लाइनों में मरते लोगों की चिंता की जगह जेटली ने कहा आबादी बड़ी है तो लाइनें भी बड़ी होंगी

देश भर में अब तक 65 लोगों की हो चुकी है मौत

लखनऊ में कैश के लिए बैंक और एटीएम में कतार में लगे हैं लोग

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

captureदिल्ली। बैंक की लाइनों में मरते लोगों की चिंता छोडक़र वित्त मंत्री अरुण जेटली ने एक विवादास्पद बयान दिया है। उन्होंने नोटबंदी पर बैंकों और एटीएम के बाहर लगी लंबी कतारों पर कहा है कि आबादी बड़ी है तो लाइनें भी बड़ी लगेगी ही। उन्होंने कहा कि तमाम परेशानियों के बावजूद देशवासियों ने सरकार को सहयोग दिया है। स्थिति सामान्य हो रही है। वहीं प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी लोग बैंक और एटीएम की कतार में खड़े हैं। बैंक में नगदी न होने के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। गौरतलब है कि लाइन में लगने के दौरान अब तक देशभर में 65 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
जेटली ने एचटी लीडरशिप समिट के दौरान बातचीत में विमुद्रीकरण या नोटबंदी के मुद्दे पर मोदी सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा, अगर आप इस देश के स्वभाव को देखें तो एक हिस्सा है जो आसानी से बदलाव को स्वीकार नहीं करता है। मुझे याद है कि हम पहले इस बहस में काफी समय गंवाते थे कि भारत को रंगीन टीवी चाहिए या नहीं। 1996 में पार्टी की बैठक के लिए हमारी पार्टी ने सात मोबाइल फोन खरीदे तो मीडिया ने हमारे प्रस्तावों को रिपोर्ट नहीं किया। हां हमारा मज़ाक अवश्य उड़ाया गया। पंद्रह वर्ष पहले कोई भरोसा नहीं करता था कि एक गरीब या दलित के हाथों में मोबाइल हो सकता है लेकिन आज यह एक सच्चाई है। उन्होंने कहा कि 30 दिसंबर के बाद नोटबंदी से जुड़ी परिस्थितियों का आंकलन किया जाएगा। नोटबंदी बड़ी प्रक्रिया है। इसमें गोपनीयता बनाए रखने के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित करना था कि ज़रूरी जानकारी समय पर सभी को मिलती रहे।

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