सिटी ब्रीफ

केजीएमयू ने निकाली जागरूकता रैली

लखनऊ। केजीएमयू के इंस्टीट्यूट ऑफ पैरामेडिकल साइन्स की ओर से जागरुकता रैली का आयोजन किया गया है। रैली का शुभारम्भ कुलपति पद्मश्री प्रो. रविकांत ने किया है। रैली में पैरामेडिकल और नर्सिंग संकाय के तकरीब 600 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। रैली केजीएमयू के प्रशासनिक भवन से प्रराम्भ होकर मुख्य गेट से होते हुये कलाम सेंटर पर समाप्त हुई।
जागरुकता रैली के दौरान पैरामेडिकल संकाय के प्रो. विनोद जैन ने कहा कि केन्द्र सरकार ने स्वच्छ भारत अभियान का नारा दिया है। हम स्वच्छता के माध्यम से स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे सकल घरेलू उत्पाद का एक प्रतिशत हिस्सा बीमारियों पर खर्च हो जाता है। देश में 54 हजार करोड़ रुपए का नुकसान लोगों के बीमार होने और उसकी वजह से छुट्टी लेने से होता है। यदि इंसान छोटी-छोटी बातों का ध्यान दे, तो इस नुकसान को रोका जा सकता है।

विवादित संपत्तियों का एलडीए करेगा निस्तारण

लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डा. अनूप यादव ने बताया कि जन सामान्य की सुविधा के लिए आपसी सहमति के आधार पर विभिन्न न्यायालयों में लम्बित वादों के निस्तारण के लिए लोक अदालत का आयोजन शनिवार 12 नवम्बर को प्रात: 10 बजे से प्राधिकरण भवन में किया जायेगा। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण के संयुक्त सचिव धनन्जय शुक्ला को इसका नोडल अधिकारी नामित किया गया है। उन्होंने प्राधिकरण के विरूद्ध विभिन्न न्यायालयों में दायर किये वादों एवं प्राधिकरण में उनके लम्बित प्रकरणों को आपसी समझौते के आधार पर निस्तारण कराने हेतु इच्छुक व्यक्तियों अथवा आवंटियों से अपील की है कि वह इस लोक अदालत में आकर अपने वाद एवं प्रकरणों का निस्तारण करा सकते हैं। अवैध कब्जेदारों के खिलाफ चलने वाला अभियान ठंडे बस्ते में

पुलिस बल का नहीं मिल रहा सहयोग

लखनऊ। नगर निगम, एलडीए, यातायात पुलिस व पीडब्ल्यूडी द्वारा संयुक्त रूप से तीन नवंबर से चलने वाला अतिक्रमण विरोधी अभियान फिलहाल ठंडे बस्ते में चला गया। अभियान को शुरुआत में अधिकारियों ने एक-दो दिन चलाकर खानापूर्ति करके बीच रास्ते में ही छोड़ दिया। ऐसा ये पहली बार नहीं हुआ है इससे पहले भी कई बार अभियान के तहत सूची तैयार करके उसे चलाने से पहले ही वह दम तोड़ चुका है और अधिकारी इसका ठीकरा पुलिस बल के सहयोग न देने पर फोड़ देते हैं। अभी हाल ही में चकबस्त कोठी के पास लग रही अवैध दुकानों को हटाने को लेकर नगर निगम और पटरी दुकानदारों, वकीलों के बीच घंटों ड्रामा चला था, जिसके बाद पुलिस ने बीच-बचाव कर मामले को रफा-दफा किया। बाद में विभागीय टीम ने अभियान को ही निरस्त कर दिया। उप नगर आयुक्त अशोक सिंह की माने तो विभाग की ओर से पहले ही नजदीकी थानों को पुलिस बल की सूचना दे दी जाती है। कभी-कभी पुलिस फोर्स के न मिलने से टीम को मौके पर पहुंचकर वापस लौटना पड़ता है।

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