राजधानी में उड़ रहीं डीजीपी के आदेशों की धज्जियां

  • पुलिस मुख्यालय से सर्कुलर जारी होने के बाद भी एसएसपी ने दारोगा को दिया चार्ज
  • आईजी की संस्तुति पर केवल चार थानों पर सब इंस्पेक्टर्स की तैनाती का मामला

आमिर अब्बास
captureलखनऊ। पुलिस महानिदेशक जावीद अहमद के आदेश उनके मातहतों पर बेअसर साबित हो रहे हैं। आईजी से लेकर एसएसपी तक पुलिस मुख्यालय से जारी होने वाले सर्कुलर को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। इसी वजह से लखनऊ की एसएसपी मंजिल सैनी ने राजधानी में चार थानों के बजाय नौ थानों में इंस्पेक्टर्स के बजाय सब इंस्पेक्टर्स की तैनाती का आदेश जारी कर दिया। जबकि जावीद अहमद ने आईजी की संस्तुति के बाद ही किन्हीं चार थानों पर ही सब इंस्पेक्टर्स की तैनाती का आदेश दिया था। ऐसे में चारों तरफ इस बात की चर्चा होने लगी है कि पुलिस विभाग के मुखिया अपने ही मातहतों से नियम कानून का पालन करवाने में अक्षम साबित हो रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में बढ़ते अपराधों के मद्देनजर पुलिस मुखिया डीजीपी जावीद अहमद ने गहन मंथन कर सभी जिलों के थानों में इंस्पेक्टर्स को प्रभारी बनाने का आदेश दिया था। लेकिन उनके मातहत ही पुलिस मुख्यालय से जारी होने वाले आदेशों का पालन करने को तैयार नहीं है। इसी वजह से अपनी मर्जी के मुताबिक पुलिसकर्मियों का ट्रांसफर करने और सीयूजी नंबर न उठाने की प्रवृत्ति एसएसपी और आईजी स्तर के अधिकारियों में बढ़ती जा रही है। बताते चलें कि डीजीपी जावीद अहमद ने करीब दो महीने पहले सभी अधिकारियों को अपने सीयूजी नंबर पर आने वाली कॉल उठाने की हिदायत दी थी। लेकिन इस आदेश को लगभग सभी अधिकारियों ने नजरअंदाज कर दिया। इसके बाद हाल ही में सभी जिलों के थानों में आईजी की संस्तुति पर एसओ यानी सब इंस्पेक्टर की तैनाती की जगह इंस्पेक्टर तैनात करने के आदेश दिए थे, जिसके अनुसार हर जिले में सिर्फ चार दारोगा यानी सब इंस्पेक्टर को ही थानों का प्रभारी बनाया जाना था। इसके अलावा अन्य सभी थानों पर इंस्पेक्टर्स की तैनाती की जानी थी। लेकिन इस आदेश की भी खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। आलम ये है कि राजधानी में एसएसपी मंजिल सैनी ने डीजीपी के आदेशों को ताक पर रखकर राजधानी में नौ थानों की कमान एसओ के हाथों में सौंप दी। इसके लिए आईजी की संस्तुति भी नहीं ली। जबकि थानों पर तैनाती पाने वाले कई ऐसे रसूखदार सब इंस्पेक्टर अपनी पहुंच के बल पर मलाईदार जगहों पर लंबे समय से जमे हुए थे। इसी वजह से उन्हें न तो किसी आधिकारी ने हटाया और न ही उनका स्थानान्तरण किया गया। ऐसे में एसएसपी ने डीजीपी के आदेशों को दरकिनार कर नौ थानों पर सब इंस्पेक्टर्स की नई तैनाती का आदेश जारी कर दिया।
अधिकारियों ने साधी चुप्पी

डीजीपी के आदेशों के बावजूद लंबे समय से शहर के अलग-अलग थानों में तैनात सब इंस्पेक्टर्स को सर्कुलर के खिलाफ थाना प्रभारी बनाये जाने का मामला गंभीर है। इस मामले में पुलिस मुखिया जावीद अहमद, आईजी ए सतीश गणेश और एसएसपी मंजिल सैनी को फोन कर संपर्क स्थापित करने का प्रयास किया गया लेकिन किसी भी अधिकारी ने सीयूजी नंबर पर आने वाली कॉल को रिसीव नहीं किया। इससे स्पष्ट है कि कानून व्यवस्था और नियमों को लेकर न तो डीजीपी गंभीर हैं और न ही उनके मातहत, ऐसे में आम जनता का भगवान ही मालिक है।

पुलिस मुख्यालय से जारी आदेश

डीजीपी जावीद अहमद के निर्देश पर पुलिस मुख्यालय से 7 नवम्बर को जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि चुनाव आयोग द्वारा अगामी चुनाव 2017 के मद्देनजर अधिकारियों के स्थानान्तरण से संबंधित निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जायेगा। इसमें कोई भी अधिकारी किसी ऐसे जनपद में तैनात नहीं रहेगा, जिसमें उसने पिछले चार वर्षों में एक ही जनपद में तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा किया हो। इसके अलावा सभी थानों पर इंस्पेक्टर्स की तैनाती और अधिकतम चार थानों में सब इंस्पेक्टर्स की तैनाती का आदेश दिया गया था। तब भी पुलिस विभाग के अफसर डीजीपी के मंसूबों पर पानी फेरते नजर आ रहे हैं। ऐसे में प्रदेश में कानून व्यवस्था का अनुमान लगाया जा सकता है।

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