सपा प्रमुख मुलायम को मनाने में जुटे पार्टी के सिपहसालार

  • बेनी प्रसाद समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मुलायम के आवास पर पहुंचकर की मुलाकात
  • सुलह के लिए मैराथन मंत्रणाओं का दौर जारी
  • मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से युवजन सभा के नेताओं ने की मुलाकात

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
11लखनऊ। विधानसभा चुनाव से पूर्व समाजवादी परिवार में मचे घमासान को समाप्त करने के लिए पार्टी के सिपहसालारों ने मोर्चा संभाल लिया है। सपा के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव समेत कई वरिष्ठï नेता सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के आवास में उनसे मुलाकात करने पहुंचे हैं। माना जा रहा है कि वरिष्ठ नेता सपा प्रमुख को मनाने में जुटे हैं। उम्मीद है कि देर शाम तक कोई परिणाम सामने आ जाए। दूसरी ओर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव युवजन सभा के नेताओं के साथ मुलाकात कर रहे हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री आवास के बाहर सैकड़ों कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा रहा।
समाजवादी परिवार में मचे लंबे घमासान के बाद शनिवार को सुलह के प्रयास तेज हो गए हैं। सुबह से ही सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव के आवास पर पार्टी के दिग्गज नेताओं का तांता लगा हुआ है। परिवार की अनबन समाप्त करने के लिए राज्यसभा सदस्य बेनी प्रसाद वर्मा, रेवती रमण सिंह, नरेश अग्रवाल, सपा के राष्टï्रीय उपाध्यक्ष किरनमय नंदा समेत कई वरिष्ठï नेता पहुंचे हैं। इसके अलावा पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव भी इस पंचायत में पहुंचे हैं। विधान परिषद सदस्य आशु मलिक भी शिवपाल व मुलायम के साथ हैं। माना जा रहा है कि इस मीटिंग में सपा में मची रार का हल निकालने की पूरी कोशिश की जाएगी। इसके पहले पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव द्वारा शुक्रवार को बुलाई गई पार्टी जिलाध्यक्षों व महानगर अध्यक्षों की बैठक में न सपा प्रमुख मुलायम सिंह पहुंचे थे न ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ही। यही नहीं स्वयं मुख्यमंत्री ने इस बैठक के समाप्त होने के बाद अलग से जिलाध्यक्षों की बैठक ली थी। इससे घमासान और तेज हो गया था। यही नहीं सीएम ने तीन नवंबर को अकेले चुनाव पर निकलने का ऐलान कर सपा को अपने तेवर बता दिए हैं। अखिलेश ने 23 अक्टूबर को कुछ एमएलए और एमएलसी की अपने आवास पर बैठक भी बुलाई है जबकि इसके एक दिन बाद यानी 24 को सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव विधायकों, सांसदों, पूर्व विधायकों, पूर्व सांसदों व विधान परिषद सदस्यों के साथ बैठक लेने वाले हैं।
दरअसल, यह घमासान तब तेज हो गया जब सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने पिछले दिनों एक प्रेस वार्ता में कहा कि चुनाव बाद सीएम उम्मीदवार तय किया जाएगा। मुलायम के इस बयान से सपा में हडक़ंप मच गया है। परिवार के अधिकांश सदस्य और यूथ बिग्रेड इस मामले में मुख्यमंत्री अखिलेश के साथ है और उनका मानना है कि यदि ऐसा हुआ तो विधानसभा चुनावों में सपा को सौ सीटें भी नहीं मिल सकेंगी। यही नहीं इस मामले को लेकर रामगोपाल यादव ने सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव को तीखी चि_ïी लिखी थी। इस चि_ïी पर सपा प्रमुख ने नाराजगी भी जताई थी। हालांकि, शिवपाल यादव ने एक बार फिर यह बात दोहराई है कि यदि सपा सत्ता में आती है तो अखिलेश ही मुख्यमंत्री होंगे। फिलहाल सबकी निगाहें आज की मीटिंग पर लगी हैं।

सपा प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक

सपा प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव की अध्यक्षता में शनिवार को सपा राज्य कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की गई। कार्यकारिणी के गठन के बाद शिवपाल पहली बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं। बैठक में राज्य कार्यकारिणी के 81 पदाधिकारी और 18 विशेष आमंत्रित सदस्य शामिल हैं। माना जा रहा है कि इस बैठक में रजत जयंती और मिशन 2017 पर चर्चा की जाएगी। बैैठक के पूर्व सपा प्रवक्ता दीपक मिश्रा ने कहा कि बैठक में राजनीतिक,आर्थिक प्रस्ताव पर होगी चर्चा होंगी। इस मौके पर सपा कार्यालय पर शिवपाल यादव के समर्थन में नारे, बैनर,पोस्टर, ढोल नगाड़े के साथ लोग पहुंचे।

वन मंत्री के बेटे व भतीजे के बीच खूनी संघर्ष

  • वर्चस्व में चलीं गोलियां महिला समेत पांच लोग घायल

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। प्रदेश सरकार के वन मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव के घर में वर्चस्व की जंग खूनी संघर्ष का रूप लेती जा रही है। दुर्गा प्रसाद यादव के बेटे विजय यादव और भतीजे प्रमोद यादव के बीच शुक्रवार की देर रात जमकर विवाद हुआ। ये दोनों लोग एक मेले में शामिल होने गये थे। वहीं किसी बाद को लेकर विवाद बढ़ा और दोनों पक्षों की तरफ से फायरिंग हुई। इसमें एक महिला समेत पांच लोग घायल हो गये हैं। वहीं घटना की सूचना मिलने पर वन मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने अस्पताल पहुंचकर लोगों का हाल चाल लिया।
आजमगढ़ के उकरौड़ा गांव में वन मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव के बेटे विजय यादव और भतीजे प्रमोद यादव के बीच पिछले कई सालों से वर्चस्व की जंग चल रही है। इन दोनों के बीच जिला पंचायत की सीट को लेकर विवाद चल रहा है। इस विवाद की नींव करीब सात साल पहले पल्हनी के ब्लॉक प्रमुख सीट को लेकर शुरू हुई थी। उस दौरान प्रमोद यादव पल्हनी के ब्लाक प्रमुख थे। लेकिन दुर्गा प्रसाद यादव के बेटे विजय यादव पल्हनी से ब्लाक प्रमुख का चुनाव लडऩा चाहते थे। वह भी ब्लाक प्रमुख बनना चाहते थे। लेकिन प्रमोद यादव पल्हनी सीट छोडऩे को तैयार नहीं थे। इस मामले की जानकारी होने पर दुर्गा प्रसाद यादव ने दोनों को समझा-बुझाकर मामला शांत करा दिया था। ब्लाक प्रमुख के अगले चुनाव में विजय यादव मोहम्मदपुर के ब्लाक प्रमुख बने और प्रमोद का पल्हनी के ब्लाक प्रमुख की सीट पर कब्जा बरकरार रहा। यह मामला ऊपर से शांत हो गया लेकिन अंदर खाने दोनों भाइयों के बीच अनबन बढ़ती चली गई। आपको बता दें कि दुर्गा प्रसाद के भतीजे प्रमोद ने राजनैतिक महात्वकांक्षा में करीब एक साल पहले हुए जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में पार्टी की तरफ से टिकट हासिल कर लिया था, लेकिन ऐन वक्त पर उनका टिकट काट दिया गया। प्रमोद यादव को लगा कि इसके पीछे चाचा और भतीजे का हाथ है। इसी घटना के बाद से दोनों परिवारों में बोलचाल भी लगभग बंद हो गई। ये दोनों भाई एक दूसरे को देखना भी पसंद नहीं करते हैं लेकिन शुक्रवार की रात अचानक से एक मेले में दोनों भाइयों का आमना सामना हो गया। वहां दोनों के बीच किसी मुद्दे को लेकर बहस शुरू हो गई। जो बाद में दोनों पक्षों की फायरिंग में तब्दील हो गई। इस घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने अब तक कुल 9 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। घायलों में सभी की हालत स्थिर बतायी जा रही है।

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