सपा सरकार ने सबसे अधिक विभूतियों का किया सम्मान : अखिलेश यादव

  • सम्मान करने का अनूठा काम सबसे पहले नेताजी ने किया
  • साहित्यकारों से आगे भी सपा को मौका देने की अपील
  • लोकभवन में सीएम ने 71 विभूतियों को किया सम्मानित

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
captureलखनऊ। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज लोक भवन में 71 विभूतियों को यश भारती पुरस्कार देकर सम्मान दिया। इसमें साहित्य, चिकित्सा, शिक्षा, कला, खेल, समाजसेवा और बिजनेस से जुड़े लोगों शामिल हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार में सभी का सम्मान किया जाता है। महान विभूतियों को सम्मानित करने का काम नेताजी ने शुरू किया था। उन्होंने कवि व साहित्यकार हरिवंश राय बच्चन को सम्मानित किया था। इसके अलावा सपा ने अपने साढ़े चार साल के कार्यकाल में सैकड़ों महान विभूतियों को सम्मानित करने का काम किया है। इसलिए सभी महान विभूतियों से अपील है कि वह सरकार को दोबारा सम्मानित करने का मौका दें।
मुख्यमंत्री ने यश भारती सम्मान समारोह में कहा कि प्रदेश सरकार ने अपनी समाजवादी विचारधारा के तहत सबका सम्मान किया है। युवाओं को लैपटाप बांटने, गरीबों को पेंशन देने, चिकित्सा क्षेत्र में एंबुलेंस और सडक़ें बनवाने का काम प्रमुखता से किया है। इसके अलावा प्रदेश को विकास की नई ऊंचाईयों पर ले जाने का काम किया है, जिसमें मेट्रो, एक्सप्रेस-वे का निर्माण, किसानों के लिए मंडी का निर्माण और गरीब युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा में अनुदान देकर समाज की मुख्य धारा से जोडऩे का काम किया है। इस अवसर पर अखिलेश यादव ने सम्मानित होने वाली सभी विभूतियों से अपील की है कि उन्हें आगे भी अवसर दें, जिससे की अगले वर्ष भी महान विभूतियों को सम्मानित कर सकें।

हर महीने मिलेगी पेंशन

प्रदेश सरकार की तरफ से यशभारती पाने वाले सभी व्यक्तियों को सरकार की तरफ से हर महीने पेंशन मिलेगी। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यशभारती पाने पाने वाले सभी सम्माननीय व्यक्तियों को शॉल, 11 लाख रुपये का चेक और प्रमाण पत्र दिया। संस्कृति विभाग की ओर से मिलने वाले इस पुरस्कार को पाने वाले सभी लोगों को हर महीने 50 हजार रुपए पेंशन भी दी जायेगी।

यश भारती पुरस्कार वर्ष-2016-17 से सम्मानित होने वाली विभूतियां

शास्त्रीय संगीत में उस्ताद गुलफाम, कथक के लिए सोनी चौरसिया, बिरहा के लिए काशीनाथ यादव, साबरी ब्रदर्स (आफताब-हाशिम) को कव्वाली के लिए अवार्ड, सूफी गायन के लिए मो.असलम वारसी, पूर्व क्रिकेटर ज्ञानेंद्र पांडेय, क्रिकेटर भुवनेश्वर कुमार, प्रवीन कुमार, पीयूष चावला, गीतकार संतोष आनंद, अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, निर्देशक सौरभ शुक्ला, अनुभव सिन्हा और टीवी कलाकार सुमोना चक्रवर्ती शामिल हैं। इसी प्रकार स्वरुप कुमार बख्शी (साहित्य), रंगमंच कर्मी अनिल रस्तोगी, नवाब मीर जाफर अब्दुल्ला, सुमन यादव को खेल में यश भारती, मो. बशीर बद्र (साहित्य), वेंकट चंगावली और फारुख अहमद को समाजसेवा, डॉ. सबीहा अनवर को शिक्षा के लिए सम्मानित किया गया। चिकित्सा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के लिए प्रो. राकेश कपूर, रमाकांत यादव, गौरदास चौधरी और सैय्यद मो. हस्सना को यूनानी चिकित्सा के लिए यशभारती पुरस्कार दिया गया। वहीं योगेश मिश्रा और अशोक निगम को पत्रकारिता, कमर रहमन को शिक्षा एवं विज्ञान, गीताकार मनोज मुंतसिर बेगम हबीबुल्ला को समाज सेवा, पंडित विश्वनाथ को शास्त्रीय संगीत, डॉ. रतीश अग्रवाल को चिकित्सा, राजकृष्ण मिश्र को साहित्य, राजेंद्र सिंह को जल संचयन, मणेंद्र कुमार मिश्र को लेखन, जनरल अनिल चैत को सैन्य सेवा, महेश्वर तिवारी और सर्वेश अस्थाना को साहित्य, ओमा दपक को साहित्य, दीपराज राणा को फिल्म निर्देशन, रवि कपूर को फोटोग्राफी, डॉ. दीपक अग्रवाल और डॉ. रामरतन रैना को चिकित्सा, डॉ. शिवानी मातनहेलिया को शास्त्रीय संगीत और अर्जुन बाजपेयी को पर्वतारोहण के क्षेत्र में बेहतर काम करने और प्रदेश का नाम रौशन करने लिए यशभारती सम्मान दिया गया। इसके अलावा पेटीएम के विजय शेखर शर्मा, कुश्ती खिलाड़ी गार्गी यादव और राम मिलन यादव, दूरदर्शन के आत्म प्रकाश मिश्रा और पैराओलंपिक विजेता वरुण कुमार को भी यशभारती सम्मान से नवाजा गया।

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