महासंग्राम: अब रामगोपाल ने बोला नेताजी पर हमला

  • नेताजी की तमाम कोशिशों के बावजूद नहीं थम रहा यादव परिवार में घमासान
  • 2.30 बजे नेताजी की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर लगी सबकी निगाहें, क्या नेताजी का फैसला मानेंगे सब लोग
  • सुबह से तेज हुई चर्चा कि बर्खास्त मंत्री लिए जाएंगे वापस और सीएम को बनाया जायेगा प्रदेश अध्यक्ष
  • शिवपाल को राष्ट्रीय महासचिव बनाकर बीच का रास्ता निकाल सकते हैं मुलायम

 संजय शर्मा

captureलखनऊ। मुलायम सिंह की तमाम कोशिशों के बावजूद भी यादव परिवार में चल रही लड़ाई थमने का नाम ही नहीं ले रही है। किसी जमाने में पार्टी का थिंक टैंक कहे जाने वाले रामगोपाल यादव ने आज नेताजी के बयान पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि कोई व्यक्ति सीबीआई और सुप्रीम कोर्ट को कैसे प्रभावित कर सकता है। यह नेताजी का नॉनसेंस स्टेटमेंंट है। नेताजी पर हुए इस हमले से शिवपाल खेमा फिर सक्रिय हो गया। इस घमासान के बीच नेताजी ने 2.30 बजे प्रेस कांफ्रेंस बुलाई है। सबकी निगाहें आज नेताजी पर लगी हैं।
कल नेताजी ने अमर सिंह की जमकर तारीफ करते हुए कहा था कि अमर सिंह ने उन्हें जेल जाने से बचाया वरना उन्हें सात साल की सजा हो सकती थी। आज रामगोपाल यादव अमर सिंह की तारीफ पर खासे भडक़े हुए थे। उन्होंने कहा कि आय से अधिक संपत्ति का मामला सुप्रीम कोर्ट और सीबीआई की निगरानी में था। कोई व्यक्ति कैसे सुप्रीम कोर्ट और सीबीआई को मैनेज कर सकता है।
रामगोपाल यहीं नहीं रूके उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह असंवैधानिक बयान दे रहे हैं। मुलायम सिंह को ऐसा नहीं कहना चाहिए। रामगोपाल ने कहा कि हिम्मत हो तो अमर सिंह और शिवपाल कहीं भी उनके खिलाफ जनता के बीच कोई बयान देकर देखें। जनता उन्हें ठीक न कर दे तो वह समझेंगे कि उनकी राजनीति बेकार थी। उन्होंने अमर सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि अमर सिंह का कोई जनाधार नहीं है। कभी-कभी खोटा सिक्का जब मार्केट में आता है तो असली सिक्के को बाहर कर देता है। मेरे साथ भी यही हुआ।
उधर, आज सुबह से ही समाजवादी पार्टी कार्यालय पर गहमा-गहमी का माहौल बना हुआ था। आज 10 बजे ही सपा प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव पार्टी दफ्तर पहुंच गए थे। बर्खास्त किए गए मंत्री नारद राय और ओम प्रकाश भी पार्टी दफ्तर पहुंचे। थोड़ी देर बाद गायत्री प्रजापति भी वहां पहुंचे। इस बीच सूचना आई कि सपा मुखिया ने शिवपाल यादव और सीएम अखिलेश यादव को अपने निवास पर बुलाया है। शिवपाल यादव बर्खास्त मंत्रियों के साथ नेताजी के घर पहुंचे जबकि सीएम अखिलेश यादव 5 कालीदास मार्ग से नेताजी के घर पहुंचे। नेताजी ने पहले दोनों से अलग-अलग फिर एक साथ बिठाकर बातचीत की और समझाया कि अगर सब साथ-साथ नहीं बैठे तो बड़ा नुकसान हो जायेगा। माना जा रहा है कि आज 2.30 बजे नेताजी इस आपसी सहमति का फार्मूला मीडिया के सामने रखेंगे और शायद यह ऐसा फैसला होगा जो दोनों पक्षों को मानना ही होगा। सबकी निगाहें इस फैसले पर लगी हैं कि आखिर नेताजी ऐसा कौन सा फार्मूला निकाल सकते हैं जो दोनों पक्ष उसको मान लें।
सपा खेमे में चल रही चर्चाओं पर यकीन करें तो शिवपाल यादव को राष्टï्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी देकर प्रदेश की कमान अखिलेश को सौंपी जा सकती है। ऐसा करने से अखिलेश की छवि पर कोई दाग नहीं लगेगा और शिवपाल का कद भी बढ़ाया गया। ऐसा मैसेज जायेगा।
अमर सिंह भले ही पार्टी में बने रहें मगर जिस तरह से सीएम ने उनको दलाल जैसे शब्दों से नवाजा है उससे अमर सिंह की हैसियत वैसे भी खत्म हो गई है। अगर नेताजी के कहने पर वह पार्टी में बने भी रहते हैं तो उन्हें सीएम कैंप से कोई भाव नहीं दिया जायेगा।
अब देखना यह है कि नेताजी की आज की कोशिशों के बाद माहौल शांत रहता है या फिर दोनों पक्षों में तनातनी बरकरार रहती है।

गायत्री ने कहा नेताजी शिव, सीएम गणेश जी और मैं नंदी

भ्रष्टïचार के कई आरोपों में घिरे विवादास्पद मंत्री गायत्री प्रजापति ने अपनी कुर्सी बचाए रखने के लिए एक और विवादास्पद बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि नेताजी भगवान शिव जैसे हैं जबकि सीएम गणेश जी जैसे और मैं नंदी समान हूं। गायत्री ने आज फिर नेताजी को खुश करने के लिए कहा कि उन्होंने सपा की रजत जयंती का न्यौता अमर ङ्क्षसह को भी भेजा है। माना जा रहा है कि अमर सिंह को न्यौता भेजे जाने की खबर से सीएम का पारा चढ़ गया है और वह एक बार फिर गायत्री को बाहर का रास्ता दिखा सकते हैं। दो दिन पहले सीएम के तेवर देखकर गायत्री सीएम निवास में उनके चरणों में गिर गए थे। गायत्री जानते हैं कि उनके ऊपर भ्रष्टïचार के इतने पुख्ता आरोप हैं कि एक भी सही जांच उन्हें जेल तक पहुंचा सकती है।

शिवपाल ने कहा सब ठीक है जो नेताजी कहेंगे वही सब मानेंगे

आज सुबह पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव समाजवादी पार्टी कार्यालय पहुंचे। उनके कार्यालय पहुंचते ही पार्टी कार्यालय में जोरदार नारेबाजी शुरू हो गई। शिवपाल यादव मीडिया से कुछ खफा दिख रहे थे और उन्होंने पत्रकारों से कहा कि उन्हें मीडिया से कोई बात नहीं करनी है। बाद में उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि पार्टी में सब ठीक है और जो नेताजी कहेंगे वहीं सब मानेंगे। शिवपाल यादव आज कुछ गुस्से में भी दिख रहे थे, जिससे पार्टी में यह चर्चा तेज हो गई कि क्या आज कुछ बड़ा फैसला हो सकता है। शिवपाल यादव खुद को मंत्री पद से हटाए जाने से बेहद नाराज हैं।

‘दलाल’ अंकल ने रामगोपाल को बताया नपुंसक

सीएम के कड़े तेवर देखकर अमर सिंह की कंपकंपी चढ़ गई है। वह यह बात अच्छी तरह जानते हैं कि नेताजी भले ही उनकी कितनी भी पैरवी करें मगर अखिलेश यादव अपनी पर आ गए तो वह कुछ भी कर सकते हैं। ऐसे में जब आज रामगोपाल यादव ने नेताजी पर निशाना साधा तो वह खुलकर नेताजी के समर्थन में आ गए और रामगोपाल को नपुंसक कहा। उन्होंने कहा कि बाप-बेटे की लड़ाई कराकर मुझे क्या हासिल होगा। सूत्र बताते हैं कि अखिलेश यादव किसी भी कीमत पर अपने इस दलाल अंकल को पार्टी में रखने को तैयार नहीं है। अमर सिंह यह भी जानते हैं कि अगर उन्हें सपा से बाहर का रास्ता दिखाया गया तो उनकी कोई राजनैतिक हैसियत नहीं बचेगी।

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