संपादक को पत्र

मैं आपके समाचार पत्र 4पीएम का नियमित पाठक हूं। इस समाचार पत्र में राजनीति से संबंधित सटीक खबरों का प्रस्तुतिकरण बहुत ही शानदार होता है। समाजवादी पार्टी में चल रही आंतरिक कलह और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के स्टैण्ड को लेकर आपके अखबार में लिखी गई सटीक खबरें पढक़र अच्छा लगा। जहां एक तरफ सियासी गलियारे में सपा में अंतर्कलह और कांग्रेस के साथ गठबंधन की चर्चाएं गर्म थीं। वहीं आपके अखबार में लगातार लिखा जा रहा था कि सब कुछ प्रायोजित है। अखिलेश यादव कांग्रेस के साथ गठबंधन करने को लेकर बिल्कुल भी राजी नहीं है। उन्होंने नेताजी के कहने पर भले की प्रशांत किशोर से मुलाकात कर ली हो लेकिन कांग्रेस के साथ गठबंधन करके पार्टी को आने वाले चुनाव में और अधिक कमजोर नहीं करेंगे। आखिरकार कुछ दिन पहले नेताजी ने खुद ही गठबंधन न करने की घोषणा कर दी। यह आपकी राजनीतिक खबरों में पकड़ का अच्छा उदाहरण है।
अभिषेक श्रीवास्तव, समर विहार

मैं 4पीएम अखबार का नियमित पाठक हूं। इस समय देश में पांच सौ और हजार रुपये के नोट बंद होने के बाद जनता त्राहि-त्राहि कर रही है। इंसान की जेब में नोट हैं,उसके बाद भी वह अपनी मनचाही चीजें, खाने-पीने और करने में नाकाम है। क्योंकि जेब में पड़ा नोट 1000 या 500 रुपये का है। इन नोटों को बैंक में जमा करना और नए नोट निकलवाना मुश्किल हो गया है। नोट जमा करने और निकालने के लिए सुबह से शाम तक लंबी कतारें लग रही हैं। ऐसे में आपके अखबार के फ्रंट पेज पर प्रदेश सरकार के एक मंत्री की नोट बदलने की तरकीब का खुलासा पढक़र अच्छा लगा। आपने प्रदेश सरकार के एक मंत्री को बेनकाब किया। इस खबर से यह भी स्पष्ट हो गया कि मोदी ने नोट बंद करने का प्लान सीक्रेट रखकर अच्छा किया। यदि सरकारी महकमे को मालूम हो जाता तो जाने कितना कालाधन सफेद कर लेते। उम्मीद करता हूं आने वाले दिनों में भी ऐसी ही शानदार खबरें पढऩे को मिलेंगी।
शैलेश सिंह, इन्दिरानगर

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