147 वां स्थापना दिवस समारोह मना रहा बलरामपुर अस्पताल

1869 में रेजीडेंसी हिल डिस्पेंसरी के रूप में हुयी थी अस्पताल की शुरुआत

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजधानी का बलरामपुर अस्पताल आज अपना 147वॉ स्थापना दिवस समारोह मना रहा है। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में स्वास्थ्य राज्यमंत्री शंख लाल मांझी, डॉ. एसपी यादव, सुधीर कुमार रावत उपस्थित रहे। इस मौके पर इमरजेंसी काम्प्लेक्स स्थित सभागार में अस्पताल की स्मारिका का विमोचन किया गया।
बलरामपुर अस्पताल की स्थापना वर्ष 1869 में रेजीडेंसी हिल डिस्पेंसरी के रूप में हुई। महाराजा बहादुर भगवती सिंह महाराजा ऑफ बलरामपुर ने वर्ष 1901-02 में अस्पताल के विस्तार के लिए धनराशि उपलब्ध करायी थी। उन्हीं के नाम से इसका नाम बलरामपुर चिकित्सालय कर दिया गया। पूर्व में इसका संचालन बलरामपुर हास्पिटल ट्रस्ट लखनऊ नामक संस्था द्वारा किया जाता था। वर्ष 1948 में इस चिकित्सालय का प्रांतीयकरण किया गया। यहां पर कुल तीन चिकित्सक कार्यरत थे। वर्तमान समय में 13 एकड़ में फैले अस्पताल में 656 बेड, इसमें 60 प्राइवेट कक्ष,14 आईसीसीयू बेड और 40 बेड की इमरजेंसी संचालित है। इसके अतिरिक्त 100 बेड युक्त सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक है। 94 चिकित्सक, 175 नर्सिग और 69 पैरामेडिकल स्टाफ तैनात है। अस्पताल के 147 वें स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर मंगलवार को हुए सतत्ï चिकित्सा शिक्षा कार्यक्रम में दिल्ली के अजंता हॉस्पिटल के बैरियाट्रिक सर्जन डॉ. राहुल सिंह ने अपने व्याख्यान में कहा कि शरीर में अत्यधिक चर्बी हो जाए तो उसे कम करने के लिए बैरियाट्रिक सर्जरी का प्रचलन बढ़ा है। इस सर्जरी से मोटापा तो कम होता ही है लेकिन डायबिटीज भी ठीक हो सकती है। इस सर्जरी के बाद मरीज को अपने खानपान पर ध्यान देने की जरूरत रहती है। केजीएमयू के कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग के डॉॅ.उदय मोहन ने टीकाकरण विषय पर कहा कि गरीबों के टीकाकरण पर सरकार को और अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है।

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