सुनंदा केस की उलझती गुत्थी

अक्सर देखने में आता है कि जब मामला रसूखदार व्यक्ति से जुड़ा होता है तो परिणाम जल्दी सामने नहीं आ पाता। लोग अपने रसूख के बलबूते रिपोर्ट तक बदलवा लेते हैं। सुनंदा मामले में भी ऐसा ही कुछ सामने आया था। कई राजनीतिक पार्टियों ने इस मामले में कांग्रेस पर आरोप लगाया था कि शशि थरूर को बचाने की कोशिश की जा रही है। इस मामले को लेकर राजनीति भी खूब हुई लेकिन सच्चाई अभी तक सामने नहीं आई।

sanjay sharma editor5जनवरी 2014 में कांग्रेस नेता शशि थरूर की पत्नी सुनंदा थरूर की रहस्यमयी मौत की गुत्थी सुलझने के बजाय उलझती जा रही है। मौत हुए दो साल होने वाले हैं लेकिन अभी तक इस रहस्य से पर्दा नहीं उठ पाया। इस रहस्यमयी मौत से पर्दा उठाने में पुलिस को अभी तक कामयाबी नहीं मिल पायी। सुनंदा की मौत के बाद आई फोरेंसिक रिपोर्ट पर भी सवाल उठे थे। एम्स के डॉक्टरों ने यह कहा था कि जिस जहर से सुनंदा की मौत हुई है, उसका पता भारतीय लैब में नहीं लगाया जा सकता, इसलिए दिल्ली पुलिस ने जांच के लिए सुनंदा के विसरा का सैंपल फरवरी में अमेरिका की जांच एजेंसी एफबीआई लैब को भेजे गए थे।
फिलहाल इस एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि सुनंदा की मौत पोलोनिसम या किसी अन्य रोडियोएक्टिव पदार्थ के कारण नहीं हुई है। इसके अलावा रिपोर्ट में यह बात भी सामने आई है कि सुनंदा की मौत जहर से नहीं हुई है। जबकि पुलिस ने जनवरी 2015 में सुनंदा की मौत की वजह जहर बताया था और अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। अब जब एफबीआई की रिपोर्ट आ गई है तो पुलिस इस मामले की नए सिरे से जांच करेगी।
51 साल की सुनंदा को 17 जनवरी, 2014 को रहस्यमय परिस्थिति में दिल्ली के एक आलीशान होटल में मृत पाया गया था। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने शशि थरूर के दोस्त संजय दीवान, घरेलू कर्मचारी नारायण सिंह और ड्राइवर बजरंगी सहित 6 लोगों का पॉलीग्राफ टेस्ट करवाया था। इस मामले में थरूर से भी पुलिस कई बार पूछताछ कर चुकी है, लेकिन अभी तक पुलिस को कोई खास सफलता नहीं मिल पायी है।
अक्सर देखने में आता है कि जब मामला रसूखदार व्यक्ति से जुड़ा होता है तो परिणाम जल्दी सामने नहीं आ पाता। लोग अपने रसूख के बलबूते रिपोर्ट तक बदलवा लेते हैं। सुनंदा मामले में भी ऐसा ही कुछ सामने आया था। कई राजनीतिक पार्टियों ने इस मामले में कांग्रेस पर आरोप लगाया था कि शशि थरूर को बचाने की कोशिश की जा रही है। इस मामले को लेकर राजनीति भी खूब हुई लेकिन सच्चाई अभी तक सामने नहीं आई। अब जब एफबीआई ने रिपोर्ट सौंप दी है तो दिल्ली पुलिस से उम्मीद की जाती है कि जल्द ही इस मामले की सच्चाई जनता के सामने लाएगी।

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