सिर्फ गंगा मैया कहने से काम नहीं चलेगा गंगा को गंदगी से बचायें: सीएम योगी

मुख्यमंत्री ने नमामि गंगे जागृति यात्रा को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
स्वामी चिदानंद सरस्वती ने मुख्यमंत्री के कार्यों की सराहना की

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4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास 5 कालिदास मार्ग पर आयोजित कार्यक्रम में आज सुबह नमामि गंगे जागृति यात्रा का शुभारंभ किया। उन्होंने गंगा की स्वच्छता के लिए लोगों को जागरुक करने के लिए निकाली जा रही रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा को सिर्फ मां कहने से काम नहीं चलेगा बल्कि गंगा को गंदगी से बचाने की जिम्मेदारी भी हम सबकी है। इस दौरान होमगार्ड की टुकड़ी ने सीएम योगी आदित्यनाथ का गार्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मानित किया।
सीएम योगी ने अपनी गोरखपुर यात्रा से पूर्व नमामि गंगे जागृति यात्रा का उद्घाटन करने के बाद संबोधन में कहा कि कार्यक्रम के दौरान हो रही तेज बारिश गंगा मैया की कृपा है। प्रदेश में आज से ‘नमामि गंगे’ जागृति यात्रा शुरू की जा रही है। 1025 किमी की यह यात्रा बिजनौर से बलिया होते हुए गंगोत्री तक जायेगी। सीएम ने कहा कि देश में पहली बार गंगा विकास मंत्रालय का गठन हुआ है। ऐसे में यदि हमें प्राचीन सभ्यता को जीवित रखना है, तो गंगा की अविरलता बहुत जरूरी है। इसलिए नदियों के किनारे व्यापक वृक्षारोपण के साथ-साथ नदियों में भी गंदगी को रोकना अति आवश्यक है। सीएम योगी ने आगे कहा कि 125 किमी के तटों पर 1 करोड़ 30 लाख पौधों को लगाकर हमने प्रतिबद्धता को दिखाया है। आगामी 2019 में संगम के तट पर दुनिया का सबसे बड़े कुम्भ मेले का आयोजन होगा। इसलिए जनता की जिम्मेदारी बनती है कि वह गंगा की स्वच्छता का ध्यान रखे। गंगा में कोई गंदगी न गिरने पाए। सीएम ने होमगार्ड विभाग को नमामि गंगे जागृति यात्रा की बधाई देते हुए कहा कि ये होमगार्ड संगठन के जीवंत होने का प्रमाण है।
वहीं स्वामी चिदानंद सरस्वती ने अपने संबोधन में प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री के कामों की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि म्यांमार में जब योगी बोले तो लोगों ने कहा कि भारत बोल रहा है। इसलिए आने वाले समय में प्रदेश विश्व को दिशा दे सकता है। गौरतलब है कि इस यात्रा के दौरान होमगार्ड गांव के लोगों को खुले में शौच जाने से होने वाले दुष्प्रभावों को बताएंगे। वे घरों में शौचालय के निर्माण के लिए प्रेरित करेंगे। इतना ही नहीं गंगा के तटवर्ती इलाकों में बहने वाले गंदे नालों का पानी गंगा नदी में गिरने से होने वाले जल प्रदूषण एवं हानियों के बारे में विस्तार से बताएंगे। गंगा नदी में गंदा पानी व गंदगी न फेंकने के लिए ग्रामीणों को प्रेरित करेंगे। कार्यक्रम में मंत्री सुरेश खन्ना, मंत्री आशुतोष टंडन, अनिल राजभर, प्रमुख सचिव होमगार्ड कुमार कमलेश व डीजी होमगार्ड सूर्य शुक्ला के अलावा भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।

गोरखपुर पहुंचे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री योगी अपने गृह जनपद के दो दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरान वह कई कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। सीएम गोरखपुर जिला अस्पताल का निरीक्षण करेंगे, जहां ब्लड बैंक के उद्घाटन का भी कार्यक्रम है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जिले की समीक्षा बैठक भी करेंगे, जिसमें विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 10 अगस्त को सिद्धार्थनगर और महाराजगंज जिले के औचक निरीक्षण कर सकते हैं। इस दौरान वह जनता दरबार भी लगायेंगे।

संसद में पीएम मोदी ने कहा, आज का नारा ‘करेंगे या कर के रहेंगे’

भारत छोड़ो आंदोलन के 75 साल
दुनिया के लिए प्रेरणा बना भारत का संघर्ष
हमें हर तरह की दमनकारी नीतियों से लडऩा है-सोनिया गांधी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। संसद के दोनों सदनों, लोकसभा और राज्यसभा में आज भारत छोड़ो आंदोलन की 75वीं वर्षगांठ के मौके पर विशेष सत्र का आयोजन किया गया। लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के साथ शहीदों को श्रद्धांजलि दी गयी। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने संबोधित करते हुए भारत छोड़ो आंदोलन की याद दिलायी। पीएम मोदी ने कहा कि 1942 का नारा था ‘करो या मरो’ और आज का नारा है ‘करेंगे या कर के रहेंगे।’ उन्होंने कहा कि आज का दिन हमारे लिए गौरव की बात है। इतिहास का स्मरण हमें ताकत देता है। इस आंदोलन को 75 साल हो गए हैं, देश के स्वतंत्रता में इसका काफी महत्व था। अंग्रेजों ने इसकी कल्पना नहीं की थी।
इस मौके पर प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपिता को याद करते हुए कहा, आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी ने कहा था ‘करेंगे या मरेंगे।’ उन्होंने कहा था पूर्ण स्वतंत्रता से कम पर समझौता नहीं। 1942 में अभी नहीं तो कभी नहीं का माहौल था। उस वक्त देश का हर शख्स नेता बन गया था। आज हमारे पास गांधी नहीं हैं, बापू जैसा नेतृत्व नहीं है हमारे पास, लेकिन हमारे पास सवा सौ करोड़ की ताकत है । जैसे 1947 में भारत कई देशों की आजादी के आंदोलन के लिए प्रेरणा बना था, वैसे आज 2017 में भी भारत कई देशों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकता है। राजनीति से बड़ी राष्ट्रनीति होती है। पीएम मोदी ने कहा कि उस समय के महापुरुषों के बलिदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है। जब इस आंदोलन के 25 साल और 50 साल हुए थे तब भी इसका महत्व था लेकिन इसका 75 साल पूरा होना बड़ी बात है। देश के इतिहास में 9 अगस्त की बड़ी भूमिका थी। पीएम ने कहा कि उस दौरान महात्मा गांधी और बड़े नेता जेल गए थे, तब नए नेताओं ने जन्म लिया था, जिनमें लाल बहादुर शास्त्री, राममनोहर लोहिया जैसे नेता शामिल थे। इस मौके पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शहीदों को नमन किया और सदन को संबोधित किया। सोनिया गांधी ने कहा कि आंदोलन के दौरान बापू ने कहा था कि कांग्रेस करे या मरे जिसके बाद लोग उत्साहित हो गए। उन्होंने कहा कि बापू की बात को मैं दोहरा रही हूं। बापू ने कहा था करो या मरो। नेहरु ने जेल में सबसे लंबा वक्त बिताया। कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जेल में निधन हो गया। सोनिया ने कहा कि अंग्रेजी हुकूमत ने दमन किया। हमें हर तरह की दमनकारी नीतियों से लडऩा है।

सपा को एक और झटका अशोक बाजपेई ने दिया इस्तीफा

कहा, नेताजी की उपेक्षा के कारण उठाया कदम

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। समाजवादी पार्टी में बिखराव का दौर जारी है। अब सपा एमएलसी अशोक बाजपेई ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। अशोक मुलायम के करीबी माने जाते हैं।
इस्तीफा देने के बाद श्री बाजपेई ने कहा कि पार्टी को नेताजी ने खड़ा किया आज उन्हीं की उपेक्षा की जा रही है। इसलिए मैंने विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दिया है। गौरतलब है कि पिछले दिनों भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के लखनऊ दौरे पर दो सपा एमएलसी यशवंत सिंह और बुक्कल नवाब ने अपनी सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था और भाजपा में शामिल हो गए। सपा के पूर्व एमएलसी यशवंत सिंह ने भी अपने इस्तीफे का कारण अखिलेश द्वारा चीन पर दिए गए बयान को बताया था तो वहीं बुक्कल नवाब ने कहा था कि सपा अब अखाड़ा बन चुकी है। पिछले दिनों ही सरोजनी
अग्रवाल ने भी सपा एमएलसी के पद से इस्तीफा दिया था और इसका कारण सपा में मुलायम सिंह की उपेक्षा बताया था।

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