4पीएम की खबर छपने के कुछ घंटों बाद ही रेपिस्ट डॉक्टर हुआ बर्खास्त

बलात्कार के आरोपी डॉक्टर पे्ररित अग्रवाल का मामला
30 मई को ‘4 पीएम सांध्य हिन्दी दैनिक’ ने प्रकाशित की थी खबर

S1 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। ‘4 पीएम सांध्य हिन्दी दैनिक’ में बलात्कार के आरोपी डॉक्टर पे्ररित अग्रवाल की खबर प्रकाशित होने के बाद केजीएमयू और लोहिया संस्थान में हडक़म्प मच गया। लोहिया संस्थान की निदेशिका प्रो. नुजहत हुसैन ने खबर प्रकाशित होने के कुछ घंटे बाद ही डॉ. पे्ररित अग्रवाल को बर्खास्त कर दिया। इसी डॉक्टर को मॉस्टर ऑफ सर्जरी की डिग्री से नवाजने के लिए केजीएमयू प्रशासन ने पूरी तैयारी की थी, लेकिन मीडिया में खबर प्रकाशित होने के बाद सूची से पे्ररित अग्रवाल का नाम हटाते हुए केजीएमयू प्रशासन ने अपनी प्रतिष्ठा बचाई थी। वहीं दूसरी तरफ क्राइम ब्रांच टीम भी पे्ररित को तलाश कर रही है।
बता दें कि केजीएमयू के डॉ. पे्ररित अग्रवाल पुत्र प्रदीप कुमार अग्रवाल (उस दौरान तत्कालीन अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत महोबा) निवासी फैजाबाद रोड कोतवाली चिनहट के खिलाफ एक युवती ने वजीरगंज कोतवाली में 23 नवम्बर को धारा 376, 506, 4डीपीएक्ट और 67 आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया था युवती के मुताबिक मार्च 2014 में एक वेबसाइड के जरिये उसकी मुलाकात डॉ. पे्ररित अग्रवाल से हुई थी। जहां 23 मार्च को पे्ररित ने युवती से शादी करने की बात रखी। शादी करने की बात को युवती ने स्वीकार कर लिया। दोनों एक-दूसरे से मिलने लगे। युवती ने बताया कि 16 अपै्रल को पे्ररित अग्रवाल ने धोखे से उसे अपने घर बुलाया। जहां उसके साथ जबरदस्ती बलात्कार किया। युवती ने पुलिस में शिकायत करने की बात कही तो पे्ररित ने जल्द ही शादी करने का वादा किया। शादी का झांसा देकर पे्ररित युवती का बलात्कार करता रहा। कई माह व्यतीत होने के बाद युवती ने शादी की बात कही तो पे्ररित ने अपने पिता से बात करने के लिए कहा। युवती के परिजन जब पे्ररित के पिता प्रदीप से बात करने गये तो प्रदीप ने 50 लाख रुपये नकद, एक चार पहिया वाहन और होटल ताज से शादी करने की बात कही। दहेज की इतनी बड़ी मांग को सुनकर परिजन सकते में आ गये और असमर्थता जताने लगे। जहां प्रदीप ने अपशब्दों का प्रयोग करते हुए सभी को घर से बाहर भगा दिया। इसकी जानकारी होने पर युवती ने पे्ररित से शिकायत की तो पे्ररित ने 18 नवम्बर 2014 को बात करने के लिए मेडिकल कॉलेज बुलाया। जहां साफ शब्दों में युवती से अपना पीछा छोडऩे की बात कही। इतना ही नहीं युवती के मुताबिक जान से मारने की धमकी दी। इस मामले में युवती ने वजीरगंज कोतवाली में तहरीर दी। जहां काफी दौड़ाने के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। लेकिन मामला हाईफाई होने के कारण पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। जहां डीआईजी के आदेश पर पुलिस को पे्ररित की तलाश है। इस खबर को ‘4 पीएम सांध्य हिन्दी दैनिक’ ने 30 मई के अंक में पेज नम्बर तीन पर ‘केजीएमयू के बलात्कारी डॉक्टर को लोहिया संस्थान ने दी 55 हजार की नौकरी’ शीर्षक नाम से प्रकाशित किया था। खबर प्रकाशित होने के बाद लोहिया संस्थान में हडक़म्प मच गया। कुछ घंटे बाद ही डॉ. पे्ररित अग्रवाल को बर्खास्त कर दिया।

लोहिया में था पे्ररित, पुलिस को पता नहीं जिस डॉक्टर को क्राइम ब्रांच टीम तलाश कर रही है वह लोहिया संस्थान में 1 जून को देखा गया। लेकिन पुलिस को पता नहीं चल पाया। सूत्रों ने बताया कि डॉ. पे्ररित अग्रवाल ने निदेशिका से मिलने के लिए प्रयास किया लेकिन उसे नहीं मिलने दिया गया।

छात्रों ने अपने लेवल पर सर्च ऑपरेशन चलाया लेकिन शक्ति यादव नहीं मिला। दोबारा फिर से उसकी तलाश में छात्रों का दल उसी जगह पर गया जहां से वह गायब हुआ था। काफी देर बाद शक्ति की लाश गहरी खाई में एक पेड़ से लटकती मिली।
कुछ वर्ष पहले टूरिज्म डिपार्टमेंट का भी एल दल स्टडी टूर पर पुरी जा रहा था। स्टडी दल में एक छात्र की ट्रेन से कट कर हुई मौत ने मामला गर्मा दिया था। इसके अलावा कई बार ऐसे हादसे हुये हैं जिसमें स्टडी टूर ऑपरेटर ने छात्रों को परेशान किया है।
बड़ा सवालसबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर उत्तराखंड गये स्टडी टूर के साथ कोई जिम्मेदार व्यक्ति क्यों नहीं गया। हादसे के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन को त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए थी। लेकिन प्रशासन मामले की लीपापोती में जुट गया। क्या कारण है कि शक्ति की मौत की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली और मामले को दबा दिया गया। जबकि शक्ति के परिजनों का सीधा आरोप है कि शक्ति एक कुशल तैराक था उसे पहाड़ों पर चलने का अनुभव था वह बागनी ग्लेशियर पर शोध कर रहा था। शक्ति प्रतिवर्ष ट्रैकिंग पर जाता था ऐसे में शक्ति की मौत की कहानी उनके गले नहीं उतर रही है और वह इस पूरे प्रकरण की जांच करवाना चाहते हैं।

निदेशिका ने की बर्खास्तगी की पुष्टि
डॉ. पे्ररित अग्रवाल को बर्खास्त कर दिया गया है। उनके बारे में इस तरह की जानकारी पहले से नहीं थी। पुलिस भी कई बार संस्थान में दबिश दे चुकी है।
-प्रो. नुजहत हुसैन
लोहिया संस्थान की निदेशिका
मौत का टूर बनते स्टडी टूर
स्टडी टूर पर उत्तराखंड गये एलयू के छात्र की मौत, सवालों के घेरे में यूनिवर्सिटी प्रशासन
लखनऊ। कैबिनेट मिनिस्टर शाहिद मंजूर की बेटी डा. अदीबा की मौत का गम अभी हल्का भी न हो पाया था कि एक और छात्र की स्टडी टूर में हुयी मौत ने सवालिया निशान खड़े कर दिये हैं। ताजा मामला लखनऊ यूनिवर्सिटी के छात्र शक्ति कुमार यादव की स्टडी टूर के दौरान हुई मौत का है। शक्ति का स्टडी टूर उसकी मौत का टूर साबित हुआ। हुआ यह कि पिछले दिनों भू-गर्भ विज्ञान विभाग के छात्रों का दल डीएसटी प्रोजेक्ट के लिए स्टडी टूर पर उत्तरखंड के मलारी, दूनगिरी और वाणिनी बैली जोशीमठ के लिए रवाना हुआ था। हैरत की बात है कि जिस शक्ति यादव को पहाड़ पर चलने का अनुभव था उसी शक्ति यादव की रहस्यमय परिस्थितियों में हुई मौत ने बड़ा सवालिया निशान खडा़ कर दिया है। शक्ति की मौत भी वैसे ही हुई जैसे डा. अदिबा की मौत हुई थी यानी पैर फिसल कर। अपुष्ट सूत्रों के मुताबिक शक्ति पगडंडी पर चल रहा था कि अचानक उसका पैर फिसला और उसकी मौत हो गयी। शक्ति की आखिरी खबर चमोली से आयी। चमोली से छात्रों का दल लौट कर जब आया तो पता चला कि उसमें शक्ति नहीं है। छात्रों ने काफी देर उसका इंतजार किया लेकिन वह नहीं लौटा।

मैं उसे बचपन से जानता हूं वह बहुत ही समझदार और ट्रैकिंग में माहिर था जैसा उसके साथ गये लोगों का कहना था कि वह पैर फिसलने से गिरा है तो यह गलत है वह कहीं भी जाने से पहले उस जगह का बारीकियों से अध्ययन करता था। उसके साथ जरुर कुछ गलत हुआ है। 

-चन्द्रशेखर, फ्रेंड

मैं शक्ति को वर्ष 2006 से जानता हूं वह अपने काम को लेकर बहुत संजीदा रहता था। यही नहीं वह जीआरएफ का टॉपर था। उसे पहाड़ों के विषय मे बहुत जानकारी थी उसे इस बात का भी ज्ञान था कि किस मौसम मे किस रास्ते पर क्या सावधानी बरतनी चाहिए। यह निश्चित ही हत्या है सोची समझी साजि़श है।
-आशुतोष कुमार दूबे, फ्रेंड

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