भाई चारा सम्मेलनों में उमड़ती भीड़ से बसपाई उत्साहित

  • पार्टी के महासचिव सतीश चंद्र मिश्र ने किया ब्राह्मïण व दलितों को एक मंच पर आने का आह्न

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
captureलखनऊ। सोशल इंजीनियरिंग फार्मूले के जरिए अपने 2007 के स्वर्णिम काल को वापस लाने में जुटी बसपा 2017 के चुनाव में फेर बदल कर सकती है। इसका अनुमान पार्टी के आयोजित हो रहे सामाजिक भार्ईचारा सम्मेलनों में उमडऩे वाली भीड़ से लगाया जा रहा है। रायबरेली के सलोन में आयोजित सामाजिक भाईचारा सम्मेलन में भी काफी भीड़ उमड़ी थी। इसलिए बसपा सुप्रीमो आने वाले चुनाव के मद्देनजर कुछ नये फैसले ले सकती हैं।
बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चन्द्र मिश्र ने कहा है कि भाजपा और सपा एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ये दोनों पार्टियां समाज को आपस में लड़वाकर वोट की राजनीति करती हैं। चाहे भाजपा हो, सपा हो या कांग्रेस हो, वे लोगों को आपस में लड़ाकर और भाईचारा तोडक़र वोट बैंक बढ़ाना चाहती हैं। जबकि बसपा सबको साथ लेकर चलने में यकीन रखती है। हम भाईचारा बनाकर चलते हैं और वे तोडक़र चलते हैं। बहुजन समाजपार्टी और इन पार्टियों के बीच सबसे बड़ा फर्क यही है। बसपा और इन पार्टियों के बीच यही फर्क है। उन्होंने कहा कि यह किसी से छुपा नहीं है कि भाजपा और सपा एक साथ मिलकर चुनाव लड़ते हैं। वे दोनों एक ही सिक्के के पहलू हैं। वे एक साथ रणनीति बनाते हैं और दंगे कराकर तथा लोगों को लड़ाकर वोट की राजनीति करते हैं। सपा एक वर्ग को डराकर वोट लेती है। यही काम भाजपा भी करती है। आज उनके चेहरे बेनकाब हो गए हैं। राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि 2017 के चुनाव में बसपा का परचम पूरे प्रदेश में फहरेगा। एक महीने के अंदर चुनाव की घोषणा हो जाएगी।

Pin It