सिटी ब्रीफ

डीएम सर्किल रेट बढ़ाने की कवायद तेज

लखनऊ। जिले में डीएम सर्किल रेट बढ़ाने की कवायद तेज हो गई है। जिला प्रशासन के अधिकारियों की प्लानिंग के अनुसार सब कुछ ठीक रहा तो एक दिसंबर से नया डीएम सर्किल रेट प्रभावी हो जायेगा। लेकिन डीएम सर्किल रेट को लेकर तमाम तरह के असमंजस भी हैं, जिन्हें दूर करने में प्रशासन और राजस्व विभाग के अधिकारी जुटे हैं।
रियल स्टेट कारोबार में सुस्ती और लगातार कम होती रजिस्टियों के चलते अफसर सर्किल रेट रिवीजन को लेकर एक राय नही बना पा रहे हैं। हालांकि एक बात साफ है कि किसानों के लिए सर्किल रेट जरूर मुफीद होने वाला है। जिले में पिछले साल पांच से लेकर बीस प्रतिशत तक सर्किल रेट बढ़ाया गया था। शहर के नवविकसित इलाकों शहीद पथ, सीजी सिटी, गोमतीनगर विस्तार और आगरा एक्सप्रेस वे और प्रमुख हाईवे के आसपास सौ मीटर के दायरे में सबसे अधिक सर्किल रेट में बढ़ोतरी की गयी थी। दरअसल, इन इलाकों में सर्किल रेट और बाजार भाव में बहुत अंतर है। इसलिए सर्किल रेट बढ़ाकर उसे कम करने का प्रयास किया गया था, लेकिन इस बार राजस्व और निबंधन अधिकारी असमंजस में हैं। निबंधन के अधिकारियों का कहना है कि जिस तरह से रियल स्टेट का बाजार है, उससे अब अधिक बढ़ोतरी की गुंजाइश नहीं है। लेकिन किसान पथ के आसपास दस प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है। बाकी इलाकों में रेट में अधिक परिवर्तन की बिल्कुल गुंजाइश नहीं है। वहीं प्रशासन और राजस्व विभाग की तरफ से जमीनों की खरीद-फरोख्त में फर्जीवाड़ा और स्टांप चोरी रोकने के लिए बड़ी रजिस्ट्रियों की जांच अनिवार्य करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया जा रहा है। जिन रजिस्टियों में पांच लाख या इससे अधिक का स्टांप शुल्क लगेगा उसे स्कैनिंग के लिए दिया जा सकता है। गौरतलब है कि लगातार बढ़ रहे शहरीकरण से राजधानी में संपत्तियों का मूल्य लगातार बढ़ता जा रहा है। अरबों रुपये की संपत्तियों की खरीद-फरोख्त हो रही है। तमाम रजिस्टियों में अक्सर भू-उपयोग या फिर कम स्टांप लगाकर स्टांप चोरी हो रही है। निबंधन कार्यालय अपने स्तर से जांच जरूर करता है, लेकिन काफी हद तक यह केवल रस्म अदायगी ही होता है। सर्किल रेट और बाजार भाव के बीच बहुत बड़ा गैप है। अधिकांश रजिस्टियां सर्किल रेट पर ही हो जाती हैं, लेकिन उनकी वास्तविक कीमत कुछ और होती है। इसलिए निबंधन विभाग का प्रयास है कि पूरे मूल्यांकन पर स्टांप शुल्क वसूला जाएगा।

डेंगू से तीन मरीजों की मौत

लखनऊ। राजधानी में डेंगू का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बीमारी की चपेट में आने से बुधवार को तीन मरीजों की मौत हो गई। वहीं सरकारी अस्पतालों में हुए कार्ड टेस्ट से चार दर्जन नए मरीजों में डेंगू की पुष्टिï हुई है। इस बीमारी से अब तक 200 मरीजों की मौत हो चुकी है।
शहर के फरीदीनगर निवासी 40 वर्षीय रज्जन की बुधवार को मौत हो गई। रज्जन को कई दिनों से बुखार आ रहा था। पैथालॉजी में जांच कराने पर डेंगू की पुष्टिï हुई थी। परिजनों ने बताया कि उनका इलाज क्षेत्र के निजी अस्पताल में चल रहा था। इसी प्रकार 35 वर्षीय उत्तम की गुडम्बा के एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। उत्तम के खून की जांच में कुछ दिन पहले डेंगू की पुष्टिï हुई थी। बीमारी की पुष्टि होने के बाद परिजनों ने निजी अस्पताल में मरीज को भर्ती कराया था। वहीं लौलाई गांव निवासी 55 वर्षीय सावित्री की भी मौत डेंगू की गिरफ्त में आने से हुई है। परिजनों ने बताया कि मरीज का इलाज गोमतीनगर स्थित प्राइवेट अस्पताल में चल रहा था। सावित्री में डेंगू की पुष्टिï लोहिया अस्पताल में हुए कार्ड टेस्ट में हुई थी। लेकिन तमाम प्रयासों के बाद भी उसे बचाया नहीं जा सका।

इंदिरा नहर में मिला मासूम का शव, हत्या की आशंका

लखनऊ। राजधानी के चिनहट थाना क्षेत्र स्थित जुग्गौर के रेगुलेटर में आज सुबह एक मासूम का शव मिला। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर शिनाख्त करवाने का प्रयास किया। लेकिन पहचान न हो सकी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
गोमती नदी और इंदिरा नहर में शवों के मिलने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को हसनगंज इलाके में एक युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गई थी। इस घटना को 24 घंटे भी नहीं बीते थे कि चिनहट थाना क्षेत्र के जुग्गौर रैगुलेटर में एक 7 वर्षीय मासूम बच्चे का शव मिलने से सनसनी फैल गयी । मासूम के शरीर पर चोट के निशान हैं। इससे उसकी हत्या कर शव फेंके जाने की आशंका है। पुलिस ने मशक्कत के बाद शव को बाहर निकलवाया। शव की पहचान नहीं हो पाई है। थाना प्रभारी चिनहट सुरेंद्र कटियार ने बताया शव की पहचान कराने के लिए आस-पास के थानों से गुमशुदगी की रिपोर्ट खंगाली जा रही है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।

चिडिय़ाघर में सफेद बाघ के बच्चे की तबीयत बिगड़ी

लखनऊ। नवाब वाजिद अली शाह प्राणी उद्यान में बाघिन विशाखा के एक बच्चे की तबीयत ठीक नहीं है। वह सही ढंग से अपने पैरों पर खड़ा नहीं हो पा रहा है। इसलिए चिडिय़ाघर के चिकित्सकों ने सफेद बाघ के बच्चों का ट्रीटमेंट शुरू कर दिया है। चिडिय़ाघर के निदेशक अनुपम गुप्ता ने बताया कि कुछ समय पहले बाघिन विशाखा के दो नन्हे बच्चों को जन्म दिया था। जन्म के बाद दोनों बच्चे स्वस्थ थे लेकिन कुछ दिन पहले एक बच्चा काफी सुस्त दिखाई दिया। इसलिए हमारे यहां के चिकित्सकों ने शावक की जांच की और पता चला कि जो शावक सुस्त है, वह अपने पिछले पैरों पर ज्यादा वजन नहीं डाल पा रहा है। उसका पिछला पैर अन्य पैरों के मुकाबले कमजोर लग रहा था। इसलिए चिकित्सकों ने उसका इलाज शुरू कर दिया है। साथ ही उसे फिजिकल एक्सरसाइज भी करवाई जा रही है, जिससे वह जल्द से जल्द स्वस्थ हो सके।

किसान की पीट-पीटकर हत्या, एक गिरफ्तार

लखनऊ। राजधानी के मोहनलालगंज थाना क्षेत्र में देर रात एक किसान को पीट-पीटकर हत्या कर दी गयी। मौके पर पहुंची पुलिस मामले को टालने में लगी रही। लेकिन परिजनों के आक्रोश को देख मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। जानकारी के अनुसार मोहनलालगंज थाना क्षेत्र स्थित बक्खाखेड़ा निवासी राजू (40) पुत्र कल्लू अपने परिवार के साथ रहता है। बीते 17 अक्टूबर की रात क्षेत्रीय निवासी कल्लू सिंह और राजू के बीच पैसों के लेनदेन में विवाद हो गया था। कल्लू ने राजू पर कातिलाना हमला किया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे हॉस्पिटल भेजा गया और पुलिस को सूचना दी गई। परिजनों का आरोप है कि सूचना के बाद भी पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। बीते बुधवार की देर राजू की हॉस्पिटल में मौत हो गयी। पुलिस ने मामला दर्ज करने से इंकार कर दिया। यह देख आक्रोशित परिजनों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। बाद में मृतक की बहन नीलम की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया। थाना प्रभारी ने बताया कि पैसों के विवाद में मौत हुई थी। कल्लू को 8 हजार रुपए आम की फसल के दौरान दिये थे। लेकिन राजू उस पैसे को लौटा नहीं रहा था। जिसके चलते उसने राजू को बुरी तरह पीटा। फिलहाल पुलिस ने 304 आईपीसी 325 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

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