सरकार के निर्देश फेल, लोगों की जान पर बन आई नोट बंदी

captureराजधानी के अस्पतालों में भर्ती मरीजों की जान पर आज आफत आ गई है। इसका कारण है कि मेडिकल स्टोर्स पर मरीजों को दी जाने वाली आवश्यक दवाएं भी नहीं मिल रही हैं। कोई भी मेडिकल वाला 500 और 1000 रुपये के नोट नहीं ले रहा है। प्राइवेट अस्पतालों की बात छोड़ दें तो केजीएमयू जैसे बड़े संस्थानों के परिसर में खुले मेडिकल स्टोर पर भी केमिस्ट नोट लेने से इनकार कर रहे हैं। जबकि प्रधानमंत्री ने कहा है मरीजों को दवा मिलने में कोई परेशानी नहीं होगी। लेकिन स्थिति इसके उलट नजर आ रही है। अस्पताल में भर्ती मरीजों को दवा नहीं मिल पा रही है। इसलिए मरीजों की जान पर बन आई है। वहीं लोहिया संस्थान तथा एसजीपीजीआई में भी मरीजों को दवा काउन्टर से दवा खरीदने में काफी परेशानी हो रही है। जबकि जिले में धुंध की वजह से सांस और नेत्र संबंधी समस्याओं के मरीजों की संख्या अस्पतालों में सबसे अधिक पहुंच रही है। सरकारी चिकित्सा संस्थानों में खुले मेडिकल स्टोर पर भी दवा लेने पहुंच रहे लोगों से टूटे पैसों की डिमांड की जा रही है। इतना ही नहीं मरीज या परिजनों को डांट फटकार कर भगा दिया जाता है। इसके साथ ही रेलवे व एयरवेज टिकट बुकिंग आदि स्थानों पर नोट के इस्तेमाल में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खास असर शहर के रेस्टोरेंट आदि व्यावसायिक स्थानों पर देखने को मिल रहा है। जहां ग्राहकों की लाइन लगी रहती थी, वहां आज सन्नाआ पसरा हुआ है। बैंक व एटीएम बंद होने के कारण लोगों की समस्याएं अधिक बढ़ गई हैं।

एटीएम में शुक्रवार से मिलेंगे नये नोट

लखनऊ। बेहतर सुरक्षा फीचर्स वाले 500 की नई और 2,000 रुपये की करेंसी एटीएम में शुक्रवार से उपलब्ध होगी। इस बात की घोषणा वित्त सचिव अशोक लवासा ने कर दी है। साथ ही सभी बैंकों के एटीएम को तय समय पर खोलने और नोटों का अरेंजमेंट करने का निर्देश दिया गया है। काले धन तथा जाली मुद्रा पर अंकुश लगाने के लिए सरकार द्वारा पुराने 500 और 1,000 के नोट बंद करने के फैसले पर लवासा ने कहा कि लोगों को कुछ परेशानी झेलनी होगी, लेकिन उनकी सुविधा के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। एटीएम से पैसा निकालने, बैंकों से पुराने नोटों को बदलने तथा खाते से पैसा निकालने की सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि लोग इस कदम का उद्देश्य समझ रहे हैं। मुझे विश्वास है कि वे उनके समक्ष आने वाली मुश्किलों तथा असुविधाओं से निपटने में सहयोग करेंगे।

पेट्रोल पंपों पर हो रहा बवाल, पैसे लेने में कर रहे आनाकानी

एक हजार और पांच सौ के नोट सरकार के आदेश के बावजूद पेट्रोल पंप वाले लेने में आनाकानी कर रहे हैं। ग्राहक पीएम के आदेशों का हवाला देते हैं फिर भी यह लोग नोट लेने के लिए तैयार नहीं होते। इस तरह पेट्रोल भराने के लिए लोगों को काफी जद्ïदोजहद करनी पड़ रही है। इसके अलावा ग्राहकों को मजबूरन पूरे पांच सौ और एक हजार का पेट्रोल भरवाना पड़ रहा है।

खाद पदार्थ बेचने वालों की कमाई बंद

नोट बंद होने की वजह से खाद्य पदार्थ जैसे चाय, पूड़ी सब्जी समेत अन्य सामग्री बेचने वालों की कमाई बंद हो गई है। खुले पैसे न होने की वजह से इन दुकानों पर ग्राहकों का सन्नाटा हो गया है। इससे जो छोटे दुकानदार थोड़ी कमाई करके जीवनयापन करते थे उनके लिए बड़ी समस्या उत्पन्न हो गई है।

ऑटो वाले सन्नाटे में ठेले पर कपड़े बेचने वाले परेशान

खुले पैसे न होने के कारण ऑटो या अन्य सवारियां ढोने वाले वाहन खड़े हो गये हैं। यात्री न मिलने के कारण इनका रोजगार लगभग ठप हो गया है। इसके साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर ठेले पर कपड़े बेचने वाले भी परेशान हैं क्योंकि इन दुकानों पर कोई ग्राहक नहीं आ रहा है।

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