सूदखोरों के पक्ष में खड़ी हुई मलिहाबाद पुलिस, फॉरेंसिक रिपोर्ट का बहाना

  • मुकदमा दर्ज करने के बाद भी पुलिस ने आरोपी को नहीं किया गिरफ्तार
  • थानाध्यक्ष चाहते तो बच सकती थी वेद की जान

-गणेश जी वर्मा
Captureलखनऊ। मलिहाबाद थाना क्षेत्र में सूद की रकम नहीं लौटाने पर वेद की भले मौत हो गई लेकिन इसके बाद भी पुलिस सूदखोरों के पक्ष में खड़ी हो गई। वेद की मौत को लेकर भले हर कोई मर्माहत हो लेकिन स्थानीय पुलिस उसकी मौत को लेकर उतनी गम्भीर नहीं दिखाई पड़ रही है जितना आरोपी सूदखोर को बचाने के लिए दिखाई पड़ रही है। पुलिस ने मुकदमा तो दर्ज कर लिया लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। एसओ फॉरेंसिक रिपोर्ट के आने की बात कह रहे हैं।
मलिहाबाद के अमानीगंज में रहने वाला 20 वर्षीय वेद प्रकाश तिवारी निजी कंपनी में बीमा एजेंट था। कुछ समय पहले उसने कोरियर का काम प्रारम्भ किया था। लेकिन नुकसान होने पर उसकी पत्नी ममता तिवारी एक साल की बेटी तृषा को लेकर हरदोई अपने मायके चली गई। नुकसान की भरपाई के लिए वेद कुछ महीने पहले गांव के राहुल के पास बाइक गिरवी रखकर 35 हजार की रकम ब्याज पर ली थी। रकम वापस नहीं कर पाने पर राहुल कई दिनों से वेद प्रकाश पर दबाव बना रहा था। इस मामले को लेकर एक माह पूर्व राहुल और वेद के बीच मारपीट हुई थी। मारपीट की सूचना पर पहुंची पुलिस दोनों को लेकर थाने आई। वेद ने पुलिस को बताया कि उसकी बाइक राहुल के पास है इसके बावजूद असल रकम के अलावा ब्याज की रकम के लिए राहुल उसे परेशान कर रहा है। जहां सूदखोरी का मामला सामने आने के बाद भी एसओ अमित तोमर ने राहुल के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। राहुल के पक्ष में पुलिस ने यह समझौता करा दिया कि रकम लौटाने के बाद वेद अपनी बाइक ले जायेगा। इसके बाद भी राहुल की प्रताडऩा थमने का नाम नहीं ले रही थी। शुक्रवार को वेद संदिग्ध हालत में झुलस गया। बेटे को आग की लपटों में देखकर उसकी मां ने कंबल डालकर उसे बचाने का प्रयास किया। इसमें वह भी मामूली झुलस गई। गांव वालों की मदद से आग बुझाकर उसे थाने पहुंचाया गया। पुलिस ने उपचार के लिए सिविल में भर्ती कराया। जहां उसने दम तोड़ दिया। पुलिस मामले को आत्महत्या बताने पर तुली हुई है।
कई सवालों के साथ छात्रों को मिली क्लीन चिट
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के न्यू कैंपस में आईएमएस के छात्रों के भाग्य का फैसला आखिर एक बैठक में सुना दिया गया जिससे छात्रों को काफी राहत की सांस मिली है। फेल सभी छात्रों को पास कर दिया गया है। नये नियमों को अगले सत्र से शुरू किया जाएगा।
विश्वविद्यालय के न्यू कैंपस में चल रहे छात्रों के आक्रोश को रोकने के लिए अपनी नीतियों मे फेर बदल किया है। इसके तहत आइमेस में कई विषयों में फेल छात्रों को पास कर क्लीन चिट दे दी गयी है। यह छात्र बिना किसी बाधा के आगे आने वाली परीक्षा मे बैठ सकेंगे। नयी नीति के तहत आगे उन्हीं छात्रों को दोबारा परीक्षा में बैठने का मौका मिलेगा जिनका दो विषयों में बैक होगा यदि दो से अधिक पेपरों मे फेल होंगे उन्हें दोबार मौका नहीं दिया जाएगा। छात्र पिछले एक हफ्ते से अपनी मांगों को मनवाने के लिए लविवि के कुलपति कार्यालाय के आगे धरना प्रर्दशन कर रहे थे। छात्रों की उग्रता को देख कर विवि प्रशासन ने एक बैठक में यह निर्णय लिया कि छात्रों की मांगों को पूरा किया जाये।
न्यू कैंपस के 70 प्रतिशत छात्र कई विषयों में फेल थे। विवि प्रशासन को कहना है कि यह गड़बड़ी कन्ट्रोलर ऑफिस से हुई थी। वहीं दूसरी तरफ इनकी शिक्षा प्रणाली पर भी सवाल उठता है कि एक साथ इतने विद्यार्थी फेल कैसे हो गये।

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