बीत गई गर्मी, अब आई स्कूलों के हैंडपंप ठीक कराने की याद

राज्य परियोजना निदेशक ने जारी किया आदेश, पेयजल को तरस रहे बच्चे

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। भीषण गर्मी बीत गई लेकिन अधिकारियों ने परिषदीय विद्यालयों में पेयजल सुविधा के लिए खराब पड़े हैंडपंप ठीक कराने का आदेश अब जाकर जारी किया है। अधिकांश स्कूलों में हैंडपंप खराब होने के कारण बच्चे पेयजल को तरस रहे हैं। इसी से पता चलता है कि बच्चों की सुविधाओं के लिए कितने गंभीर है। इसके लिए राज्य परियोजना और बेसिक शिक्षा विभाग अब नींद से जागा है।
राजधानी में परिषदीय और सहायता प्राप्त 2000 से ज्यादा विद्यालय संचालित हैं। परिषदीय प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में बच्चों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था के लिए साफ निर्देश हैं। इसके लिए ज्यादातर स्कूलों में इंडिया मार्क-2 के हैंडपंप भी लगवाए गए, लेकिन स्कूलों के ज्यादातर हैंडपंप या तो खराब हो गए या फिर रीबोर की बाट जोह रहे। अप्रैल से जब परिषदीय स्कूलों का नया शैक्षिक सत्र शुरू हुआ तो भी अधिकारियोंं को इसे दुरुस्त कराने की सुध नहीं आई। बेसिक शिक्षा विभाग ने हैंडपंपों की सूची तलब की है। जिसे जल्द ही राज्य परियोजना भेजी जाएगी। खराब हैंडपंपों को ठीक कराने के लिए बजट मांगा जाएगा। यह हैंडपंप अभी तक इसलिए नहीं ठीक हो सके हैं क्योंकि विभाग के पास बजट का अभाव था। विद्यालयों में इंडिया मार्का-2 हैंडपंप रिबोर या फिर खराब होने की स्थिति में इस माह तक ठीक कराए जाएंगे। खराब हैंडपंपों की सूची बना ली गई है। जिस पर जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। इसके अलावा जनपद में विधायक निधि तथा अन्य स्थानीय निधियों से भी हैंडपंप को रिबोर कराने के लिए धनराशि उपलब्ध होती है, इसलिए इन निधियों से भी हैंडपंपों को क्रियाशील कराए जाने के प्रयास किए जाएं।

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