130 परिवारों पर मंडरा रहा बेघर होने का खतरा

डालीबाग में हैदर कैनाल के पास रहने वाले परिवारों का मामला
गृहमंत्री का आश्वासन मिलने के बाद भी नहीं टला खतरा

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। डालीबाग में हैदर कैनाल के समीप मलिन बस्ती में रहने वाले 130 परिवारों पर बेघर होने का खतरा मंडरा रहा है। बस्ती के पास खंडहर बन चुकी कोठी को दोबारा बनाने की आड़ में गरीबों को बेघर करने और जमीन कब्जाने की कोशिश की जा रही है। इस संबंध में बस्ती के लोगों ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह तक से भी गुहार लगाई। उन्होंने गरीबों की बस्ती सही सलामत रहने का आश्वासन दिया लेकिन बस्ती को खाली कराने पर आमादा दबंग नहीं मान रहे हैं। दबंग 24 घंटे बाद बस्ती खाली करवाने की धमकी दे रहे हैं। ऐसे में बस्ती में रहने वाले लोगों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। वे न्याय की आस में दर-बदर भटक रहे हैं।
राजधानी में पड़ रही भयंकर ठंड में खुली छत के नीचे जीवन गुजारना बड़ी चुनौती है। सरकार गरीबों को ठंड से बचाने के लिए कंबल वितरण और अलाव का प्रबंध कर रही है लेकिन डालीबाग क्षेत्र में हैदर कैनाल के किनारे मलिन बस्ती में रहने वाले 130 परिवारों को कुछ लोग बेघर करने की कोशिश कर रहे हैं। मलिन बस्ती जनकल्याण समिति के अध्यक्ष ब्रजभूषण सिंह का आरोप है कि मलिन बस्ती को खाली करवाने में जुटे लोगों को जिला प्रशासन का भी सहयोग मिल रहा है। इस कारण मलिन बस्ती में रहने वाले लोगों को जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी नगर पूर्वी के कार्यालय का चक्कर लगाने और अपनी समस्याओं से अवगत करवाने के बाद भी राहत नहीं मिली। हारकर मलिन बस्ती में रहने वाले लोगों ने केन्द्र सरकार में गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर अपनी समस्याओं से अवगत कराया और न्याय दिलाने की गुहार लगाई। गृहमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेकर तत्काल जिला प्रशासन के अधिकारियों को मौके का मुआयना करने और अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया। इसके साथ ही बस्ती के लोगों को आश्वासन दिया कि उनका आशियाना नहीं उजड़ेगा। इसके बावजूद बस्ती को उजाडऩे का फिराक में लगे लोग बस्ती वालों को 24 घंटे में घर छोडक़र चले जाने की चेतावनी दे रहे हैं। ऐसा नहीं करने पर जबरन बस्ती खाली करवाने की धमकी दे रहे हैं। इस संबंध में हजरतगंज पुलिस को भी शिकायती पत्र दिया जा चुका है। लेकिन पुलिस दबंगों के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाय चुप्पी साधे हुए है।
गौरतलब हो कि गृहमंत्री का आदेश मिलने पर अपर जिलाधिकारी नगर पूर्वी निधि श्रीवास्तव ने मलिन बस्ती का दौरा किया। वहां रहने वाले लोगों और बस्ती को हटवाने की धमकी देने वाले लोगों के संबंध में मिली शिकायतों की जांच पड़ताल की। बस्ती वालों का आशियाना बचाने की हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया। इसके साथ ही बस्ती को जबरन उजाडऩे की धमकी देने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। ये अलग बात है कि बस्ती के लोग प्रशासनिक अधिकारियों की तरफ से आश्वासन मिलने के बाद भी डरे हुए हैं। उनको भयंकर ठंड और गलन के मौसम में बेघर होने और अपने परिवार के लोगों की सुरक्षा की चिन्ता सता रही है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश की आड़ में बस्ती खाली करवाने की कोशिश
बस्ती में रहने वाले शिव कुमार शर्मा का आरोप है कि सर्वोच्च न्यायालय ने 29 सितंबर 2015 को स्वेच्छा से तीन महीने के अंदर भवन संख्या-7 खाली करने का आदेश दिया गया था। यह अवधि आज समाप्त हो रही है। इस संबंध में अपर जिला मैजिस्ट्रेट नगर पूर्वी ने उक्त भवन से अवैध कब्जेदारों को हटवाने का आदेश भी दिया, जिसको गंभीरता से लेकर भवन संख्या-7 से अवैध कब्जेदारों को स्वत: हटने का नोटिस दिया गया। बस्ती के लोगों को आरोप है कि भवन स्वामी सुप्रीम कोर्ट के आदेश की आड़ में भवन के निकट मलिन बस्ती में रहने वाले लोगों को हटवाने में जुट गये हैं। इसका मकसद डालीबाग जैसे पॉश इलाके में 15000 वर्ग मीटर जमीन को हथियाना है। इस जमीन की कीमत लाखों में है। इसलिए 130 परिवारों को बेघर करने के लिए साम, दाम, दंड, भेद की नीति अपनाई जा रही है।

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