महाराष्ट्र सरकार में भाजपा मंत्री की गाड़ी से पकड़े गये 91 लाख तो उधर चुनाव आयोग ने कहा उंगली में न लगाएं स्याही

भाजपा के पूर्व मंत्री रेड्ïडी की बेटी की शादी के पांच सौ करोड़ का मामला ठंडा भी नहीं पड़ा था कि महाराष्टï्र के सहकारिता मंत्री की गाड़ी से 91 लाख हुए बरामद, चुनाव आयोग ने दिया नोटिस

captureलखनऊ। एक तरफ लोग दो हजार रुपये के लिए लाइन लगाकर नोट बदलने को परेशान हो रहे हैं तो दूसरी तरफ भाजपा के नेताओं के कृत्य से सरकार की मुसीबतें बढ़ गई हैं। आज महाराष्टï्र के सहकारिता मंत्री सुभाष देशमुख की गाड़ी से पांच सौ और एक हजार के लाखों नोट बरामद होने से विपक्ष ने हंगामा किया। उधर, चुनाव आयोग ने सरकार से कहा है कि आने वाले समय में पांच राज्यों में चुनाव होने हैं। ऐसे में उंगली में स्याही लगाने से कुछ भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है, लिहाजा उंगली में स्याही न लगाई जाये।
भाजपा के सहकारिता मंत्री सुभाष देशमुख की जिस गाड़ी से ये नकदी बरामद हुई है उस पर लोक मंगल समूह लिखा है। देशमुख से पहले भाजपा के विधायक सुधीर गाडगिल के भाई की कार से छह करोड़ रुपये की नकदी बरामद हुई थी। मंत्री ने सफाई देते हुए कहा कि यह रकम उन्होंने गन्ना मजदूरों को देने के लिए निकाली थी।
इस वाकये से महाराष्टï्र से लेकर दिल्ली तक हडक़ंप मच गया है। सूत्रों ने बताया कि चुनाव आयोग ने नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि जब पांच सौ और एक हजार के नोट बंद कर दिए गये हैं तो उनके पास से इतनी बड़ी रकम कहां से मिली।
महाराष्टï्र कांग्रेस के प्रवक्ता सचिन सांवत ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि सहकारिता मंत्री को तत्काल मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाये। इससे पहले पंजाब में एक भाजपा नेता के हाथों में दो हजार का नोट तब वायरल हो गया था जब उन्होंने पीएम की घोषणा से पहले ही यह नोट सोशल मीडिया पर डाल दिया था। इसके अलावा पीएम के नोट बंदी के ऐलान के दिन बंगाल भाजपा द्वारा करोड़ों रुपये बैंक में जमा कराने को लेकर भी भाजपा को आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।

नोट बंदी का साइड इफेक्ट
मोदी सरकार की नोट बंदी का असर अब मानवीय संवेदनाओं पर भी पडऩे लगा है। राजधानी में जहां एक ओर लोग नोटों को बदलवाने के लिए बैंकों और एटीएम में सुबह से देर शाम तक कतार लगाए हुए है वहीं दूसरी ओर एक पुजारी के जब पैसे खत्म हो गए तो उसने अपने पालतू बंदर की लाश को ही इनकम का जरिया बना लिया। पुजारी ने दुबग्गा में सडक़ के किनारे बंदर की लाश रख दी और उसके अंतिम संस्कार के लिए लोगों से पैसे मांगने शुरू कर दिए। आने-जाने वाले लोगों ने तरस खाकर कुछ पैसे उनकी झोली में डाल दिए।
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