सफाई कर्मियों के भरोसे कूड़ा उठान करा रहा नगर निगम

  •  ज्योति इन्वायरोटेक पर शिकंजा कसने की तैयारी

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। मुख्यमंत्री के क्लीन एंड ग्रीन यूपी तथा केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत अभियान के मायने ही बदल गए हैं। दो साल पहले शुरू हुई इन महत्वपूर्ण योजनाओं के शुरू होने के बाद भी सफाई को लेकर शहर बदहाल है। शहर में डेंगू के प्रकोप और खस्ताहाल सफाई व्यवस्था को लेकर हाईकोर्ट ने भी सख्त नाराजगी जताई है। डेंगू फैलने से जहां शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर दहशत है, वहीं शिवरी प्लांट पूरी तरह से बंद हो गया है। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन भी नहीं हो रहा है। इससे कूड़ा उठान और सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी नगर निगम ने ले ली है। सफाई न होने पर नगर निगम प्रशासन ने जोनल अधिकारियों से लेकर सफाई कर्मियों को सख्त निर्देश दिए हैं। एक महीने तक विशेष सफाई अभियान चलने के बाद अब कोताही बरतने वालों पर सीधे कार्रवाई की जाएगी।        अपर नगर आयुक्त नंदलाल सिंह ने बताया कि एक महीने तक विशेष सफाई अभियान चलाया गया है। अब अभियान नहीं प्रत्येक दिन सफाई करनी होगी। इसके लिए प्रत्येक सफाई एवं खाद्य निरीक्षक को अपने अपने क्षेत्र में समस्त सुपरवाइजरों व बीट इंचार्ज एवं सफाई कर्मियों की शत प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। लंबे समय से अनुपस्थित, बार-बार चेतावनी व प्रतिकूल प्रविष्टि के बाद भी कार्य में लापरवाही बरतने व रुचि न लेने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध निलंबन व बर्खास्तगी की कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इन दिनो डोर टू डोर सर्विस व्यवस्था ध्वस्त है। वहीं पड़ाव स्थलों पर कूड़े के ढेर लगे हैं। समस्त जोनल अधिकारियों से एजेंसी की कार्यपण्राली की पूरी रिपोर्ट मांगी गई है। एजेंसी ने वार्ड वार और भवन वार यूजर चार्ज की पूरी डिटेल नगर निगम को दे दी है। नगर आयुक्त उदय राज सिंह ने बताया कि एजेंसी के बिलों का भुगतान सत्यापन के बाद होगा। सत्यापन में फर्जी बिल मिलने पर एजेंसी का लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।      एलडीए अपनी कालोनियों का खुद रखेगा ख्याल लखनऊ विकास प्राधिकरण की कालोनियों तथा सेक्टर्स में सफाई एवं रख-रखाव व्यवस्था के लिए सचिव अरूण कुमार ने निर्देश जारी किए हैं। इसके लिए नोडल अधिकारी मुख्य अभियंता ओपी मिश्र को नामित किया गया है। नागरिकों की सुविधा के लिए स्थल पर ही एक कंट्रोल रूट स्थापित कर एक-एक सहायक, अवर अभियंता व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की तैनाती की गई है। वहीं इनके सीयूजी नंबर भी जारी कर दिए गए हैं। 

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