4पीएम की खबर से भाजपा में हडक़ंप, रुपेश को पार्टी से निकाला

रुपेश ने बनारस में लगवाए थे विवादित पोस्टर
पार्टी ने की कार्रवाई, दिखाया बाहर का रास्ता
मामले को लेकर सपा कार्यकर्ताओं ने फूंका बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष केशव मौर्या का पुतला

tucg14पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। केशव का कृष्ण अवतार में पोस्टर लगाकर राजनीति करने का पैतरा बनारस के भाजपा कार्यकर्ता रुपेश पांडेय को भारी पड़ गया। इस खबर को सबसे पहले 4पीएम ने अपने शुक्रवार के अंक में ‘पीएम मोदी के क्षेत्र में केशव मौर्या को बताया गया कृष्ण, विपक्ष ने बोला हमला’ शीर्षक को प्रमुखता से छापा। जिसके बाद रुपेश पांडेय को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।
मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस में लगे विवादित पोस्टर में मुख्यमंत्री को कौरव के रूप में देख बौखलाए सपा के कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह पर बीजेपी प्रदेश अघ्यक्ष केशव प्रसाद मौर्या का पुतला फूंकना शुरू कर दिया।
भाजपा कार्यकर्ता रुपेश पांडेय ने रामनवमी पर बीजेपी के नए प्रदेश अध्यक्ष का न सिर्फ विवादित पोस्टर लगवाया बल्कि उस पर धार्मिक भावना को आहत करने वाला एक स्लोगन भी लिखवाया जिसमें यह लिखा था कि यह कलियुग में केशव केवल उपदेश नहीं देते रणभूमि में युद्ध करते हैं। जिसके कारण वाराणसी में लोग इससे आक्रोशित हैं। इस बात से नाराज सपा कार्यकर्ताओं ने गुलाब बाग स्थित भाजपा कार्यालय के बाहर केशव मौर्य का पुतला फूंकने के साथ ही जमकर नारे बाजी भी की। सबसे पहले इस पोस्टर को केवल सोशल मीडिया पर डाला गया था। 4पीएम अखबार ने इस खबर को प्रमुखता से छापा जिसके बाद भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता आईपी सिंह ने कहा कि रुपेश पांडेय का बीजेपी से लेना देना नहीं है उनके जैसे करोंड़ों कार्यकर्ता बीजेपी में है, ऐसे में पार्टी सभी कार्यकर्ताओं का जिम्मा तो नहीं ले सकती। वहीं दूसरी तरफ रुपेश पाडेय की इस कृत्य के कारण उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिया गया। सूत्रों की माने तो भाजपा एक तरफ तो उन्हें अपनी पार्टी का कहने से इनकार कर रही है वहीं दूसरी ओर उन्हें पार्टी से भी अलग किया गया है।
दूसरी तरफ सीएम व काबीना मंत्री आजम खां को कौरव के रूप में दिखाने के मामले में बनारस सपा नगर अध्यक्ष राजकुमार जायसवाल, पूर्व मंत्री मनोज राय धूपचंडी कोतवाली थाने पहुंचे और भाजपा कार्यकर्ता के खिलाफ तहरीर दी। कई घंटे की टालमटोल के बाद कोतवाली पुलिस ने भाजपा कार्यकर्ता रुपेश पांडेय के खिलाफ मानहानि,आईएक्ट की धाराओं समेत 153ए, 469 , 500, 66 ए के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।
इस पूरी प्रक्रिया पर रुपेश पांडेय विवादित बयान देने से भी बाज नहीं आए उनका कहना है कि हां यह पोस्टर मैंने छपवाए हैं रामनवमी के कारण लोग नहीं मिल पाए वर्ना होडिंग्स भी लगवाता।

गर्मी की वजह से डीएम ने बदला स्कूल का टाइम

नर्सरी से कक्षा 6 तक स्कूलों का समय सुबह 7 बजे से 11 बजे तक

लखनऊ। बढ़ते पारे ने अप्रैल की शुरुआत से ही अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। गर्मी से लोग बेहाल हुए जा रहे हैं। गर्मी के मद्देनजर डीएम राजशेखर ने स्कूलों के समय में बदलाव करने का निर्देश दिया है। डीएम ने नर्सरी से लेकर कक्षा 6 तक के सभी स्कूलों का समय सुबह 7 बजे से 11 बजे तक और कक्षा 7 से 12 तक का समय सुबह 7 से दोपहर 12 बजे तक करने का निर्देश जारी किया है। स्कूलों को हिदायत दी गई है कि वह इस नियम का पूरी तरह से पालन करें जिससे स्कूलों की छुट्टी के समय होने वाली तेज धूप से बच्चों को प्रभावित होने से बचाया जा सके। सभी स्कूल संचालकों को इस समय का पालन करने का निर्देश दिया गया है। मामले में अवहेलना पर कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी।

मुस्लिम वोटों में सेंधमारी के लिए ओवैसी काट रहे हैं यूपी का चक्कर

आज राजधानी में शिया धर्मगुरुओं से मिले ओवैसी
बिगड़ सकता है यूपी चुनावों का गणित
भाजपा, सपा, बसपा सहित सबके लिए है खतरे की घंटी
मुस्लिम वोटों को एआईएमआईएम के पाले में करने का है जोर

लखनऊ। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन का दायरा बढ़ाने की कवायद में जुटे पार्टी के राष्टï्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी यूपी के चक्कर काटने में पूरी तरह से जुट गए है। ओवैसी की नजर साल 2017 के यूपी विधानसभा चुनावों पर है। पहले महाराष्टï्र और फिर बिहार विधानसभा चुनाव में शिरकत करने के बाद ओवैसी ने यूपी चुनावों से अपनी पार्टी को मजबूती देने का मन बना लिया है।
यूपी चुनावों के मद्देनजर अपनी रणनीति को आगे बढ़ाते हुए एआईएमआईएम अध्यक्ष ओवैसी आज लखनऊ पहुंचे। वह यहां 17 मार्च को होने वाली एक जनसभा को संबोधित करेंगे। अपने इस दौरे पर वे मुस्लिम वोट बैंक को पूरी तरह से अपने पाले में करने की जुगत लगाएंगे। इस क्रम में ओवैसी यहां शिया धर्मगुरु कल्बे जव्वाद सहित नदवा के मौलानाओं से भी मिले। यूपी के अपने इस दो दिनी दौरे में ओवैसी आजमगढ़ के संजरपुर और सरायमीर सहित पूर्वी प्रदेश के कई जिलों का दौरा कर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर चुनावी रणनीति पर भी जोर देंगे।

बिगाड़ सकते हैं ओवैसी प्रदेश का चुनावी समीकरण
बाबा साहब भीम राव अंबेडकर की जयंती पर मायावती ने ओवैसी पर हमला करते हुए कहा था कि वह भाजपा के एजेंट हैं। ऐसे में ओवैसी के हालिया दौरे से प्रदेश का चुनावी समीकरण पूरी तरह से बदल सकता है। वैसे तो ओवैसी पहले भी कई मौकों पर इस बात की घोषणा कर चुके हैं कि वे यूपी विधानसभा के चुनावी जरूर उतरेंगे। ऐसे में यूपी चुनावी परिणाम उलटफेर होने की पूरी गुजांइश बन सकती है। एआईएमआईएम मुस्लिम वोट बैंक पर नजर गड़ाए हुए है। यूपी चुनाव लडऩे का एक बड़ा कारण यहां मुस्लिम वोट बैंक का सरकार के बनने-बिगडऩे में खासा योगदान है। ऐसे में बसपा, सपा और भाजपा सहित दूसरी पार्टियों की चिंता बढऩी जायज है। ओवैसी ने बीते महाराष्ट्र चुनाव और बिहार चुनाव में भी अपने प्रत्याशी उतारें थे। महाराष्ट्र की 288 सीटों पर चुनाव चुनाव में एआईएमआईएम ने 24 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे।जबकि उन्हें केवल दो सीटों पर जीत हासिल हुई थी। वही बिहार चुनाव की 243 सीटों पर ओवैसी ने मुस्लिम बहुताय क्षेत्र सीमांचल की छह सीटों पर चुनाव लड़ा था पर कोई सीट हाथ नहीं लगी। लेकिन यूपी के मुस्लिम वोटों से सत्ता की सीढ़ी चढऩे का ओवैसी ने पूरा इंतजाम करना शुरू कर दिया है।

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