3जी चला नहीं पा रहा, 4जी के सपने दिखा रहा वोडाफोन

  • बेहद खराब नेटवर्क है वोडाफोन का, ना फोन मिले, ना इंटरनेट चले
  • आनन-फानन में होर्डिंग्स लगाकर फोर जी शुरू करने का दावा
  • हकीकत में वोडोफोन का टूजी और थ्रीजी भी सही नहीं चलता
  • संचार मंत्री को दर्जनों शिकायतें करने के बाद भी कंपनी के खिलाफ नहीं हुई कार्रवाई

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

Captureलखनऊ। टेलीकॉम इंडस्ट्री की जानी मानी कंपनी वोडाफोन जनता को फोरजी मोबाइल नेटवर्क के सपने दिखा रही है लेकिन हकीकत में उपभोक्ताओं को टूजी और थ्रीजी नेटवर्क सेवा ही सुचारू रूप से उपलब्ध कराने में नाकाम रही है। वोडाफोन यूपी की राजधानी लखनऊ समेत कई शहरों में अपने खराब नेटवर्क और खराब सर्विस को लेकर चर्चा में है।

खराब मोबाइल नेटवर्क की वजह से इस कंपनी के उपभोक्ताओं का बुरा हाल है। उपभोक्ता अपनी समस्याओं के संबंध में संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद तक को पत्र लिखकर वोडाफोन कंपनी की खराब सर्विस के बारे में अवगत करा चुके हैं लेकिन न तो नेटवर्क में सुधार हुआ और न ही कंपनी के खिलाफ कोई ऐक्शन लिया गया है। जबकि उपभोक्ताओं की समस्याएं आज भी जस की तस बनी हुई हैं।
वोडाफोन कंपनी उपभोक्ताओं को कनेक् शन और सिम देते समय अपने नेटवर्क और सर्विस का बखान करते नहीं थकती है। टीवी चैनल्स पर भी कंपनी की तरफ से मोबाइल नेटवर्क को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते रहे हैं। लेकिन हकीकत में स्थिति बिल्कुल ही उलट है। उपभोक्ताओं के मोबाइल में वोडाफोन का नेटवर्क फुल तो रहता है लेकिन न ही कॉल लगती और न इंटरनेट सही तरीके से चलता है। इन्ही सब परेशानियों से आजिज होकर राणा प्रताप मार्ग पर रहने वाली वोडाफोन उपभोक्ता अर्चना दयाल ने संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद को खत लिखा था। अर्चना का कहना है कि वोडाफोन के प्रचार-प्रसार के झांसे में आकर उन्होंने इसका सिम लिया था। लेकिन जब से उन्होंने इस सिम को लिया है वह कॉलड्रॉप और खराब इंटरनेट सर्विस से काफी परेशान हैं। इस बात की शिकायत वोडाफोन के अधिकारियों से की जा चुकी है लेकिन हर बार कोई न कोई बहाना बनाकर मामले को टाल देते हैं।
इसी प्रकार गोमती नगर विस्तार स्थित सरस्वती अपार्टमेंट के लोगों ने भी वोडाफोन के खराब नेटवर्क की लिखित शिकायत की थी। उपभोक्ताओं को सप्ताह भर में समस्या का समाधान करने का भरोसा दिलाया गया लेकिन करीब 4 महीने बाद भी नेटवर्क में सुधार नहीं हुआ। ऐसी स्थिति में वोडाफोन को उपभोक्ताओं की परेशानी को अनदेखा करना कहीं भारी न पड़ जाये।
गौरतललब है कि ग्राहकों को सबसे बेहतर सुविधा देने का दावा करने वाली टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन के सारे दावे खोखले साबित हो रहे हैं। इसी वजह से हजारों की संख्या में उपभोक्ता खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। जिन लोगों ने कंपनी के प्रचार-प्रचार पर भरोसा करके अपना सिम वोडाफोन में पोर्ट करा लिया है, उनके सामने सबसे बड़ी मुसीबत है। वह चाहकर भी एक निश्चित समय के बाद ही अपना सिम किसी और कंपनी में पोर्ट करा सकते हैं।

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