28 साल बाद लगेगा मरहम

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव से कुछ दिन पहले ही हाशिमपुरा कांड के पीडि़तों ने लखनऊ में मुलाकात की थी और अपना दर्द बयां किया था। उसके बाद मुलायम सिंह यादव ने उनको कुछ अच्छा करने का आशवासन भी दिया था। जाहिर है अगर इतिहास के पन्नों को पलटिये तो मुलायम सिंह यादव दर्द नुमा लोगों के लिये मरहम लगाते हुए जरूर नजर आये। इसका जीता जागता सुबूत हाशिमपुरा कांड है जिसके पीडि़तों को सरकार की तरफ से आर्थिक मदद दी गई।

मेरठ के हाशिमपुरा कांड में पीडि़तों के परिजनों को 2 करोड़ 24 लाख 20 हजार रुपए की धनराशि देने का फैसला लिया गया है। शासन ने यह धनराशि वितरित करने के लिए अपनी स्वीकृति दे दी है। मेरठ के हाशिमपुरा में घटित घटना से प्रभावित व्यक्तियों के लिए अतिरिक्त अनुग्रह राशि दिए जाने का निर्णय शासन द्वारा लिया गया है। इसी साल हाशिमपुरा नरसंघार के आरोपी पीएसी के जवानों को दिल्ली की एक निचली अदालत ने सुबूतों के अभाव में बरी कर दिया था। इसके बाद हाशिमपुरा के दंगों के पीडि़तों के लिए सरकार द्वारा आर्थिक अनुग्रह जारी करना अपने आप में काफी अहम है। शासन द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार, मेरठ नगर के हाशिमपुरा में साल 1987 में घटित पीएसी गोलीकांड से प्रभावित व्यक्तियों के परिजनों में वितरण के लिए दो करोड़ 24 लाख 20 हजार रुपए की धनराशि स्वीकृत की गई है। इस धनराशि में से 34 लाख 20 हजार रुपए सात व्यक्तियों को दी जाएगी। जिनमें से दो मृतक के परिजन और 5 घायल व्यक्ति हैं। इसके अलावा इस घटना मेेंं मृतक और लापता 38 व्यक्तियों के लिए एक करोड़ 90 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है। जिससे इस कांड के पीडि़तों के जख्मों पर सरकार ने कुछ मरहम लगाने का काम किया है और शायद इससे उनके दर्द का कुछ निवारण हो सके।

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