अब स्लम बस्तियों तक पहुंचेंगी चिकित्सा सुविधाएं

5000 हजार की आबादी पर खोला जाएगा नगरीय प्राथमिक केंद्र
महिला आरोग्य समितियों का किया जाएगा गठन, आशाओं की भी होगी नियुक्ति
विश्व स्वास्थ्य संगठन के सहयोग से स्वास्थ्य विभाग शुरू करेगा काम

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureलखनऊ। अब शहरी आबादी के बीच स्थित स्लम बस्तियों तक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचायी जाएंगी। विश्व स्वास्थ्य संगठन की मदद से स्वास्थ्य विभाग इन सुविधाओं को पहुंचाएगा। इसके लिए यहां रहने वाली आबादी के बीच नियमित टीकाकरण सहित अन्य योजनाओं के लिए विभाग की तरफ से शहरी आशाओं की नियुक्ति व महिला आरोग्य समितियों का गठन किया जाएगा।
शहरी इलाकों की स्लम बस्तियों में रहने वाले परिवारों के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए नगरीय स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना की गई है। टीकाकरण से लेकर अन्य कार्यक्रमों का लाभ पहुंचाने के लिए जल्द ही शहरी आशाओं की नियुक्ति और महिला आरोग्य समितियों का गठन किया जाएगा। पूरे देश में शहरी स्लम एरिया सबसे ज्यादा महाराष्ट्र और उसके बाद यूपी में है। 5000 की आबादी पर एक नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोला जाएगा। यहां पर एक पूर्णकालिक एमबीबीएस डॉक्टर, एक अंशकालिक एमबीबीएस डॉक्टर, दो स्टाफ नर्स, एक फार्मासिस्ट, एक लैब टेक्नीशियन और पांच एएनएम की तैनाती की जाएगी। वहीं, एक हजार की आबादी पर एक एएनएम, तीन सपोर्ट स्टाफ की तैनाती करने के साथ ही पुराने शहरी सेंटर को क्रियाशील बनाया जाएगा। 41 शहरी स्वास्थ्य केंद्र एक लाख की आबादी वाले जिलों में खोले गए हैं। शहरी मलिन बस्तियों में स्वास्थ्य सेवाओं की जागरूकता के लिए हर 200 से 500 घरों पर एक शहरी आशा की नियुक्ति की जाएगी। मलिन बस्तियों में निवास करने वाली जनता, स्वास्थ्य इकाई और महिला आरोग्य समिति के बीच लिंक वर्कर का काम करेगी। इसके अलावा हर मलिन बस्तियों में स्वास्थ्य सेवाओं की जागरूकता के लिए 50 से 100 घरों पर एक महिला आरोग्य समिति का गठन किया जाएगा। यह समिति मलिन बस्तियों में कंयूनिटी मोबिलाइजेशन मानीटरिंग और रेफरल का काम करेगी। बताते चलें कि शहरी आरसीएच कार्यक्रम के तहत 134 नगरीय स्वास्थ्य केंद्र, 60 नगरीय परिवार कल्याण और एनआरएचएम से 231 नगरीय स्वास्थ्य केंद्र संचालित थे।

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