स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए लोहिया अस्पताल में चिकित्साकर्मियों को लगे टीके

  • केजीएमयू, सिविल तथा बलरामपुर अस्पताल में अभी तक नहीं हो पाई टीके की व्यवस्था

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
captureलखनऊ। लोहिया अस्पताल में स्वाइन फ्लू के मरीजों का इलाज करने वाले चिकित्सकों को अस्पताल प्रशासन की तरफ से टीका लगवाया जा चुका है। लेकिन अन्य सरकारी अस्पतालों में अभी तक टीके का इंतजाम नहीं हो पाया है। जबकि सरकारी अस्पतालों में जो चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टॉफ स्वाइन फ्लू के मरीजों का इलाज करते हैं, उसमें फ्लू फैलने का डर बना रहता है। इसलिए ऐसे चिकित्सकों को बचाव के लिए एंटीडोज दिया जा रहा है। लेकिन ये टीका केवल चिकित्सकों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को ही दिया जा रहा है, क्योंकि टीके की कीमत बहुत अधिक है। इसलिए आम आदमी को स्वाइन फ्लू से बचाव का टीका सरकारी अस्पतालों में नहीं मिलेगा।
स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए लगाये जाने वाले इस टीके की खास बात यह है कि जिस व्यक्ति को टीका लगाया जायेगा, उसको स्वाइन फ्लू नहीं होगा। इस टीके का असर एक साल तक रहेगा। डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में अब तक 50 चिकित्सक तथा अन्य कर्मचारियों का टीकाकरण करा दिया गया है। वहीं अस्पताल प्रशासन की तरफ से 100 और कर्मचारियों के लिए टीकों की मांग की गई है। जबकि केजीएमयू ,बलरामपुर अस्पताल तथा सिविल अस्पताल में अभी तक इन टीकों की खरीद भी नहीं की गयी है। जबकि आम जनता के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीके की कोई व्यवस्था नहीं की गयी है। आम जनता के लिए बीमारी की स्थिति में इलाज ही एक मात्र रास्ता बचता है। इस मामले में चिकित्सकों का कहना है कि आम लोगों को टीकों की कोई आवश्यकता नहीं है। जो रोजना इस बीमारी से ग्रसित मरीज के सम्पर्क में रहता है, उसे अवश्यकता होती है। सूत्रों की माने तो यह टीके काफी मंहगे है, जिसके चलते स्वास्थ्य महकमा इसे आम लोगों के लिए खरीदने में रुचि नहीं दिखा रहा है।

 

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