महिला शक्ति दिवस: उजडऩे से बचे कई घर

  • एसएसपी का प्रयास ला रहा है रंग, 100 से अधिक मामलों का हुआ निस्तारण
  • महिलाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है कार्यक्रम

आमिर अब्बास
captureलखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सूबे की महिलाओं, युवतियों व छात्राओं को सुरक्षा देने के लिए तमाम व्यवस्थाएं की हैं। उन्होंने सबसे पहले महिला सुरक्षा प्रकोष्ठ 1090 के माध्यम से काफी कार्य किये। शायद यही कारण है कि राजधानी की कमान थामने वाली कप्तान मंजिल सैनी भी महिलाओं को न्याय दिलाने की दिशा में बेहतर काम कर रही हैं। उन्होंने राजधानी में महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करने के लिए न सिर्फ कड़े कदम उठाये बल्कि महिलाओं द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमों का निस्तारण करने के लिए शक्ति दिवस का आयोजन किया। थानों में आयोजित महिला शक्ति दिवस के दौरान कुछ ही समय के अंदर सैकड़ों पीडि़ताओं के मुकदमों को दोनों पक्षों की सहमति से निस्तारित कर दिया गया। लेडी सिंघम के नाम से चर्चित आईपीएस अधिकारी मंजिल सैनी द्वारा चलाई जा रही मुहिम की प्रशंसा महिलाएं भी कर रही हैं। एसएसपी मंजिल सैनी स्वयं मौके पर पहुंचकर प्रकरणों का निस्तारण बड़ी गंभीरता से कर रही हैं । इस अभियान के तहत अब तक 118 मामलों का निस्तारण किया जा चुका है।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बढ़ते अपराधों के मद्देनजर लेडी सिंघम के नाम से मशहूर आईपीएस अधिकारी मंजिल सैनी एसएसपी की कमान थामने के बाद से काफी सक्रिय हैं। उनके आने के बाद से न सिर्फ अपराधों में कमी आयी बल्कि आम जनता भी खुद को सुरक्षित महसूस कर रही है क्योंकि ये राजधानी में पहली ऐसी कप्तान है, जो अधिकारियों से लेकर पीडि़तों तक का फोन उठाती है। वहीं अगर बात करें महिलाओं की सुरक्षा की तो लेडी सिंघम के राजधानी में आगमन करते ही महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस करने लगी हैं। शायद यही कारण है कि एसएसपी मंजिल सैनी ने महिलाओं के उत्पीडऩ व उनसे सम्बंधित सभी समस्याओं का समाधान करने के लिए शक्ति दिवस का आयोजन किया।
महिला शक्ति दिवस के माध्यम से न सिर्फ पीडि़त महिलाओं को अपनी बात रखने का मौका मिला बल्कि उनकी समस्याओं का निस्तारण भी किया। इस शक्ति दिवस के दौरान अलग-अलग थानों में दर्ज महिलाओं से संबंधित 118 मुकदमों का निस्तारण कर दिया। बता दें बीते 29 अक्टूबर को आलमबाग थाने में पहले शक्ति दिवस का आयोजन किया। एसएसपी पीआरओ अंबर सिंह के अनुसार महिलाओं से संबंधित कुल 64 मुकदमों में से 10 मुकदमों का वादी (महिलाओं) की सहमति से निस्तारण कर दिया। जबकि दूसरे शक्ति दिवस का आयोजन बीते 8 नवम्बर को बीकेटी थाने में हुआ। इस थाने में महिला उत्पीडऩ के कुल 37 मुकदमे दर्ज मिले, जिसमें लेडी सिंघम ने 23 मुकदमों को निस्तारण किया। वहीं तीसरा शक्ति दिवस 11 नवम्बर को चौक थाने में आयोजित किया गया। चौक में इस तरह के कुल 151 मुकदमे मिले। जिसमें से 52 मुकदमे लेडी सिंघम ने अपनी सूझ-बूझ का सबूत देते हुए मौके पर निस्तारित किये।
इसके अलावा अब तक का चौथा आयोजन बीते 14 नवंबर को अलीगंज थाने में किया। जहां महिलाओं से संबंधित कुल 83 मुकदमे पाये गए। इसमें भी एसएसपी मंजिल सैनी ने 33 मुकदमों को मौके पर ही वादी ( महिलाओं ) की सहमति से निस्तारित कर दिये। उपरोक्त सभी आयोजनों में शेष बचे मुकदमों में एसएसपी ने सभी को दस दिन का समय दिया। जिससे वादी व प्रतिवादी को खुद सहमत होकर इन मामलों का निबटारा करने के लिए प्रेरित किया जाता है।
इसके अलावा एसएसपी जल्द ही अन्य क्षेत्रों में भी महिलाओं से संबंधित मुकदमों का निस्तारण करने के लिए शक्ति दिवस का आयोजन किया जायेगा। राजधानी एसएसपी मंजिल सैनी के इस तरह के कदम से न सिर्फ मामलों के निस्तारण में मदद मिली बल्कि कई
घरों को उजडऩे से भी बचा लिया गया। शायद यही कारण है कि महिला एसएसपी मंजिल सैनी ने महिलाओं के दिल में बड़ी जगह बना
ली, जिससे महिलाएं एसएसपी की प्रशंसा करती नजर आ रही हैं।

एसएसपी मंजिल सैनी स्वयं मौके पर पहुंचकर प्रकरणों का निस्तारण बड़ी गंभीरता से कर रही हैं । इस अभियान के तहत अब तक
118 मामलों का निस्तारण किया जा चुका है।

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