रोते-रोते रामगोपाल यादव ने कहा मुझ पर बेईमानी का आरोप लगाया गया इससे बुरा और क्या

  • भ्रष्टाचार संबंधी आरोप लगाये जाने से हैं बेहद दुखी
  • खुद को अभी भी मानते हैं सपा का सदस्य

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
captureलखनऊ। मुलायम सिंह यादव के चचेरे भाई और सपा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव प्रो.रामगोपाल यादव आज एक प्रेस कांफ्रेस के दौरान रो पड़े। उन्होंने कहा कि मैं समाजवादी पार्टी का संस्थापक सदस्य हूं। पार्टी को लोकप्रिय बनाने और संगठन को मजबूत करने में दिन-रात एक कर दिया। नेताजी के साथ हर सुख-दुख में खड़ा रहा। तमाम संवेदनशील मौकों और मुद्दों पर राजनीतिक निर्णय लेने में नेताजी की मदद की। इसके बावजूद मुझ पर झूठे आरोप लगाकर पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। यह अत्यंत दुखद फैसला है, जिससे मुझे बहुत पीड़ा हुई है। लेकिन मैं आज भी खुद को समाजवादी पार्टी का सदस्य मानता हूं। मैं एक समाजवादी हूं। हमेशा समाजवादी ही रहूंगा।
रामगोपाल यादव ने कहा कि यूपी में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों के लिए सपा में टिकटों के बंटवारे के नाम पर मनमानी हो रही है। सपा की तरफ से ऐसे नेताओं को टिकट दिया जा रहा है, जो पार्टी के लिए नुकसानदायक साबित हो सकते हैं। इन नेताओं की वजह से जनता में पार्टी की छवि खराब होने का खतरा भी है। इसको जानते हुए भी टिकटों के बंटवारे का काम गंभीरता से नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी से कई नेताओं को असंवैधानिक तरीके से निकाल दिया गया। इसमें मैं भी शामिल हूं, क्योंकि बिना किसी गलती से मुझ पर झूठे आरोप लगाकर 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। अपने ऊपर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को याद कर रामगोपाल रो पड़े और उन्होंने कहा कि मुझे बेहद तकलीफ हुई, जब मुझ पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए। जबकि मुझे कभी भी मंत्री नहीं बनना और न ही मैं ऐसा कुछ चाहता हूं। इसके बावजूद मेरी इच्छा है कि विधानसभा चुनाव अखिलेश यादव के चेहरे पर लड़ा जाए। यदि ऐसा नहीं हुआ तो आने वाले चुनाव में पार्टी को नुकसान उठाना पड़ सकता है। यदि ऐसा नहीं है, तो पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष खुद इस बात की घोषणा करें कि पार्टी को नुकसान नहीं होगा।

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