राजधानी में डबल मर्डर से सनसनी

  • उधार नहीं दिया तो साथी ने ईंट से कूचकर कर दी हत्या
  • आरोपी गिरफ्तार, निशानदेही पर शव किया गया बरामद

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। शराब के लिए उधार पैसा न देने पर एक युवक ने अपने साथी की ईंट से कूचकर निर्मम हत्या कर दी। शराब का नशा उतरने पर होश में आए आरोपी को अपनी गलती का अहसास हुआ। उसने इसकी जानकारी अपने अन्य साथी को दी, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने उसे वहीं बैठाकर पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना के चार घंटे बाद पहुंची पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
उड़ीसा राज्य के रहने वाले 25 वर्षीय कुमार मांझी लखनऊ में रहकर पल्लेदारी का काम करता था, जिसकी दोस्ती मडिय़ांव में शराब के ठेके पर साफ-सफाई का काम करने वाले सीतापुर निवासी 35 वर्षीय पूरन से हो गई थी। दोनों दोस्त काम से वापस आने के बाद इंजीनियरिंग कालेज चौराहे पर फुटपाथ पर सोते थे। शुक्रवार की रात दोनों दोस्तों ने रोजाना की तरह रघुवर पैलेस के पास खाली प्लाट पर एक साथ शराब पी। इसी दौरान नशे में होने के बाद पूरन ने अपने दोस्त कुमार मांझी से सौ रुपए उधार मांगे। पैसा न होने की वजह से कुमार ने पूरन को रुपए देने से इंकार कर दिया। जिसको लेकर दोनों के बीच बहस होने लगी। जोकि देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। इसी दौरान कुमार ने वहां पड़े ईंट से पूरन पर हमला बोल दिया। ईंट के ताबड़तोड़ वार से पूरन की मौत हो गई। घटना के बाद सुबह होश आने पर कुमार को अपनी गलती का अहसास हुआ। इसके बाद उसने इसकी जानकारी चाय की दुकान चलाने वाले अपने साथी अनिल कश्यप को दी। हत्या किए जाने की बात सुनकर अनिल के होश उड़ गए। उसने कुमार को वहीं बैठाकर थानाध्यक्ष जानकीपुरम को सूचना देने के लिए उनके सीयूजी नंबर पर काल करना शुरू कर दिया। जोकि करीब चार घंटे तक नहीं उठा। इस बीच आरोपी कुमार ने भागने का भी प्रयास किया, जिसे दो युवकों ने दबोच लिया। घंटों बाद पहुंची पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

चिता से शव उतार पोस्टमार्टम के लिए भेजा, हत्या की आशंका

मडिय़ांव थाना क्षेत्र के मुबारकपुर गांव के निकट नाले पर लकड़ी व कंडे से बनी चिता पर रखे शव को देख किसी अनहोनी की आशंका के चलते मौजूद चरवाहों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव की शिनाख्त करवाई तो उसकी पहचान मुबारकपुर गांव के ही हरिराम यादव की पत्नी 40 वर्षीय सुनीता के रूप में हुई। जोकि एक निजी स्कूल में आया के रूप में काम करती थी। जिससे हरीराम ने अपनी दो पत्नी के छोड़ जाने के बाद तीसरी शादी की थी। बताया ज रहा है कि शुक्रवार की सुबह हरीराम व सुनीता के बीच वाद विवाद हुआ था। जिसके बाद हरीराम उसे 108 नंबर की एंबुलेस से अस्पताल ले गया। शाम को ही दोनों एंबुलेंस से ही वापस आ गए। शनिवार की सुबह हरीराम के घर के दरवाजे पर ताला लटकता देख ग्रामीणों ने अनहोनी की आशंका के चलते पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने ताला तोडक़र घर की तलाशी भी ली। शनिवार की सुबह सुनीता का शव गांव के निकट नाले के पास लगाई गई चिता पर से बरामद हुई। चर्चा है कि मारपीट के दौरान मौत हो जाने के बाद हरीराम ने चुपके से शव को जलाने का प्रयास किया। चरवाहों की सक्रियता के चलते वह अपने मंसूबे में सफल न हो सका। पुलिस फरार हरीराम की तलाश कर रही है।

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