50 बच्चों की मौत चूक नहीं हत्या है

नाकारा तंत्र को होश नहीं रात भर तड़प-तड़प कर मरते रहे मासूम बच्चे

मासूमों की मौत पर सियासत शुरु सरकार आंकड़ों को बता रही गलत तो विपक्षी दल सरकार पर साध रहे निशाना
कमीशनखोरी के खेल में गई मासूमों की जान, नोटिस के बाद भी नहीं चेता प्रशासन

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
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लखनऊ। इस नाकारा तंत्र ने गोरखपुर में पचास मासूमों की जान ले ली। जिस समय सरकार और पार्टी के आला नेता इस गुणगान मे व्यस्त थे कि उन्होंने पंद्रह अगस्त को मदरसों में राष्ट्रगान अनिवार्य कर दिया है, उस समय गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से मासूम तड़प-तड़प कर मर रहे थे। देखते ही देखते 50 मासूमों की मौत की खबर ने देश में भूचाल ला दिया। टीवी चैनल से लेकर ट्विटर और फेसबुक पर सरकार की आलोचना से घबराये अफसरों ने फिर सीएम योगी को गुमराह करने की कोशिश की। रात को ही प्रेसनोट जारी किया गया कि ऑक्सीजन की कमी से कोई बच्चा नहीं मरा, जबकि वहां के डीएम इसके उलट बच्चों की मौत का बयान दे चुके थे। सरकार की फजीहत कराने के लिये कई मंत्रियों ने भी गलत बयानबाजी की। विपक्ष ने इसे मुद्दा बनाया और गुलाम नबी आजाद और राज बब्बर समेत कई नेता वहां पहुंच गये। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डïा पहले ही पहुंच गये मगर यूपी के हेल्थ मिनिस्टर सीएम से निर्देश के बाद ही पहुंचे। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि गोरखपुर न सिर्फ सीएम का क्षेत्र है बल्कि योगी आदित्यनाथ वहां के सांसद भी हैं, मगर चौबीस घंटे बाद भी उनका गोरखपुर ना जाना आलोचना का केंद्र बना हुआ है। खबरों के मुताबिक ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली कंपनी का भुगतान कमीशनखोरी के चलते नहीं किया जा रहा था, जिसकी वजह से इतनी बड़ी घटना हुई।
गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कालेज में गुरुवार से शुरु हुआ मौत का तांडव आज भी जारी है। वहां का मंजर भयावह है। जिनके बच्चे एडमिट हैं उनके परिजनों के चेहरे पर भय और चिंता देखी जा सकती है। एक अंजाना डर उन पर तारी है। टंगी सांसें और आंखों से बहते आंसू और उन सबके बीच जेहन में उठ रहे व्यवस्था पर सवाल की छटपटाहट हर तीमारदार के चेहरे पर साफ दिख रही है। बेबस परिजन इस व्यवस्था की कठपुतली बने हुए हैं। अब तो मासूमों की मौत पर सियायत भी शुरु हो गई है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन से लेकर गोरखपुर प्रशासन के साथ-साथ लखनऊ में बैठे आला अफसर नेता ऑक्सीजन की कमी से मौत को नकारने में जुटे हुए हैं, जबकि मासूमों की मौत की वजह सबको पता है। हालात चीख-चीखकर बयां कर रहे हैं कि इतनी भारी संख्या में मासूमों की मौत क्यों हुई। सबसे बड़ी बात जब मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी नहीं थी तो आज दोपहर में कई ट्रक सिलेंडर क्यों मंगवाये गए। 

सही जानकारी नहीं दे रही सरकार: अखिलेश
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि गोरखपुर में जो घटना हुई है उसमें सरकार सही जानकारी जनता के सामने नहीं ला रही है । हमने पार्टी के नेता रामगोविंद चौधरी, बलराम यादव, सन्तोष यादव को गोरखपुर भेजा है। सरकार की लापरवाही की वजह से मासूमों की जान गयी हैं। सरकार कह रही हैं कि ऑक्सीजन थी, जबकि सप्लाई की कम्पनी ने प्रशासन को नोटिस दिया था। उन्होंने कहा कि हम विपक्ष में हैं। हमारी कुछ सीमाएं हैं। हम मदद नहीं कर सकते लेकिन आवाज तो उठा सकते हैं।

लापरवाह अधिकारियों की सूची तैयार करें: योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीआरडी मेडिकल कालेज में ऑक्सीजन की कमी से बच्चों की मौत के मामले में लापरवाह अधिकारियों की रिपोर्ट तैयार करने का आदेश दिया है। उन्होंने पूरे मामले की जांच के लिए स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह और चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन को गोरखपुर भेजा है। इन मंत्रियों को बच्चों के इलाज में लापरवाही बरतने वाले अफसरों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि जो कोई भी इस घटना के लिए दोषी है, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जायेगी।

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