सीरिया में शांति का प्रस्ताव यूएन में मंजूर, आईएस पर हमले जारी रहेंगे

युद्ध के 5 साल बाद विश्व शक्तियों को याद आई इंसानियत
न्यूयार्क। सीरिया में करीब पांच साल से जारी युद्ध के बीच पहली बार विश्व शक्तियों को आखिरकार इंसानियत की याद आ ही गई। संयुक्त राष्टï्र सुरक्षा परिषद में आज आम सहमति से शांति बहाली का प्रस्ताव पारित किया गया। यह साफ कर दिया गया है कि आईएसआईएस पर जारी हवाई हमले भी नहीं रुकेंगे। उसका खात्मा तो करना ही है।
यह प्रस्ताव पारित करने के बाद अब जनवरी से ही सीरियाई सरकार और विद्रोही गुटों के बीच शांति बहाली के लिए संघर्ष विराम की बातचीत शुरू होगी। लेकिन इससे पहले दोनों गुटों को इस बातचीत के लिए राजी करना भी एक चुनौती है। इस सबके बीच, असद सरकार और यूएन को इसका ध्यान रखना होगा कि आईएसआईएस अपनी जड़ें मजबूत न कर सके। इसीलिए अमेरिका, रूस और फ्रांस के हवाई हमले जारी रखने पर सहमति बनी है।
न्यूयॉर्क के यूएन मुख्यालय में हुई इस अहम बैठक में स्पेन, ब्रिटेन, अमेरिका, रशियन फेडरेशन सहित 15 काउंसिल मेंबर शामिल हुए। बैठक में संयुक्त राष्टï्र महासचिव बान की मून भी मौजूद थे। बैठक में इस प्रस्ताव के विरोध में एक भी वोट नहीं पड़ा। बैठक युद्धग्रस्त सीरिया में खून-खराबा और पलायन रोकने के लिए हुई थी। सुरक्षा परिषद ने माना कि अब यहां इंसानियत का कत्ल नहीं होना चाहिए। यह खून खराबा रुकना चाहिए।
इस सबके बीच, अमेरिका राष्टï्रपति बराक ओबामा ने सीरिया के राष्टï्रपति बशर अल असद से इस्तीफा देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मेरा और विशेषज्ञों का यह मानना है कि जब तक असद अपने पद पर बने हुए हैं, वहां स्थायित्व कायम नहीं किया जा सकता। इसके लिए जरूरी है कि वहां ऐसी सरकार बने जो उन इलाकों में भी सुशासन ला सके, जहां अभी अशांति है। यह काम असद के पद छोड़े बिना मुमकिन नहीं है।
दुर्लभ है यूएन का यह फैसला
अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने कहा कि यह प्रस्ताव सभी संबंधित पक्षों को एक संदेश है। यह सीरिया में हो रही मौतों को रोकने का सही वक्त है। सरकार को अब जमीन पर अपना काम करना चाहिए, इसके लिए भी यह सही वक्त है। अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट्स में संयुक्त राष्टï्र के इस फैसले को दुर्लभ बताया जा रहा है।

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