4पीएम में छपी खबर तो हटा दी गई कैलाश हॉस्टल की प्रोवोस्ट

  • वायरल हुआ प्रोवोस्ट के बेटे का छात्राओं के साथ होली खेलने का वीडियो हॉस्टल में हैं कई गड़बडिय़ा
  • कुलपति ने दिया मामले के जांच का आदेश, दोषियों के खिलाफ हह्यड्डोगी कार्रवाई
  • मनुका खन्ना ने संभाला प्रोवोस्ट का कार्यभार
  • शीला ने कहा होली खेलना पारिवारिक मामला

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के कैलाश हॉस्टल में छात्रावास में लड़कियों के साथ होली खेलने का वीडियो वायरल हो गया है। गल्र्स हॉस्टल में चल रही इस मनमानी को लेकर 4पीएम ने दस मार्च की अपनी खबर में हॉस्टल में हो रही इन बातों का खुलासा किया था। हॉस्टल में चल रही इन तमाम गड़बडिय़ों को ध्यान में रखते हुए कुलपति ने प्रोवोस्ट शीला को उनके पद से हटा दिया। 4पीएम ने गल्र्स हॉस्टल की कई समस्याओं को भी सामने लाया था। इसमें प्रोवोस्ट की मनमानी और उनके बेटे का शराब पीकर हॉस्टल में उत्पात मचाना भी था। नये प्रोवोस्ट का कार्यभार प्रोफेसर मनुका खन्ना ने संभाल लिया है। बीते रविवार समाजवादी छात्रसभा ने भी मामले पर कुलपति से तत्काल कार्रवाई किए जाने को लेकर प्रदर्शन किया था।

कैलाश छात्रावास में गड़बडिय़ों की भरमार है। इसे लेकर शिकायतें भी खूब आ रहीं थीं। लेकिन जब इन शिकायतों पर किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं हो रही थी तो छात्राओं ने डाक के जरिए एक पत्र और पेन ड्राइव समाजवादी छात्र सभा को सौंपी थी। सूत्रों की माने तो विश्वविद्यालय कुलपति को यह पत्र और पेन ड्राइव सात तारीख को ही मिल गयी थी। जिसे लेकर कुलपति ने रविवार की शाम में एक बैठक का निर्देश दिया था। सूत्रों की माने तो इस बात की जानकारी मिलते ही प्रोवोस्ट ने हॉस्टल की लड़कियों को धमकाते हुए कहा कि या तो मेरे पक्ष में सडक़ पर उतरो या अपना सामान बांध लो। वहीं दूसरी तरफ वार्डेन की चहेती पांच-सात लड़कियों ने प्रदर्शन की कमान संभालते हुए मीडिया मुर्दाबाद और गो बैक के नारे लगाकर सडक़ पर जमकर हंगामा किया।

रविवार को समाजवादी छात्र महासभा के कार्यकताओं ने सुबह छात्र भवन के बाहर एक प्रेसवार्ता का आयोजन किया। इसमें छात्रसभा के प्रदेश सचिव अनिल यादव ने कहा कि कुलपति को होली खेलने का वीडियो छात्राओं ने पेन ड्राइव में डाक से भेजा था। यादव ने यह भी कहा कि इस हरकत की शिकायत गल्र्स हॉस्टल की लड़कियों ने दो साल पहले ही एलयू वीसी से की थी। लेकिन प्रोवोस्ट के दबाव में कार्रवाई नहीं की गई। पांच दिन पहले छात्राओं ने फिर से वीसी को शिकायत के साथ वीडियो भी भेजा। तब वीसी ने जांच के लिए कमिटी बना दी थी, लेकिन छात्राएं प्रोवोस्ट से डरी हुई हैं।

छात्रसभा नेता अनिल ने यह भी आरोप लगाया कि जिस हॉस्टल में अभिभावक अपनी बेटियों से मिलने अंदर तक नहीं जा सकते, ऐसे में प्रोवोस्ट के बेटे का यह आचरण नियमों का उल्लंघन है। रविवार को समाजवादी छात्रसभा ने निष्पक्ष जांच के लिए प्रोवोस्ट को हटाने की मांग को लेकर वीसी आवास पर प्रदर्शन भी किया। छात्रसभा के अनुसार उनके पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने वीसी से हॉस्टल की प्रोवोस्ट को हटाने की मांग रखी और सोमवार बारह बजे तक का समय भी दिया। मामले को लेकर रविवार की देर शाम यूनिवर्सिटी ने प्रोफेसर शीला मिश्रा को प्रोवोस्ट पद से हटाने के साथ ही जांच पूरी होने तक हॉस्टल परिसर में घुसने तक के लिए मना कर दिया गया है।
वीडियों के वायरल होने पर मचा हंगामा

समाजवादी छात्र महासभा के सुबूत के तौर पर दिए गए प्रोवोस्ट के खिलाफ वीडियो में हॉस्टल की प्रोवोस्ट प्रोफेसर शीला मिश्रा का बेटा उत्कर्ष हॉस्टल में रहने वाली लड़कियों के साथ रंग और कीचड़ से होली खेल रहा है। अपने बचाव में प्रोवोस्ट शीला ने अपनी चहेती छात्राओं को आगे कर रविवार को कैलाश छात्रावास में प्रेसवार्ता का आयोजन किया। जिसमें छात्राओं ने प्रोवोस्ट को बचाने के लिए यहां तक सफाई दे डाली की प्रोवोस्ट का बेटा यहा रहता ही नहीं है। वह तो सिक्किम मनिपाल यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहा है। साथ में छात्राओं ने मीडिया पर आरोप लगाते हुए खुलेआम अभद्र टिप्पणी की। यह वहीं छात्राएं थी जो वीडियो में प्रोवोस्ट के बेटे के साथ होली डांस कर रहीं थीं।

मैंनेजमेंट हॉस्टल से भी हटाई गई थीं शीला
साल 2007-08 में मैंनेजमेंट छात्रावास की प्रोवोस्ट थी शिला मिश्रा। वहां पर भी छात्रावासों में इस प्रकार की ढेरों शिकायतों के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच के बाद दोषी पाने पर शीला को पद से हटाया था। उस समय छात्राओं ने यह शिकायत की थी की इनके परिवार के लोग छात्रावास परिसर में घूमते रहते हैं जिससे छात्राएं खुद को असहज महसूस करती थी। इसी शिकायत के बाद इन्हें मैंनेजमेंट छात्रावास से शिक्षकों की सहमति के बाद हटवाया गया था।

जांच हो सकती है प्रभावित
हॉस्टल की गड़बडिय़ों और वायरल वीडियो को लेकर छात्राओं में अभी भी आक्रोश है कि सिर्फ प्रोवोस्ट के हटाने से कुछ नहीं होगा। उनके प्रतिनिधि इस जांच को प्रभावित कर सकते हैं। अगर पूरी तरह से निष्पक्ष जांच चाहिए तो पूरे स्टाफ को बदलना होगा।

“यह बहुत ही शर्म की बात है। जांच पूरी होने तक प्रो.शीला मिश्रा से कार्यभार ले लिया गया है। जांच के लिए बनी कमिटी की रिपोर्ट के
आधार पर आगे उचित कार्रवाई की जाएगी। दोषी पाए जाने पर सजा जरूर दी जाएगी। एग्जाम पर कोई संकट नहीं है।”
– एस.बी. निमसे, कुलपति

“हॉस्टल में ही मेरा आवास है। ऐसे में यहां होली, दिवाली मनाना पारिवारिक मामला है। जिन छात्राओं के साथ मेरे बेटे ने होली खेली उन्हें भी कोई आपत्ति नहीं है।”
– प्रो शीला मिश्रा, प्रोवोस्ट

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