मंत्री पवन पांडे सपा से बर्खास्त, सीएम ने शुरू की रथ यात्रा की तैयारी और शिवपाल ने खाली करना शुरू किया बंगला

यादव परिवार महासंग्राम

  • सपा में नहीं थम रहा घमासान, आशु मलिक से मारपीट के आरोप में वन राज्य मंत्री पवन पांडे को सपा से किया गया बर्खास्त
  • सीएम ने कुछ महीने पहले बर्खास्त नेताओं के साथ की बैठक और 3 नवंबर से निकलने वाली रथ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की
  • सीएम मिले गवर्नर से, सूत्रों का कहना कि 205 से अधिक विधायकों के समर्थन का खत सौंपा

 संजय शर्मा
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लखनऊ। समाजवादी पार्टी के महासंग्राम में रोज एक नया विवाद पैदा हो रहा है। आज सुबह खबर आई कि सपा मुखिया ने आशु मलिक से मारपीट के कारण वन राज्य मंत्री पवन पांडे को समाजवादी पार्टी से बर्खास्त कर दिया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद शिवपाल यादव ने अपना सरकारी बंगला खाली करना शुरू कर दिया, जिससे साफ हो गया कि वह अब मंत्री बनने नहीं जा रहे हैं। सपा में घमासान को देखते हुए आज भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सीएम आवास और पार्टी दफ्तर के आस-पास जमे हुए हैं। सीएम ने अपने करीबियों को अपने निवास पर बुलाया और तीन नवंबर से शुरू हो रही अपनी रथ यात्रा की समीक्षा की।
जिस समय सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव सभी लोगों को बुलाकर शांति की वार्ता कर रहे थे और लगभग समझौता हो गया था तभी आशु मलिक के खत को लेकर विवाद हो गया था। बाद में आशु मलिक ने यह कहकर सनसनी फैला दी थी कि मंत्री पवन पांडे ने उनकी पिटाई की। कल सीएम ने पवन पांडे को बुलाकर सारी बात पूछी भी थी। मगर तब तक किसी को अंदाजा नहीं था कि सपा मुखिया पवन पांडे के खिलाफ इतना बड़ा फैसला ले सकते हैं।
उधर, जैसे ही यह सूचना मिली कि सीएम राज्यपाल से मिलने गए हैं तो सीएम के तेवरों को देखते हुए सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने शिवपाल यादव को अपने घर बुलाया। खबर लिखे जाने तक सीएम और राज्यपाल के बीच हुई बातचीत का पूरा ब्यौरा तो नहीं मिल सका है, मगर सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को 205 से अधिक विधायकों के समर्थन का पत्र सौंप दिया है। 23 अक्टूबर को अपने निवास पर हुई बैठक में इन विधायकों से हस्ताक्षर कराए थे। सीएम ने मुख्य सचिव सहित कई बड़े अफसरों को अपने घर तलब कर लिया है।

मुलायम सिंह भी नहीं रोक पा रहे सपा के घमासान को

सपा मुखिया भी अपने राजनैतिक जीवन में कभी इतना नहीं उलझे। सपा को करीब से जानने वाले लोग कह रहे हैं कि नेताजी को अब यह बात समझ लेना चाहिए कि सपा में अगर कोई ऐसा चेहरा है जो हर धर्म और हर जाति के वोट ले सकता है तो वह सिर्फ अखिलेश यादव ही हैं। सपा में जिस तरह अखिलेश के समानांतर शक्ति के केन्द्र बनाए जा रहे हैं वह पूरी पार्टी को नुकसान पहुंचा रहे हैं। जो अखिलेश यादव की टीम का हिस्सा है और नौजवनों को बड़ी संख्या में अपने साथ जोड़े रख सकता है। उसे ही पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया जा रहा है। इन स्थितियों में सपा का सबसे मजबूत मुस्लिम वोट बैंक के खिसकने का डर बना हुआ है।

ऐतिहासिक होगी सीएम की रथ यात्रा: सुनील

विधान परिषद सदस्य सुनील साजन को भले ही पार्टी से बर्खास्त कर दिया गया हो। मगर वह सीएम की रथ यात्रा के पहले चरण की तैयारी के लिए जी जान से जुटे हैं। सुनील उन्नाव जनपद से आते हैं और सीएम की रथ यात्रा का पहला चरण लखनऊ, उन्नाव और कानपुर ही है। सुनील ने कहा कि सीएम अखिलेश की इस रथ यात्रा की शुरुआत से ही पूरा देश समझ जायेगा कि नौजवानों में सीएम अखिलेश के प्रति कितनी दीवानगी है। उन्होंने कहा कि लाखों नौजवान इस पहले चरण में ही रथ यात्रा में शामिल होकर संदेश दे देगा कि आज की तारीख में अखिलेश यादव से ज्यादा लोकप्रिय नेता कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि रथ यात्रा की शुरूआत से ही हजारों नौजवान सीएम के साथ चलेंगे।

अमर सिंह के कुत्ते बने होर्डिंग लगाए युवा नेताओं ने

यूथ लीडर की सबसे ज्यादा नाराजगी अमर सिंह को लेकर है। जिस तरह से खुद मुख्यमंत्री ने कहा कि दलाल अमर सिंह ने उनके घर में साजिश रची, उससे नौजवान बेहद नाराज है। परसो जब सीएम का गला यह सब बातें बताते-बताते रूंध गया और आंखों में आंसू आ गए तो हजारों नौजवान रोने लगे और सब अमर सिंह को बेहद अपशब्द कहने लगे। युवा नेताओं का गुस्सा आज लखनऊ की सडक़ों पर भी देखने को मिला, जब जगह-जगह अमर ङ्क्षसह की कुत्ता की शक्ल में होर्डिंग सडक़ों पर नजर आने लगी। इन होर्डिंग में कुत्ते की शक्ल की जगह अमर सिंह का फोटो लगाया गया है उस पर लिखा है मैं अमर सिंह हूं मैं बीजेपी का एजेंट हूं और मैं घर तोडऩे में मािहर हूं। लखनऊ लगी यह होर्डिंग चर्चा का विषय बनी हुई हैं।

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