लुटेरों के आगे राजधानी पुलिस ने टेके घुटने

  • लूट की कई सनसनीखेज घटनाओं का नहीं हो सका खुलासा
  • डेढ़ साल के बाद भी अंधेरे में हाथ-पांव मार रही पुलिस

आमिर अब्बास
captureलखनऊ। लुटेरों के सामने राजधानी की पुलिस ने घुटने टेक दिए हैं। कई सनसनीखेज लूट की वारदातों का आज तक खुलासा नहीं हो सका है न ही लुटेरे पकड़े जा सके हैं। कई मामलों में हाईटेक पुलिस केवल अंधेरे में हाथ-पांव चला रही है। यह स्थिति तब है जब राजधानी की तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी मंजिल सैनी ने यहां की कमान संभालने के बाद अपराधों पर नियंत्रण का दावा किया था।
राजधानी की हाईटेक पुलिस हुसैनगंज और हसनगंज में दिनदाहड़े हुई एक करोड़ 85 लाख की लूट व तिहरा हत्याकांड का खुलासा अभी तक नहीं कर सकी है। बतातें चलें कि 17 जनवरी 2015 को हुसैनगंज थाना क्षेत्र स्थित दीप होटल के पास लुटेरों ने एक बैंक कैश वैन से 1.35 करोड़ उस समय लूट लिये थे जब वाहन एटीएम में नकदी डालने गया था। निजी सुरक्षा कंपनी के कर्मचारी बड़ौदा के एटीएम में नकदी लोड कर रहे थे, तभी लुटेरों ने वारदात को अंजाम दिया। इस मामले में पुलिस ने चालक सहित गार्ड को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। कैश वैन 1.90 करोड़ लेकर निकली थी। लूट की वारदात से पहले इससे 55 लाख रुपये एक अन्य एटीएम में जमा किए गए थे। उस समय सुरक्षा गार्डों ने बताया कि वह एटीएम में नकदी डालने में व्यस्त थे और जब शेष नकदी ले जाने के लिए वापस आये तो गाड़ी में रखा रुपयों का बाक्स रहस्यमय तरीके से गायब मिला। पुलिस इस घटना का खुलासा कर भी नहीं पाई थी कि उसके दूसरे माह ही बेखौफ बदमाशों ने एक और लूट को अंजाम दिया। इस दौरान लुटेरों ने तीन सुरक्षा गार्डों को मौत के घाट भी उतार दिया। यह घटना हसनगंज थाना क्षेत्र में घटी। यहां नकाबपोश लुटेरों ने 50 लाख लूटे और तीन गार्डों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। यह घटना 27 फरवरी 2015 को घटी थी। लेकिन हुसैनगंज लूट की तरह इस वारदात की भी जांच पड़ताल और आरोपियों की तलाश सिर्फ खानापूर्ति बनकर रह गई। यह स्थिति तब है जब उस समय तैनात एसएसपी यशस्वी यादव ने दोनों ही मामलों में अपराधियों की धर-पकड़ के लिए बाकायदा कई टीमों का गठन किया था। लेकिन आज तक जांच टीमों के हाथ खाली हैं। फिलहाल दोनों घटनाएं पुलिस के लिये खुली चुनौती साबित हो रही हैं। इसने राजधानी की हाईटेक पुलिस की पोल खोल दी है। यही नहीं आईपीएस अधिकारी मंजिल सैनी ने भी दावा किया था कि वे जल्द इन दोनों घटनाओं का खुलासा करेंगी। लेकिन उनके दावे भी हवा हवाई साबित हो रहे हैं।

कई कप्तान बदले लेकिन नहीं हुआ खुलासा

हसनगंज और हुसैनगंज लूट व हत्याकांड मामले में मौजूदा एसएसपी यशस्वी यादव ने सर्विलांस सेल, क्राइम ब्रांच की टीमों को लगाया था। उन्होंने यह भी दावा किया था कि पुलिस के पास सीसीटीवी फुटेज मौजूद है। जिसमें बदमाशों के चेहरे दिख रहे हैं। इसके बावजूद महीनों बीत गए लेकिन यशस्वी यादव इन घटनाओं का खुलासा करने में नाकाम रहे। कुछ समय बाद उनका तबादला कर दिया गया। उनके स्थान पर राजधानी की कमान तेजतर्रार माने जाने वाले राजेश कुमार पाण्डेय को मिली। लेकिन वे भी इन वारदातों का खुलासा करने में नाकाम रहे। फिलहाल राजधानी की कमान लेडी सिंघम आईपीएस ऑफिसर मंजिल सैनी के पास है। उनके आने के बाद कुछ समय तक अपराधों पर नियंत्रण लगा। लेकिन सैनी भी इन घटनाओं का अभी तक खुलास नहीं कर सकी हैं।

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