4पीएम में खबर छपने के बाद जलाई गईं स्ट्रीट लाइटें फिर बुझीं, अंधेरे में डूबा गोमतीनगर विस्तार

  • अलकनंदा से सरस्वती अपार्टमेंट तक खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों का मामला

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्कcapture
लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण की कार्यप्रणाली हमेशा से ही सवालों के घेरे में रही है। इससे एलडीए वीसी को शायद कोई फर्क नहीं पड़ता। इसलिए वह चुप्पी साधे हुए हैं। गोमतीनगर विस्तार के अलकनंदा से सरस्वती अपार्टमेंट तक सडक़ों पर दो महीनों से नहीं जल रही स्ट्रीट लाइटों की खबर बीते कुछ दिनों पहले 4पीएम में प्रकाशित की गई थी। इसमें लाखों रुपये के भ्रष्टïाचार को उजागर किया गया था। खबर छपने के बाद हरकत में आये एलडीए ने स्ट्रीट लाइटों को तत्काल ठीक करवा दिया था लेकिन अब यह इलाका फिर अंधेरे में डूब गया है। एलडीए अधिकारियों की मक्कारी के चलते तीन-चार दिन स्ट्रीट लाइटें जलने के बाद दोबारा फिर बंद कर दी गईं। इससे साफ जाहिर होता है कि एलडीए के वीसी से लेकर अन्य अधिकारी तक सब भ्रष्टïाचार करने में मस्त हैं, उनको किसी की समस्या से कोई लेना देना नहीं है।

क्या था मामला

शहर के गोमतीनगर विस्तार में अलकनंदा अपार्टमेंट से लेकर सरस्वती अपार्टमेंट तक सडक़ों पर लगी स्ट्रीट लाइटें बीते दो महीने से खराब पड़ी थीं। इस पर कई बार शिकायतें भी की गईं, जिसके बाद मौके पर पहुंचकर कर्मचारी लाइटों की अदला-बदली करके अपनी जिम्मेदारी निभा लेते थे। वहीं इस समस्या को लेकर जब एलडीए वीसी डॉ. अनूप यादव से बात की गई और समस्या को 4पीएम में प्रकाशित किया गया, तब एलडीए हरकत में आया था और मामले पर संज्ञान लेते हुए तत्काल स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त करवाया गया। इसके तीन-चार दिन बाद ही एलडीए की कार्यप्रणाली एक बार फिर उजागर हुई। क्योंकि यहां लाइटें तीन-चार दिन जलने के बाद फिर बंद हो गर्ईं। इससे एलडीए अधिकारियों की मक्कारी साफ-साफ छलकने लगी है। इस समस्या को लेकर जब एक बार फिर एलडीए वीसी से संपर्क किया गया, तो उनका फोन नहीं उठा।

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