रामगोपाल यादव की सपा में वापसी, पार्टी के महासचिव और संसदीय बोर्ड में बने रहेंगे

  • मुलायम सिंह ने पत्र जारी कर 6 वर्ष का निलंबन किया रद्द
  • रामगोपाल बोले, नेताजी मेरे खिलाफ कभी नहीं थे, पार्टी में वापसी पर दिया धन्यवाद

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
17-nov-page11लखनऊ। सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव के परिवार में घमासान के बीच निष्कासित रामगोपाल यादव की पार्टी में वापसी हो गई है। रामगोपाल यादव का छह वर्ष का निलंबन रद्द कर दिया गया है। वे सपा के महासचिव बने रहेंगे। साथ ही संसदीय बोर्ड में भी बने रहेंगे। इस आशय का पत्र सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने जारी किया है। गौरतलब है कि सपा से निष्कासन के बावजूद रामगोपाल यादव राज्यसभा में पार्टी के संसदीय दल के नेता बने हुए थे और बुधवार को उन्होंने राज्यसभा में अपनी पार्टी की बात भी रखी थी। इसके पहले उन्होंने एक प्रेस क्रांफ्रेस कर खुद को पार्टी का सदस्य भी बताया था।

अपना निलंबन रद्द किए जाने के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए रामगोपाल यादव ने कहा कि मैंने पार्टी के खिलाफ कभी कोई काम नहीं किया है। मैं हमेशा पार्टी के लिए काम करता रहा हूं और करता रहूंगा। नेताजी अपने मन से मेरे खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर सकते हैं। वे बहुत शानदार नेता हैं।

उन्होंने कहा कि वे मेरे खिलाफ कभी नहीं थे, न मैंने कभी उनकी मंशा के खिलाफ काम किया और न करूंगा। अमर सिंह के सवाल पर राम गोपाल ने कहा कि किसी का नाम मत लीजिए, लेकिन नेता जी ने अपने मन से फैसला लिया है। उससे सारी पार्टी के लोग काफी खुश हैं। मैं नेता जी को धन्यवाद देता हूं। शिवपाल के साथ विवाद पर उन्होंने कहा कि चुनाव में हम लोगों को एक साथ जाना ही था। शिवपाल छोटे भाई हैं। छोटों से गलती हो तो बड़ों को माफ कर देना चाहिए। बतातें चले कि अखिलेश यादव और चाचा शिवपाल यादव के बीच पिछले माह बढ़ी तल्खी के लिए बीच मुलायम सिंह ने चचेरे भाई रामगोपाल यादव को पार्टी से निष्कासित कर दिया था। हालांकि, रामगोपाल यादव ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का खुलकर समर्थन किया था।

क्या था मामला

पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव ने सपा मुखिया मुलायम सिंह के निर्देश पर 23 अक्टूबर को रामगोपाल यादव को पार्टी से निकाल दिया था। उन्होंने कहा था कि रामगोपाल सीबीआई से बचने के लिए भाजपा से मिल गए हैं। उनके बेटे अक्षय और बहू घोटाले में फंसे हैं, इसलिए सीबीआई जांच से बचने के लिए ऐसा कर रहे हैं। शिवपाल ने यह भी कहा था कि रामगोपाल नेताजी, अखिलेश और सपा को कमजोर कर रहे हैं। मैंने जब पार्टी में उनके खिलाफ आवाज उठाई तो वे दुश्मनी निकाल रहे हैं। उन्होंने भ्रम फैलाकर महागठबंधन तुड़वाया। नेताजी का अपमान हममें से कोई बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने ऐलान किया था कि नेताजी के आदेश पर पार्टी से रामगोपाल को 6 साल के लिए निकाला जाता है। राष्ट्रीय महासचिव के पद से भी हटाया जाता है।

बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि परिवार दो खेमों मेें बंट गया है। भले ही निलंबन रद कर सपा कितनी भी लीपापोती कर लें। सपा की घमासान का फायदा भाजपा को मिलेगा

भाजपा विधायक ने कहा अंबानी और अडानी को पता था नोट बंदी

  • राजस्थान कोटा के भाजपा विधायक भवानी सिंह राजावत के बयान से मचा हडक़ंप
  • केंद्र सरकार को घेरने की तैयारी में जुटे विपक्षी दल, सदन में मुद्दा उठाने की तैयारी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
दिल्ली। राजस्थान के कोटा जिले के बीजेपी विधायक भवानी सिंह राजावत का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें उन्होंने कहा है कि अंबानी और अडानी को 500 और 1000 के नोट बंद किए जाने के बारे में पहले से पता था। इन लोगों को पहले ही हिंट दिया जा चुका था। इसलिए उन लोगों ने अपना सब कुछ मैनेज कर लिया।
विधायक भवानी सिंह वीडियो में कथित तौर पर नरेंद्र मोदी सरकार के फैसले की आलोचना करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में कहा जा रहा है कि पहले देश की आबादी और उसके अनुपात में करेंसी प्रिंट करवाते, उसके बाद आप एक साथ नोटबंदी का फैसला करते। अब पेट्रोल पंप की कीमतों की तरह आज रात 12 बजे के बाद 500 और 1000 के नोट बंद हो जाएंगे। इस तरह का आदेश जनता की परेशानी बढ़ाने वाला है। वहीं इस वीडियो की सत्यता के संबंध में पूछे गये सवालों पर भवानी सिंह ने मीडिया से कहा है कि ये वीडियो कुछ पत्रकारों के संग उनकी अनौपचारिक बातचीत का है, जिसे हेरफेर के साथ पेश किया जा रहा है। उन्होंने सफाई दी कि वीडियो में जैसा दिखाया जा रहा है, मैंने वैसा कुछ नहीं कहा है। जबकि इस वीडियो में 2000 रुपये के नए नोट के बारे में यह भी कहा जा रहा है कि नए नोट थर्ड क्लास के हैं। ये बिल्कुल जाली नोट जैसे लगते हैं। फिलहाल विपक्षी पार्टियां भवानी सिंह राजावत के बयान को लेकर भाजपा को घेरने में जुट गई हैं। यह मुद्दा सदन में भी उठाया जा सकता है।

अब शादी के लिए निकाल सकेंगे 2.5 लाख, बदल सकेंगे बस दो हजार

  • नोटबंदी से परेशान लोगों को राहत देने के लिए सरकार का ऐलान

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। नोटबंदी के फैसले से परेशान लोगों को सरकार ने आज एक और राहत दी है। अब जिन घरों में शादी है उनके परिवार के लोग एक बार में 2.50 लाख रुपए तक निकाल पाएंगे। हालांकि कैश चेंज की सीमा घटा दी गई है। इसके मुताबिक अब लोग बैंकों से 4500 हजार की जगह सिर्फ 2000 रुपए के नोट ही बदलवा सकेंगे। वित्त सचिव शक्तिकांत दास ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि जिनके घर में शादी है उनके माता-पिता या जिसकी शादी है वह एक बार में ढाई लाख रुपए तक निकाल सकेंगे ताकि शादी समारोह में किसी प्रकार की दिक्कत न हो। उन्होंने कहा कि अब तक बैंकों में 4500 रुपए के नोट बदले जा रहे थे उसकी सीमा घटा दी गई है। कल यानी 18 नवंबर से लोग केवल 2 हजार रुपए के ही नोट बदलवा सकेंगे। फिलहाल यह नियम जमा निकासी पर लागू नहीं है।

किसानों और मंडी कारोबारियों को भी राहत

सरकार ने रबी के मौसम को देखते हुए किसानों को भी राहत दी है। वित्त सचिव ने कहा कि सरकार ने किसानों के लिए एक हफ्ते में बैंक से निकाली जा सकने वाली रकम की सीमा 25 हजार रुपए कर दी है। किसान इसे अपने अकाउंट से निकाल सकेंगे। सभी के खाते केवाईसी के तहत होने चाहिए। साथ ही जिन मंडियों में किसान अपनी उपज बेचने जाते हैं वहां से उन्हें कैश के बजाय चेक मिलेगा या फिर उनके अकाउंट में पैसा जमा होगा जहां से वे इसे निकाल पाएंगे। वहीं मंडी कारोबारी एक हफ्ते में 50 हजार रुपए तक निकाल सकेंगे।

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