मुर्दा को जिन्दा बताकर इलाज करता रहा चरक अस्पताल, ऐंठता रहा पैसा

  • परिजनों को सौंपी गई डेडबॉडी बुरी तरह फूली होने की वजह से हुई आशंका
  • पीडि़त परिवार की शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय पुलिस ने जेल भेजने का डर दिखाकर कराया शांत
  • पहले भी रोगों की गलत रिपोर्ट देने को लेकर चर्चा में रहा है अस्पताल

 वीरेंद्र पांडेय
captureलखनऊ। राजधानी के चरक अस्पताल में मरीजों को लूटने का खेल बदस्तूर जारी है। मरीजों को डेंगू और अन्य बीमारियों की गलत रिपोर्ट देकर कमाई करने के साथ ही मुर्दा को जिन्दा बताकर कमाई करने का आरोप लगाया गया है। इस मामले को लेकर परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा काटा। वहीं मौके पर पहुंची पुलिस ने पीडि़त परिवार को अस्पताल में हंगामा और तोडफ़ोड़ के मामले में जेल भेजने का डर और मरीज के इलाज का खर्च माफ कराने का आश्वासन देकर पीडि़त परिवार को चुप करा दिया। इतना ही नहीं परिजनों के लाख कहने के बावजूद डेडबॉडी का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया। इसलिए पीडि़त परिवार न्याय की आस में दर-दर भटक रहा है।
ठाकुरगंज निवासी वकील अहमद (20) पिछले तीन सप्ताह से बुखार से पीडि़त था। पजिनों ने उसको चरक अस्पताल में भर्ती कराया था। अस्पताल के चिकित्सकों ने बुधवार की शाम परिजनों को बताया कि मरीज की मौत हो गई है। लेकिन जब वकील अहमद की डेडबॉडी परिजनों को सौंपी गई तो वह बुरी तरह से फूल चुकी थी। इसलिए परिजनों को मरीज की मौत को लेकर आशंका हुई। इस मामले में परिजनों ने अस्पताल प्रशासन के लोगों से जानकारी मांगी, तो उन लोगों ने अभद्रता शुरू कर दी। इसलिए परिजनों ने नाराज होकर अस्पताल में हंगामा और तोडफ़ोड़ शुरू कर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को जेल भेजने का डर और इलाज का खर्च माफ करने का आश्वासन दिलाकर चुप करा दिया लेकिन शव का अंतिम संस्कार करने के बाद परिजनों ने अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई का मन बनाना शुरू कर दिया है। वकील अहमद के रिश्तेदार छोटू ने बताया कि पिछले पांच दिनों से यहां के चिकित्सक परिवार के किसी भी सदस्य को मरीज के पास नहीं जाने दे रहे थे। बुधवार की शाम जब मरीज की लाश दी गयी तो वो पूरी तरह से फूली हुयी थी। इसलिए मामले में पुलिस और कोर्ट की मदद ली जायेगी। इस तरह लाशों पर कमाई करने वाले चरक अस्पताल को छोड़ा नहीं जायेगा।

पहले भी लग चुके हैं आरोप

चरक अस्पताल में लाशों की सौदागरी करने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी चरक अस्पताल पर डेडबॉडी गायब करने के आरोप लग चुके हैं। जानकारों की मानें तो चरक हॉस्पिटल में इससे पूर्व फैजाबाद निवासी एक मरीज की हालत गंभीर बताकर परिजनों से लाखों रुपये की कमाई की गई थी। अस्पताल के कर्मचारियों ने परिजनों के मरीज से मिलने पर रोक लगा दी थी। लेकिन जब मरीज के बेटे ने मिलने की जिद की तो उसको आईसीयू में भेजा गया। लेकिन मरीज की डेडबॉडी आईसीयू में मिलने के बजाय कबाडख़ाने में मिली थी। इसके अलावा डेंगू के मरीजों की गलत जांच रिपोर्ट तैयार करने का मामला भी सामने आ चुका है, जिसके माध्यम से चरक अस्पताल में कमाई की जा रही है।

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