मुझे बुआ कहने को मना किया था पर धनतेरस पर कह सकता हूं पूरी दुनिया में सिर्फ बुआ जी ने ही अपनी मूर्ति लगवाई: अखिलेश

  • धनतेरस पर प्रदेश भर के बच्चों को मिड-डे-मील के साथ बर्तन देने की शुरुआत की सीएम ने
  • कार्यक्रम में सीएम ने साधा भाजपा और बसपा पर निशाना
  • अखिलेश ने कहा कि 3 नवंबर को रथ यात्रा और 5 को पार्टी की रजत जयंती भी है हमारे लिए त्यौहार

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
11लखनऊ। मौका तो था धनतेरस पर बच्चों के लिए बर्तन देने की शुरूआत करने का, मगर सीएम अखिलेश यादव ने इस मंच का भरपूर राजनैतिक इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने लगातार विकास के काम किए जबकि विपक्ष विकास की जगह कहीं और निशाना लगाना चाहता है। उन्होंने कहा कि बच्चों के सरकारी स्कूलों की किताबों का स्तर प्राइवेट स्कूल की किताबों जैसा किया जाएगा।
लखनऊ के धनुआसांड गांव में सीएम ने मिड-डे-मील में बच्चों को थाली और गिलास भेंट किए। प्रदेश के 8 लाख बच्चों को यह बर्तन दिए जायेंगे। सीएम ने कहा कि ये शुभ है कि धनतेरस पर इस योजना की शुरूआत की जा रही है। ये बर्तन बच्चे अपने घर भी ले जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता बच्चों का बेहतर स्वास्थ्य है। इसीलिए बच्चों को गर्म दूध देने की शुरूआत की गई क्योंकि गर्म दूध कभी खराब नहीं होता।
सीएम ने कहा कि दुनिया के वहीं मुल्क तरक्की करते हैं जहां शिक्षा की व्यवस्था अच्छी रहती है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बनेगी तो पूरे प्रदेश में सभी की एक जैसी शिक्षा करके दिखायेंगे। सीएम ने कहा कि भले ही सरकारी स्कूलों की बिल्डिंग अच्छी न हो, मगर किताबें सबकी एक जैसी होनी चाहिए। इटावा में कल अमित शाह के बयान पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा नेता कह रहे हैं कि यहां विकास नहीं हुआ जबकि इटावा में जिस हवाई पट्टïी पर वह उतरे थे वह हम समाजवादियों ने ही बनाई हैं। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि वह दुष्प्रचार से भ्रमित न हो। इस पार्टी के लोग पहले अपने भाषणों की शुरुआत भारत माता की जय से करते थे अब किसी और नारे से करते हैं। उनका इशारा पीएम मोदी और भाजपा नेताओं के जय श्रीराम के नारों से था।
सीएम ने बसपा सुप्रीमो मायावती पर हमला करते हुए कहा कि हम तो उन्हें बुआ जी कहते थे, मगर बाद में उन्होंने हमें इस नाम से पुकारने से मना किया। मगर आज धनतेरस है इसलिए फिर हम उन्हें बुआ जी कह कर यह बात कह सकते हैं कि पूरी दनिया में सिर्फ बुआ जी ही ऐसी नेता हैं, जिन्होंने जिंदा रहते अपनी मूर्ति लगवाई। उन्होंने कहा कि लखनऊ के लोग अच्छी तरह से जानते हैं कि जहां भी बेशकीमती जमीन दिखाई दी वहां बसपा ने कब्जा किया।
सीएम ने धनतेरस और दीपावली की बधाई देते हुए कहा कि हमारे लिए तो 3 नवंबर और 5 नवंबर भी त्यौहार है। एक दिन रथ यात्रा तो एक दिन पार्टी का रजत जयंती कार्यक्रम है।

सीएम ने कहा कि गुजरात के शेरों को भूल गए अमित शाह

सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि इटावा आकर अमित शाह हकीकत भूल गए। वह जिस स्थान पर कार्यक्रम कर रहे थे, वह स्थल भी नेताजी और उन्होंने ही बनवाया है। अमित शाह ने बाकी बातें तो की पर यह भूल गए कि पीछे ही कुछ दूरी पर गुजरात से आए शेर भी हैं, जिन्होंने दो बच्चे भी दिए हैं। उन्होंने तंज किया कि अमित शाह को गुजरात को लोग भी याद नहीं रहते।

अजित सिंह ने कहा सपा के रजत जयंती समारोह में आयेंगे, गठबंधन की कोशिशें तेज

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 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह के निर्देश पर प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव थर्ड फ्रंड बनाने की कोशिशों में जुट गये हैं। वह 5 नवंबर को सपा के रजत जयंती समारोह में थर्ड फ्रंट के नेताओं को इकट्ठा करने में लगे हुए हैं। इसी मकसद से उन्होंने आज सुबह रालोद के अध्यक्ष अजित सिंह से मुलाकात की। उन्हें मुलायम सिंह की तरफ से भेजा गया निमंत्रण दिया, तो अजित सिंह ने सपा के रजत जयंती समारोह में शामिल होने की हामी भर दी। वहीं जानकारों की मानें तो दोनों नेताओं के बीच करीब आधे घंटे की बातचीत भी हुई, जिसमें आने वाले चुनाव में थर्ड फ्रंट बनाने को लेकर चर्चा की गई।
सपा प्रमुख मुलायम सिंह अपने पुराने साथियों को दोबारा एक मंच पर लाना चाहते हैं। इस शुभ काम के लिए उन्होंने दिन और समय भी निश्चित कर लिया है। इसी वजह से नेताजी ने अपने छोटे भाई और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल को पुराने साथियों से मुलाकात करने और रजत जयंती समारोह में शामिल होने का निमंत्रण देने की जिम्मेदारी सौंपी है। प्रमुख बात ये भी है कि सपा मुखिया मुलायम सिंह खुद भी अपने पुराने साथियों को फोन के माध्यम से रजत जयंती समारोह में आने का निमंत्रण दे रहे हैं। ये अलग बात है कि अब तक केवल अजित सिंह ने रजत जयंती समारोह में आने की बात सार्वजनिक तौर पर कही है। शरद यादव, लालू यादव और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार रजत जयंती समारोह में आयेंगे या नहीं, इस बारे में अब तक स्पष्ट नहीं है। लेकिन जिस तरीके से मुलायम और शिवपाल पुराने साथियों को एकजुट कर रहे हैं, उससे लगने लगा है कि बहुत जल्द थर्ड फ्रंट के लोग एक मंच पर होंगे और बीजेपी को कड़ी टक्कर देंगे।
दरअसल, बिहार में होने वाले विधानसभा चुनावों के दौरान भी सपा, रालोद, जदयू और अन्य पार्टियों को मिलाकर थर्ड फ्रंट बनाने की बात की थी। लेकिन बात नहीं बनी।

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