रिवर फ्रंट देखने वाले दूसरों को नहीं देंगे वोट: अखिलेश

  • गोमती नदी के किनारे 1513 करोड़ की लागत से किया जा रहा सौन्दर्यीकरण

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
captureलखनऊ। सीएम अखिलेश ने बुधवार को अपने ड्रीम प्रोजेक्ट गोमती रिवर फ्रंट के पहले फेज का लोकार्पण किया। यह रिवर फ्रंट 1513 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हो रहा है। उन्होंने कहा कि बहुत सी पार्टियां नदियों को साफ करने का नारा बनाती हैं, लेकिन काम नहीं होता। आज ध्यान न देने की वजह से शहरों की नदियां दूषित हो गई हैं। इसलिए गोमती के किनारों का सौन्दर्यीकरण किया जा रहा है।
इस अवसर पर सीएम ने कहा कि केन्द्र सरकार के नोट बंदी के फैसले ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। अब तो चुनाव की तरह हाथ में स्याही लगाई जा रही है। पत्रकारों को चेक से भुगतान नहीं होता, तो उनकी भी नौकरी जाएगी। इसी तरह इस फैसले से बहुत से लोगों की नौकरी जाएगी। मैंने एक अधिकारी से पूछा था कि क्या 50 दिनों में सब सही हो जाएगा। तो उस अधिकारी ने बताया कि इसमें छह महीने से एक साल का वक्त लगेगा। उन्होंने मायावती पर तंज कसते हुए कहा कि लोगों को घमंड था कि उन्होंने बहुत ऊंची इमारतें बनाईं थी। हमने उनसे भी ऊंची इमारतें बनाकर उनका घमंड तोड़ दिया। जेपीएनआईसी ऐसी बिल्डिंग है, जिससे पूरा शहर देखा जा सकता है। इतना ही नहीं अब जो हाथी के बगल में बने रिवर फ्रंट घूमने आएंगे, वो दूसरों को वोट नहीं देंगे। जबकि कुछ लोगों ने इतने हाथी बनवा दिए कि उन्हें गिना ही नहीं जा सकता। जो हाथी बैठे हैं वो बैठे हैं, जो खड़ें हैं वो खड़े ही रह गए। बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी ने यूपी के लिए कुछ नहीं किया है। जबकि हमने इस उम्मीद में ज्यादा काम कर दिया कि बीजेपी वाले इससे अधिक काम करेंगे। लेकिन ढाई साल में उन्होंने यूपी के लिए कुछ नहीं किया। अब बीजेपी की पोल खुल चुकी है। अब जनता आकलन करके आने वाले चुनाव में फैसला सुनायेगी।

लोगों को आकर्षित करेगा रिवर फ्रंट

अखिलेश यादव ने 7 अप्रैल 2015 को रिवर फ्रंट का शिलान्यास किया था। देश में इतना बड़ा रिवर फ्रंट कहीं नहीं है। रिवर फ्रंट बना है, इसके आस-पास लोगों को रोजगार मिलेगा। समाजवादियों ने बहुत काम किया। रिवर फ्रंट पर तेजी से काम हो रहा है। इसलिए जिस व्यक्ति का कहीं मन नहीं लग रहा होगा उसका रिवर फ्रंट पर जरूर मन लगेगा। गौरतलब है कि इस परियोजना के तहत देश में पहली बार ईको-फ्रेंडली ग्रीन रिवर तैयार की गई है। गोमती नदी रिवर फ्रंट का काम ईको फ्रेंडली ग्रीन थीम पर आधारित है। इसको लंदन की टेम्स नदी के आधार पर विकसित किया गया है। वहीं, आस्ट्रेलिया की तर्ज पर रिवट फ्रंट परियोजना में गोमती के किनारे पर स्टेडियम, जॉगिंग और साइकिलिंग ट्रैक भी बनाए गए हैं। साथ ही लोग गोमती नदी में बोटिंग का मजा भी ले सकेंगे।

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