सर्कुलर ‘मदरसों में 15 अगस्त को तिरंगा फहराने और राष्ट्रगान गाने’ का व्यापक विरोध हो रहा है। बरेली के काजी ने शहर के मदरसों से कहा है कि वे स्वतंत्रता दिवस समारोह मनाएं तो सही लेकिन राष्ट्रगान गाए बगैर। काजी ने मदरसों में राष्ट्रगान अनिवार्य करने को योगी सरकार का तुगलकी फरमान बताया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगान में कुछ शब्द ऐसे हैं जो अल्लाह के प्रति गैर वफादारी प्रदर्शित करते हैं। हम निश्चित तौर पर आजादी का समारोह बनाएंगे लेकिन मदरसों में हम राष्ट्रगान नहीं गायेंगे। इस बात की जानकारी जमात रजा ए मुस्तफा के प्रवक्ता नासिर कुरेशी ने दी। गौरतलब है कि यूपी सरकार ने सभी मदरसों को निर्देश दिया है कि वे स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन करें और इसकी वीडियोग्राफी करवाएं। देश के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा था कि उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में स्थित सभी मदरसों में आगामी स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराकर राष्ट्रगान गाने और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिये हैं।

हिमाचल में भूस्खलन, दो बसें यात्रियों समेत मलबे में दफन

हादसे में आठ की मौत और भी कई लोगों के मरने की आशंका

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी में जोगेंंदरनगर व मंडी के बीच पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग पर कोटरोपी में भूस्खलन होने से भारी नुकसान हुआ है। यहां अचानक दरकी एक पहाड़ी के कारण पूरा गांव ही बह गया है। इस मलबे की चपेट में एनएच पर चाय पीने के लिए रुकी हिमाचल पथ परिवहन निगम की दो बसें भी यात्रियों सहित मलबे में दफन हो गई हैं। अब तक आठ लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। वहीं इस हादसे में और कई लोगों के मरने की आशंका जताई जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बीती रात यात्रियों से भरी बस ज्योंही कोटरोपी के पास पहुंची, तेजी से हो रहे भूस्खलन की चपेट में आ गई। इस घटना में मनाली-कटड़ा तथा चंबा-मनाली रूट पर जा रही बसों सहित कुछ वाहन भी मलबे की चपेट में आए हैं। भारी बारिश के कारण आए मलबे व पानी से यह बस करीब एक किलोमीटर नीचे बह गई है। भारी बारिश व अंधेरा होने के कारण राहत एवं बचाव कार्य में काफी समस्या आ रही थी। माना जा रहा है कि बस में 50 से अधिक लोग मौजूद थे। हालांकि मंडी पठानकोट मार्ग पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है, ताकि एम्बुलेंस मदद के लिए रवाना हो सकें। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन के अधिकारी राहत और बचाव दल के साथ मौके पर पहुंच गये हैं। नूरपुर से एनडीआरएफ की बटालियन को बुलाया गया है। राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी है।

सिविल अस्पताल में भी ऑक्सीजन सिलेंडर का टोटा

तीन साल से सिविल अस्पताल में बच्चों को नहीं मिल पा रही है ऑक्सीजन
अस्पताल में वेंटीलेटर लगाने का काम लंबित, अब तक नहीं हुआ टेंडर

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। प्रदेश सरकार के तमाम दावों के बाद भी अभी तक श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) अस्पताल के बाल रोग विभाग में सेंट्रल ऑक्सीजन सिस्टम नहीं लग पाया है। जबकि यहां पर नवजात शिशुओं की दी जाने वाली ऑक्सीजन सिलेंडर पर निर्भर रहती है। अस्पताल में वेंटीलेटर नहीं होने के कारण तमाम तरह की गंभीर बीमारियों की चपेट में आकर बच्चे दम तोडऩे को मजबूर हैं। तब भी अस्पताल प्रशासन ऑक्सीजन और वेंटीलेटर की व्यवस्था को लेकर सक्रिय नजर नहीं आ रहा है।
सिविल अस्पताल में लगभग चार वर्ष पहले बाल रोग विभाग का गठन किया गया था। चालीस बिस्तरों वाले इस विभाग में दावा किया गया था कि एक छत के नीचे बच्चों को हर तरह का इलाज मुहैया कराया जायेगा। खास कर दिमागी बुखार के मरीजों को आसानी से इलाज मिल सकेगा। इसके लिए वेंटिलेटर युक्त आईसीयू भी बनाया जाना था। वेंटिलेटर की खरीद स्वास्थ्य महानिदेशालय के सीएमएसडी विभाग को करना था। तीन साल का समय बीत जाने के बाद भी सीएमएसडी विभाग वेंटिलेटर नहीं खरीद पाया। अब महानिदेशालय के अधिकारी ऑक्सीजन प्लांट के लिए फाइल चलाने लगे हैं। जबकि सिविल अस्पताल में गंभीर बीमारियों के अलावा दिमागी बुखार के बच्चे भी भर्ती होते हैं। जिन्हें दिनरात ऑक्सीजन की आश्यकता होती है। उन्हें ऑक्सीजन सिलेंडर लगाकर ऑक्सीजन की आपूर्ति की जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि अस्पताल में ऑक्सीजन सिलेंडर की अक्सर दिक्कत होती है। इसके लिए रिजर्व में आक्सीजन सिलेंडर रखा जाता है। सिविल अस्पताल प्रशासन को अब सेंट्रल आक्सीजन सिस्टम के लिए ई टेंडर करने के निर्देश दिये गये हैं, लेकिन उसमें भी विलंब हो रहा है। इसलिए वर्तमान वित्तीय वर्ष में सिविल अस्पताल में वेंटीलेटर यूनिट लग पायेगी, इसको लेकर संदेह व्यक्त किया जाने लगा है।

देश भक्ति का जज्बा

स्वतंत्रता दिवस की तैयारियां चरम पर हैं। स्कूलों में तरह-तरह के कॉम्पिटीशन हो रहे हैं। बच्चे रंगोली और परेड की तैयारियों में जुटे हैं। इसी बीच आज सुबह ईदगाह पर जुटे दर्जनों बच्चों ने देश भक्ति से ओतप्रोत होकर तिरंगे की पेंटिंग बनाई और अपने चेहरे पर भी तिरंगा बनवाया। इस दौरान ईदगाह पर उपस्थित बड़े लोगों की तरफ से बच्चों को आजादी के मायने और कर्तव्यों की जानकारी भी दी गई।

यह सरकार हत्यारी है: राजब्बर

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजब्बर ने उत्तर प्रदेश की सरकार को 70 मासूम बच्चों की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि इस सरकार और सरकारी तंत्र की घोर लापरवाही के कारण बच्चों की मौत हुई है। इस बात को मानने के बजाय सरकार मीडिया पर तथ्यों को बढ़ा-चढ़ा कर खबरें छापने और दिखाने का आरोप लगा रही है।
सरकार ऑक्सीजन से होने वाली मौतों को सिरे से नकार रही है। बेहयाई का आलम यह है कि स्वास्थ्य मंत्री और सरकार के प्रवक्ता कह रहे हैं कि अगस्त महीने में तो बच्चे मरते ही हैं। उन्होंने मीडिया के सामने खुद को निर्दोष साबित करने के लिए झूठे आंकड़े भी पेश किए हैं। सरकार ने भले ही मामले की जांच के लिए जांच कमेटी का गठन किया है, लेकिन मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ने तो कल ही अपना फैसला सुना दिया था। सरकार अपनी गलती मानने को तैयार नहीं है। मतलब साफ है कि सरकार को बच्चों की मौत से ज्यादा अपनी नाकामी छिपाने की चिंता है। इसलिए प्रदेश की योगी सरकार हत्यारी सरकार है। सरकार का अगला निशाना मदरसे में पढऩे वाले बच्चे हैं।

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