4 पीएम की खबर के बाद कतरे गये पर धनकुबेर प्रमुख सचिव जितेन्द्र कुमार के क्या होगी अकूत संपत्तियों की भी जांच!

4 पीएम की खबर के बाद कतरे गये पर धनकुबेर प्रमुख सचिव जितेन्द्र कुमार के क्या होगी अकूत संपत्तियों की भी जांच!

  • अरबों रूपये के मालिक बताये जाते हैं जितेन्द्र कुमार
  • अपने कारनामों से हुए सस्पेंड पर दौलत के दम पर फिर आ गये मलाईदार पोस्टिंग पर
  • अगर हो गयी इनके साम्राज्य की जांच तो बहुत मुसीबत में पड़ जाएंगे जितेन्द्र कुमार
  • डेपुटेशन की भी लंबी कहानी है जितेन्द्र कुमार की

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। 4पीएम में प्रमुख सचिव जितेन्द्र कुमार की दौलत की कहानी छपने के बाद सीएम योगी ने उनके पर कतर दिये। उनसे पर्यटन और संस्कृति जैसा महत्वपूर्ण विभाग ले लिया गया है। उन्होंने पर्यटन विभाग में भी कई गुल खिलाए हैं जिसकी जांच हो गयी तो उनका फंसना तय है। जितेन्द्र कुमार और उनके परिजनों के बारे में सामान्य चर्चा है कि उनके पास हजारों करोड़ की संपत्तियां हैं। बड़े-बड़े ज्वैलरी शो रूम, बुटीक और पेट्रोल पम्पों में उनकी पार्टनरशिप बतायी जाती है। उनके डेपुटेशन के भी कई मजेदार किस्से हैं। जितेन्द्र कुमार को हटाकर सीएम योगी ने यह तो संदेश दे ही दिया कि वे भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेंगे पर बड़ा सवाल यह कि क्या जितेन्द्र कुमार के इस अवैध साम्राज्य की भी जांच करायी जायेगी।
4पीएम ने पिछले दिनों जितेन्द्र कुमार की संपत्ति और उनके भाई द्वारा कराए जा रहे अवैध निर्माण का मामला प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद से ही सरकार की नजर धनकुबेर प्रमुख सचिव जितेन्द्र कुमार पर टेढ़ी हो गई थी। सरकार ने उनके पर कतरते हुए उनसे प्रमुख सचिव संस्कृति पद की जिम्मेदारी ले ली है। 4पीएम ने तीन सितंबर के अंक में तत्कालीन प्रमुख सचिव संस्कृति जितेन्द्र कुमार के भाई अशोक कुमार द्वारा गोमतीनगर के पॉश इलाके में नियमों को धता बताकर आवासीय जमीन पर कमर्शियल भवन बनवाने की खबर को च्यूपी के धनकुबेर प्रमुख सचिव के भाई का कारनामा, धड़ल्ले से कर रहा अवैध निर्माण, अफसरों को हो रही कंपकंपीज् शीर्षक से प्रकाशित की थी। यह निर्माण विपुल खंड में भूखंड संख्या 3/66 पर कराया जा रहा था। शिकायत पर विहित अधिकारी संजय पांडेय ने 23 अक्टूबर 2018 को इसे गिराने का आदेश दिया था। जिस पर आपत्ति दाखिल की गई थी। इस पर सुनवाई करते हुए तत्कालीन मंडलायुक्त अनिल गर्ग ने भी 20 मई 2019 को एलडीए के निर्णय को सही बताया था लेकिन इसके बाद भी बिल्डिंग ध्वस्त नहीं की गई। तत्कालीन प्रमुख सचिव संस्कृति के भाई का मामला जानने के बाद एलडीए के अधिकारियों ने भी खानापूर्ति की और केवल गेेट व शटर हटाया गया। इस खबर से सरकार में हडक़ंप मच गया और जितेन्द्र कुमार से प्रमुख सचिव संस्कृति के पद की जिम्मेदारी ले ली गई। अब देखना है कि भ्रष्टïाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति पर चल रही योगी सरकार धनकुबेर जितेन्द्र कुमार की अकूत संपत्तियों की जांच का आदेश कब देती है। फिलहाल जितेंद्र कुमार प्रमुख सचिव सामान्य प्रशासन और राष्ट्रीय एकीकरण का पद संभाल रहे हैं।

अकूत संपत्ति के हैं मालिक
जितेन्द्र कुमार की संपत्तियों और उनके कारनामों की सूची लंबी है। उन्हें लोग पैसा छापने की मशीन के नाम से बुलाते हैं। रिश्तेदारों के ज्वैलरी के शोरूम, बुटीक जैसे तमाम बड़े व्यापार उन्होंने खड़े कर दिये हैं। अपने कारनामों के चलते जितेन्द्र कुमार सस्पेंड भी हो चुके हैं पर जल्दी ही जुगाड़ करके बहाल हो गये थे।

किसान को लाभ पहुंचाने वाले विधेयकों पर राजनीति कर रही कांग्रेस: नड्डा

  • भाजपा अध्यक्ष ने गिनाए फायदे कहा, कृषि क्षेत्र में बढ़ेगा निवेश
  • किसानों को गुमराह करने की हो रही कोशिश, कांग्रेस का दोहरा चेहरा उजागर

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। किसानों से जुड़े तीन अहम विधेयक संसद में पेश कर दिए हैं लेकिन इनका कांग्रेस विरोध कर रही है। इस पर भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार किसानों के हित में तीन विधेयक लेकर आई है। इन विधेयकों को कृषि क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के लिए लाया गया है। पहले इन विधेयकों का कांग्रेस द्वारा समर्थन किया जा रहा था, लेकिन अब इस पर राजनीति की जा रही है। 
उन्होंने कहा कि विधेयकों में आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक, किसान व्यापार व वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) अध्यादेश और किसान (सशक्तिकरण व संरक्षण) समझौते पर मूल्य निर्धारण अध्यादेश शामिल हंै। हम इन्हें विधेयक के रूप पास कराने जा रहे हैं। इन विधेयकों से कृषि में निवेश बढ़ेगा। कांग्रेस पहले इन विधेयकों का समर्थन कर रही थी, लेकिन अब इस पर राजनीति की जा रही है। कांग्रेस का केवल एक काम है और वह है झूठ बोलना। कांग्रेस इनका विरोध कर किसानों के विकास को प्रभावित कर रही है। ये कांग्रेस पार्टी का दोहरा चेहरा है, इनका काम हर चीज में राजनीति करना है। कांग्रेस को राजनीति के और कुछ नहीं आता है। 

सभी को मिले सरकारी योजनाओं का लाभ: योगी

  • मुख्यमंत्री ने गरीबों के खाते में ऑनलाइन भेजे 1311.05 करोड़
  • 87 लाख लोगों को मिली तीन माह की पेंशन राशि

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज राज्य के करीब 87 लाख गरीबों को तीन माह की पेंशन राशि उनके खाते में भेज दी। इसमें वृद्धावस्था, निराश्रित महिला और दिव्यांगजन पेंशन के लाभार्थी शामिल हैं। इस मौके पर सीएम योगी ने कहा कि जुलाई, अगस्त, सितंबर की पेंशन एक साथ सभी लाभार्थियों के खाते में जा रही है। हमारी सरकार नर सेवा को नारायण सेवा के साथ जोड़ कर देखती है। हमारा प्रयास है कि सरकार की प्रत्येक योजना का लाभ सभी नागरिकों तक पहुंचे।
सीएम योगी ने लोकभवन में प्रदेश 86,95,027 लाभार्थियों के खाते में पेंशन की तीन माह की किस्त 1311.05 करोड़ ऑनलाइन भेजी। प्रत्येक लाभार्थी के खाते में 1500-1500 रुपये भेजे गए। सीएम ने कहा कि हम सबको प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करना चाहिए, जिनके कारण आज प्रत्येक लाभार्थी के खाते में सीधे धनराशि पहुंच रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यदि कोई लाभार्थी शासन की योजनाओं से वंचित रह गया है तो उनको चिन्हित करते हुए उन तक योजनाओं का लाभ पहुंचाएं। हमारा प्रयास होना चाहिए कि लोगों को आर्थिक स्वावलंबन की ओर भी अग्रसर कर सकें। खासतौर पर निराश्रित महिलाएं और दिव्यांगजन के लिए शासन की अनेक योजनाएं हैं।

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