संपादक को पत्र

श्रीमान संपादक जी, मैं आपके अखबार का नियमित पाठक हूं। काफी दिनों पहले छपी पंडित सिंह के खबर के साथ मैंने यह पेपर पढऩा शुरू किया। इसके बात आपके पेपर में भ्रष्टïचार और अन्य ज्वलंत मुद्ïदों पर एक से बढक़र एक खबरें छपती रहीं। लेकिन पांच सौ और एक हजार के नोट बंद होने के बाद यूपी सरकार के मंत्री गायत्री प्रजापति पर छपी खबर सबसे ज्यादा हंगामेदार रही। यही नहीं मेरे क्षेत्र में आपके पेपर में छपी इस खबर की चर्चा चारों ओर हो रही और आपके खबर छापने के जज्बे की तारीफ भी। हमें खुशी है कि हमारे बीच एक ऐसा सांध्य दैनिक पेपर भी है जिसका सबको बेसब्री से इंतजार रहता है। आप हमेशा ऐसी ही खबरें समाज को पढ़ाते रहें, यही मेरी कामना है।
धन्यवाद

धर्मेंद्र सिंह
राजनगर, लखनऊ।

महोदय, मैंने पहली बार आपका पेपर हाल ही में पढ़ा तो लगा कि हमें पहले से ही इस पेपर का नियमित पाठक होना चाहिए था। एक हजार और पांच सौ के पुराने नोट बंद होने के बाद यूपी सरकार के एक मंत्री द्वारा काले धन को सफेद करने की खबर बहुत पसंद आई। उस दिन से मैं 4पीएम अखबार का नियमित पाठक हो गया। इस पेपर के प्रथम पृष्ठï के साथ-साथ पृष्ठï 3 की स्पेशल स्टोरीज भी बहुत मारक होती हैं जो किसी अन्य पेपर में देखने को नहीं मिलतीं। इसके अलावा पेज पांच पर दी गई स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां लोगों के लिए बहुत लाभप्रद सिद्ध हो रही हैं। इसी पृष्ठï पर दी गई शिक्षाप्रद कहानियां, चुटकुले व अंतर ढूंढो कॉलम बच्चों को अपनी ओर आकर्षित करता है। मैं आशा करता हूं कि इस पेपर के पाठक दिन-प्रति-दिन बढ़ते रहें और आप ऐसे ही बेबाक लिखते रहें।
धन्यवाद

अशोक शर्मा
अम्बे सिटी, लखनऊ।

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