रामगोपाल यादव की सपा में वापसी, पार्टी के महासचिव और संसदीय बोर्ड में बने रहेंगे

  • मुलायम सिंह ने पत्र जारी कर 6 वर्ष का निलंबन किया रद्द
  • रामगोपाल बोले, नेताजी मेरे खिलाफ कभी नहीं थे, पार्टी में वापसी पर दिया धन्यवाद

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
captureलखनऊ। सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव के परिवार में घमासान के बीच निष्कासित रामगोपाल यादव की पार्टी में वापसी हो गई है। रामगोपाल यादव का छह वर्ष का निलंबन रद्द कर दिया गया है। वे सपा के महासचिव बने रहेंगे। साथ ही संसदीय बोर्ड में भी बने रहेंगे। इस आशय का पत्र सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने जारी किया है। गौरतलब है कि सपा से निष्कासन के बावजूद रामगोपाल यादव राज्यसभा में पार्टी के संसदीय दल के नेता बने हुए थे और बुधवार को उन्होंने राज्यसभा में अपनी पार्टी की बात भी रखी थी। इसके पहले उन्होंने एक प्रेस क्रांफ्रेस कर खुद को पार्टी का सदस्य भी बताया था।

अपना निलंबन रद्द किए जाने के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए रामगोपाल यादव ने कहा कि मैंने पार्टी के खिलाफ कभी कोई काम नहीं किया है। मैं हमेशा पार्टी के लिए काम करता रहा हूं और करता रहूंगा। नेताजी अपने मन से मेरे खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर सकते हैं। वे बहुत शानदार नेता हैं।

उन्होंने कहा कि वे मेरे खिलाफ कभी नहीं थे, न मैंने कभी उनकी मंशा के खिलाफ काम किया और न करूंगा। अमर सिंह के सवाल पर राम गोपाल ने कहा कि किसी का नाम मत लीजिए, लेकिन नेता जी ने अपने मन से फैसला लिया है। उससे सारी पार्टी के लोग काफी खुश हैं। मैं नेता जी को धन्यवाद देता हूं। शिवपाल के साथ विवाद पर उन्होंने कहा कि चुनाव में हम लोगों को एक साथ जाना ही था। शिवपाल छोटे भाई हैं। छोटों से गलती हो तो बड़ों को माफ कर देना चाहिए। बतातें चले कि अखिलेश यादव और चाचा शिवपाल यादव के बीच पिछले माह बढ़ी तल्खी के लिए बीच मुलायम सिंह ने चचेरे भाई रामगोपाल यादव को पार्टी से निष्कासित कर दिया था। हालांकि, रामगोपाल यादव ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का खुलकर समर्थन किया था।

क्या था मामला

पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव ने सपा मुखिया मुलायम सिंह के निर्देश पर 23 अक्टूबर को रामगोपाल यादव को पार्टी से निकाल दिया था। उन्होंने कहा था कि रामगोपाल सीबीआई से बचने के लिए भाजपा से मिल गए हैं। उनके बेटे अक्षय और बहू घोटाले में फंसे हैं, इसलिए सीबीआई जांच से बचने के लिए ऐसा कर रहे हैं। शिवपाल ने यह भी कहा था कि रामगोपाल नेताजी, अखिलेश और सपा को कमजोर कर रहे हैं। मैंने जब पार्टी में उनके खिलाफ आवाज उठाई तो वे दुश्मनी निकाल रहे हैं। उन्होंने भ्रम फैलाकर महागठबंधन तुड़वाया। नेताजी का अपमान हममें से कोई बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने ऐलान किया था कि नेताजी के आदेश पर पार्टी से रामगोपाल को 6 साल के लिए निकाला जाता है। राष्ट्रीय महासचिव के पद से भी हटाया जाता है।

बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि परिवार दो खेमों मेें बंट गया है। भले ही निलंबन रद कर सपा कितनी भी लीपापोती कर लें। सपा की घमासान का फायदा भाजपा को मिलेगा

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